हरियाणा के प्रसिद्ध मेले (Haryana Famous Top Fair)

प्रिय पाठकों, GK247 के माध्यम से आज हम लेकर आए है जिससे आप आने वाले HSSC, SSC, Bank Jobs आदि अनेक प्रकार की प्रतियोगिता परीक्षाओं की तैयारी कर सकते है यहाँ आपको हरियाणा के प्रसिद्ध मेले भाग जिले अनुसार देखने को मिलेंगे यदि फिर भी कोई मेला रह जाता है तो  हमारे साथ कॉमेंट बॉक्स मे सांझा कर सकते है 

हरियाणा के प्रसिद्ध मेले भाग

भारत देश मे हरियाणा की संस्कृति की एक अलग ही पहचान है। यहां की संस्कृति पूरे देश मे फैली हुई है। हरियाणा के प्रसिद्व मेले, त्यौहार, नृत्य आदि समय समय पर हर वर्ग के लोग अपनी अपनी इच्छानुसार बड़ी धूमधाम से मनाते है। हरियाणा लोग अपनी संस्कृति व कलानुसार सारे पर्व एक साथ मिलकर मनाते है, हरियाणा के जिले कुरुक्षेत्र (जो श्रीमद्भागवत गीता की जन्मभूमि है) में सूर्यग्रहण का बहुत बड़ा मेला लगता है, इस मेले को देखने के किये दुनिया के कोने कोने से लोग आते है और उन मेलों का लुफ्त उठाते है।हरियाणा के प्रसिद्ध मेले कुछ मेले ऐसे है जो पूरे हरियाणा प्रदेश मे लगाए जाते है जैसे तीज का मेला, जनमाष्टमी का मेला, दशहरा का मेला, रक्षाबंधन का मेला व गोगापीर का मेला आदि जो पूरे जिले मे लगाए जाते है लेकिन फिर भी हम आपको हरियाण के प्रसिद्व मेले जिलानुसार बताने जा रहे है जिसका विवरण निम्न प्रकार से दिया हुआ है। 

पंचकूला जिले के मेले

मेंगो मेला

यह मेला पिंजौर गार्डन में लगता है इसे फिदाई खां कोका ने बनवाया था, ये बहुत बड़े मुगल दरबार के बादशाह थे और औरेंगजेब के चेचरे भाई थे। इसे पिंजौर गार्डन, याज्ञवेन्द्र गार्डन भी कहते है। इसे हरियाणा का मुगल गार्डन भी कहा जाता है यह जुलाई के पहले सप्ताह में लगता है

बैशाखी मेला

यह अप्रैल के महीने में लगाया जाता है

हेरीटेज मेला

यह दिसम्बर के महीने में लगाया जाता है, और यह मेला एक फ़ेस्टिवल के रूप में आयोजित किया जाता है, यह मेला पंचकूला के पिंजौर गार्डन में लगाया जाता है और यह भी हरियाणा के प्रसिद्ध मेले भाग-1 मे से एक है। हिमाचल प्रदेश से काफी श्रद्धालु इस मेले का लुफ्त उठाते है, क्योकि इस मेले में हरियाणा की संस्कृति की झलक साफ दिखाई देती है

काली माई का मेला

यह मेला कालका में लगाया जाता है यह काली माता के नाम से प्रसिद्व है इस मेले में लाखों श्रद्धालु हर साल दर्शन करने आते है और यह चैत्र शुक्लपक्ष चतुर्थी को आयोजित किया जाता है ऐसा माना जाता है की इस मंदिर में लोग शराब चढ़ाना शुभ मानते है।

फरीदाबाद जिले के मेले

बाबा उदास नाथ का मेला

यह मेला अलावलपुर गांव में लगाया जाता है ऐसा माना जाता है बाबा उदासपुर आने से पहले कुरारा गांव गए थे जहां उन्हें समाधि के लिए जगह मांगी थी लेकिन वहाँ के लोगों ने कहा कि हमे यहाँ बस्तियां बसानी है उस समय वहां 9 ही घर थे।

बाबा ने कहा कि यहां 9 ही घर रहंगे और उनकी वाणी सत्य साबित हुई उसके बाद ये अलावलपुर गाँव मे आये, वहां के लोगों ने इन्हें समाधि बनाने के लिए जगह दी तब से वहां ये मेला लगाया जाता है और इसे बनी वाला मन्दिर भी कहते है

फुलडोर का मेला

यह मेला अटरचट्टा में चैत्र कृष्ण पक्ष की दिवतीय को लगाया जाता है

दादा कान्हा रावत का मेला

मुगल सम्राट औरेंगजेब  के खिलाफ बिगुल बजाने वाली वीर कान्हा रावत  1682 ईस्वी म शहीद हुए का नाम आज भी याद किया जाता है व इतिहास के सुनहरो पन्नो में लिखा जाता है उनके पैतृक गाँव बहीन में यह मेला लगाया जाता है।

औरेंगजेब ने इनको जिंदा गढ़वा दिया था और उसी स्थान पर एक गौशाला बनी थी जहां पर ये मेला का आयोजन हर साल शहीदी दिवस पर  किया जाता है ताकि युवा पीढ़ी इनके जीवन से प्रेरणा ले सके।

कार्तिक अमावस्या का मेला

यह मेला फरीदाबाद जिले के वल्लभगढ़ में लगाया जाता है इस मेले का उद्देश्य वल्लभगढ़ के राजा नाहर सिंह के महल को पर्यटन के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ावा देना है , यह मेला नवंबर महीने का आस पास मनाया जाता है हरियाणा के पर्यटन विभाग द्वारा विकसित किया गया है इस मेले का उद्घाटन एक बार भारत के उपराष्ट्रपति श्री कृष्णकांत ने किया था

कनुवा का मेला

यह मेला गाठोता में भादो कृष्ण पक्ष की एकदशी के दिन लगाया जाता है

बलदेव छठ का मेला

यह मेला फरीदाबाद जिले के वल्लभगढ़ में लगाया जाता है यह मेला भगवान श्री कृष्ण के बड़े भाई बलराम व बलदाऊ के जन्म अवसर पर बड़े धूमधाम से मनाया जाता है यह मेला अगस्त व सितम्बर माह म लगाया जाता है इस मेले में बच्चों वे लिये मनोरंजन, झूले, व्यंजनों की पूरी व्यवस्था की जाती है

कालका का मेला

यह मेला फरीदाबाद जिले के वल्लभगढ़ से लगभग 22 किलोमीटर दूर मोहना गाँव के जंगलों में लगाया जाता है यह बहुत पुराना मन्दिर है ऐसा माना जाता है कि जब पांडव जब यहा से गुजर रहे थे तो उन्होंने इस मंदिर में विजयी होने का आशीर्वाद मांगा था, यहाँ पर दिल्ली, उत्तरप्रदेश आदि राज्य से लोग दर्शन करने आते है, इसे काली माता का मंदिर भी कहते है

यह हरियाणा के प्रसिद्व मेले भाग-1 मे से एक है खासतौर पर यहां नवरात्रों के दिन यहां बहुत बड़ा मेला लगता है व हर महीने की अष्टमी व सप्तमी  को भक्तो व श्रद्धालुओं की भीड़ लगती है, इसे मोहनगढ़ वाली काली माता के नाम से भी जाना जाता है इसकी मूर्ति अष्ट धातु की बनी हुई है

जन्माष्टमी का मेला

यह मेला फरीदाबाद जिले के धतीर गाँव मे अष्टमी को लगाया जाता है, भगवान श्री कृष्ण के जन्मदिन पर ये मेला आयोजित किया जाता है और इस दिन झांकियां भी निकाली जाती है

गोगापीर का मेला

यह मेला बहबलपुर में लगाया जाता है और यह नवमी के दिन लगता है इस मेले वाले दिन या मेले से एक दिन पहले महिलाएं आने घरों में गोगामेड़ी या गोगापीर की पूजा करती है

शिव चौदस का मेला

यह मेला फरीदाबाद के रामगंगा के किनारे बसे मटौली में आयोजित किया जाता है इस मेले में भगवान शिव की आराधना के लिये हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान, उत्तरप्रदेश आदि राज्यों से लाखों श्रद्धालु आते है ऐसा माना जाता है कि महाशिवरात्रि के दिन शिवजी की भक्त महादेव की पूजा करते है और उनकी इच्छा पूरी करते है और महाशिवरात्रि व चौदस के दिन यहां चेघड़ चढ़ाई जाती है। 

सूरजकुण्ड का मेला

यह मेला फरीदाबाद जिले के सूरजकुण्ड के लगाया जाता है, यह मेला हरियाणा के प्रसिद्ध मेले भाग-1 में से एक है यह वर्ष 1987 के शुरू किया गया था इस मेले का आयोजन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर किया जाता है यह अपने हस्तशिल्प मेले के लिए प्रसिद्ध है इस शिल्प मेले में अपने आप एक हथकरघा व देश के सभी हस्तशिल्प व हर प्रकार की हाथ से बनी हुई आकृतिया, व्यंजन व मिट्टी के बर्तन आदि वस्तुओं का प्रयोग करके इस मेले की शोभा बढ़ाते है।

इस मेले के लगभग 15 से 20 देश  शामिल होते है और इस मेले में लुफ्त उठाते है, यह मेला हर साल 1 फरवरी से 15 फरवरी तक लगाया जाता है और इस मेले में राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय स्तर के कलाकार शामिल होते है व अपनी प्रस्तुति पेश करते है।

यह मेला पूरे भारत देश मे प्रसिद्ध है क्योंकि इस मेले में हरियाणा को नही बल्कि पूरे भारत देश की संस्कृति की झलक दिखाई देती है इस मेले का उद्घाटन व समापन देश के राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री या अन्य कोई बड़ी हस्ती द्वारा किया जाता है। सूरजकुण्ड मेला हरियाण के प्रसिद्ध मेले में से एक है।

रक्षाबंधन का मेला

यह मेला पलवल जिले के पंचवटी में लगाया जाता है ऐसा माना जाता है कि यह पांडवो से पहले का मंदिर है और अज्ञातवास के दौरान कुछ दिन पाण्डव इस मंदिर के ठहरे थे।बाबा त्रिखा राम दस जे घोर तपस्या की थी। इसे पंचवटी मंदिर भी कहा जाता है। सावन के सोमवार को शिव जी श्रृंगार किया जाता है।

भिवानी जिले के मेले

दशहरा का मेला

यह मेला पूरे भारत वर्ष में प्रसिद्ध है और हरियाणा के प्रसिद्व मेले में एक है यह लगभग पूरे हरियाणा में धूमधाम से मनाया जाता है इसके साथ यह लोहारू, दादरी में विजय दशमी के दिन लगाया जाता है और इस दिन राम और रावण की झांकियों ननिकाली जाती है और श्री रामचन्द्र जी रावण पर बुराई की अच्छाई की जीत के साथ खुशियां मनाते है।

नागा बाबा का मेला

यह भिवानी जिले के नवारागढ़ गाँवके लगाया जाता है और श्री नागा बाबा की पूजा की जाती है ग्राम पंचायत व श्री नागा बाबा जनकल्याण समिति द्वारा इस मेले का आयोजन किया जाता है।

पूर्णमासी का मेला

यह मेला तोशाम में लगाया जाता है 

बाबा खेड़े वाला का मेला

यह मेला भिवानी जिले के बमल गाँव के पास नौरंगाबाद में लगाया जाता है या मेला खासतौर पर रक्षाबंधन के दिन लगाया जाता है, इन मेले के कई लोग बाबा खेड़ेवाला की पूजा करते है, इस मेले के नजदीक बाबा धर्म नाथ का मंदिर भी है

मुंगीपा का मेला

यह मेला भिवानी जिले के रिवासा में लगाया जाता है यह मेला साल में दो बार लगाया जाता है यह तोशाम की पहाड़ी के मध्य में स्थित है इस मंदिर में बाबा मुंगीपा की समाधि बनी है है हर मंगलवार को यहाँ हजारो की संख्या में लोग दर्शन करने आते है 

इस पहाड़ी पर आठ कुंड बने है जिसे पांडु तीर्थ के नाम से जाना जाता है और 13 दिन पांडवों ने बाबा मुंगीपा के मंदिर में व्यतीत किए थे, ऐसा माना जाता है यहां एक शिवलिंग है जो अपने आप उभर कर आया था। इस पहाड़ी के पास बने 2 बड़े चिह्न है जिसे भीम के गोड़े कहा जाता है।

सती का मेला

यह मेला भिवानी के गांव खरक कलां में लगाया जाता है यह दादी सती जाबदे की एडम लगाया जाता है इस मेले में भारी संख्या में लोग दादी सती की पूजा करके मन्नत मांगते है 

गुरग्राम जिले के मेले

शीतला माता का मेला

यह मेला भी हरियाणा के प्रसिद्व मेले में एक है यह गुरग्राम में लगाया जाता है यह मेला लगभग 3 महीने तक चलता है यह भी हरियाणा के प्रसिद्ध मेले मे से एक है। इस मेले में लाखों श्रद्धालु दूर दराज से आते है और मंदिर में सच्ची श्रद्धा से कुछ मांगते है तो माता उन्हें कभी निराश नहीं करती।

नवरात्रों के 9 दिन भारी भीड़ देखने को मिलती है क्योंकि शीतला माता को 9 दुर्गों में सप्तकाल रात्रि माता के रूप में मनाया जाता है कुछ भक्तों का कहना है कि यह गुरुद्रोण कि पत्नी व कृपयाचार्य की बहन है तालाब में खुदाई के दौरान माता शीतला की मूर्ति प्रकट हुई थी।

बुधो माता का मेला

यह मेला गुरग्राम के फरूखनगर के मुबारिकपुर गाँव मे लगाया जाता है, इस मंदिर में पूजा अर्चना करने की परंपरा है यह मार्च महीने में लगाया जाता है इस मेले में उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, दिल्ली ज़ हिमाचल प्रदेश आदि राज्यों से श्रद्धालु आते है।

गोगा नवमी के मेला

यह मेला भादो मास की नवमी को इस्लामपुर में लगाया जाता है उस मेले में गोगपीर की पूजा की जाती है यह भी हरियाणा के प्रसिद्ध मेले मे से एक है।

महादेव का मेला

यह मेला गुरग्राम के इच्छापुरी में लगाया जाता है, सभी श्रद्धालुओं की इच्छा पूरी होने के कारण इस मंदिर का नाम इच्छापुरी पड़ा, क्योंकि यहां शिवलिंग खुद प्रकट हुए थे और यह मेला साल में दो बार लगाया जाता है इस मंदिर के लाखों श्रद्धालु व कावड़िये हरिद्वार से गंगाजल लाकर शिवरात्रि के दिन महादेव को कावड़ चढ़ाते है

बूढ़ी तीज का मेला

यह आलदोका गाँव मे लगाया जाता है इस दिन बड़े दंगल का आयोजन किया जाता है और बच्चों के मनोरंजन के लिए झूले व खाने पीने की स्टॉल लगाई जाती है यह मेला मुस्लिम समुदाय द्वारा लगाया जाता है।

भक्त पूरणमल का मेला

यह मेला मानेसर के नज़दीक कासन गाँव मे लगाया जाता है यह सितम्बर के महीने (भादो माह) में लगाया जाता है इस दिन बाबा बिसह भगत पूरणमल की पूजा करते है और यह मेला 3 से 4 दिन तक चलता है और लाखो की भीड़ जमा होती है

शाह चोखा खोरी का मेला

यह मेला खोरी नामक स्थान पर लगाया जाता है और यह गर्मियों के मौसम अपैल मई में लगाया जाता है और यह मेला भी मुस्लिम समाज के द्वारा लगाया जाता है इस मस्जिद के पास मक्का मस्जिद भी है।

शिवजी का मेला

यह मेला गुरुग्राम के पुन्हाना गाँव मे फरवरी महीने में लगाया जाता है।

अम्बाला जिले के मेले

तीज का मेला

यह मेला अंबाला के पँजाखेड़ा साहिब नामक स्थान पर लगाया जाता है और यह जिले का सबसे पुराना तीज का मेला है यह मेला खासतौर पर पुरुषों द्वारा मनाया जाता है जहां महिलाओं भी आ सकती है पूरे विश्व के दो ही जगहों पर तीज का मेला पुरषों द्वारा मनाया जाता है एक पंजाब और अम्बाला में लगाया जााता हैै

वामन द्वादशी का मेला

यह मेला काफी पुराना है भगवान विष्णु के वामन रूप का मंदिर अकेले कानपुर में है लेकिन अम्बाला में नौरंगराय तालाब व बड़ा ठाकुरद्वारा में वामन अतवार की मूर्ति लगी है और यह भादो मास की द्वादशी के दिन बड़े धूमधाम से मनाया जाता है

शारदा देवी का मेला

यह मेला नो गजा पीर बाबा की सेवादार शारदा देवी की याद में मनाया जाता है और यह अम्बाला जिले के त्रिलोकपुर में मनाया जाता है

अम्बिका देवी का मेला

अम्बाला शहर के बीचों बीच अम्बिका देवी का मंदिर है जो 300 साल पुराना है और कहा जाता है कि इस मंदिर के अम्बिका देवी प्रकट हुई थी जिसकी वहज से इस शहर का नाम अम्बिका पड़ा था इस मंदिर में पूजा अर्चना करने से सारे कष्ट दूर होते है और मंदिर में बाहर बहुत बड़ा मेला लगता है

गोगा नवमी के मेला

अंबाला के केसरी नामक जगह पर येह मेला भादो माह में लगाया जाता है

हिसार जिले के मेले

नवरात्रि का मेला

यह हिसार जिले के बनभौरी मन्दिर में लगाया जाता है षष्ठी से अष्टमी तक यह लाखो श्रद्धालु आते है और मेले में चुनी, आभूषण, कंबल आदि मन्दिर म चढ़ाते है।

जन्माष्टमी का मेला

यह मेला पूरे हरियाणा के प्रसिद्ध मेले में से एक है यह अधिकतर हर जिले में मनाया जाता है गुरु जम्बेश्वर व श्रीकृष्ण के जन्म दिवस के उपलक्ष्य में मनाया जाता है

गोगा नवमी के मेला

यह हरियाणा के सभी जिलों में मनाया जाता है और हिसार जिले में शुक्ल पक्ष को मनाया जाता है और लाखो श्रद्धालु इस मेले में गोगाजी की समाधि पर माथा टेकते है

शिवजी का मेला

यह मेला आदमपुर से 10 किमी दूर सीसवाल मे लगाया जाता है और इसके साथ यह किरमारा में भी लगाया जता है

काली देवी का मेला

यह हिसार जिले के हांसी में लगाया जाता है और इस मेले में काली देवी की पूजा की जाती है

अग्रसेन जयंती के मेला

महाराजा अग्रसेन की याद में यह मेला अग्रोहा नामक स्थान पर लगाया जाता है और हिसार और फतेहाबाद से काफी श्रद्धालु इस मेले मे आते है यह छोटा पिकनिक स्थल भी है यह पर हजारों की संख्या में लोग पिकनिक मनाने आते है और एक गुफा भी है जिसके साथ यहां बजरंग बली हनुमान की बहुत बड़ी पत्थर की मूर्ति बनाई हुई है |

युमनानगर जिले के मेले

गोपाल मोचन मेला

यह यमुनानगर के ऐतिहासिक तीर्थ स्थल बिलासपुर में हर साल कार्तिक पूर्णिमा व गुरु नानक जयंती पर लगाया जाता है यह जगाधरी से लगभग 17 किमी दूर है यहां पर संत व श्रद्धालू तीन सरोवर पर बारी बारी से स्नान करते है कृपाल मोचन, ऋण मोचन व सूरज कुंड

ऐसा माना जाता है कि 1679 ईसवी में गुरु गोबिंद सिंह यहां आकर रुके थे और करीब 52 दिन तक इसी स्थान पर रुके थे और पूजा करतर थे द्रोपदी व पांच पांडवो ने भी इस मंदिर का दौरा किया था यह कपाल मोचन के नाम से भी प्रसिद्ध है पुराणों में कपालमोचन सरोवर का प्राचीन नाम सोमसर एवं औशनस तीर्थ था। जिसका उल्लेख महाभारत और वामन पुराण में मौजूद है।

फतेहाबाद जिले के मेले

ढिंगसरा का मेला

यह मेला फतेहाबाद से 10 किलोमीटर दूर ढिंगसरा गांव में लगाया जाता है और इस मेले में हिसार, फतेहाबाद, सिरसा जिले के लाखों श्रद्धालु आते है इसे मानसागर का मेला भी कहा जाता है हरियाणा के प्रसिद्ध मेले भाग-1

प्रिय पाठकों,आशा करता हु कि हरियाणा के प्रसिद्ध मेले भाग-1 जिले अनुसार पढ़कर आप संतुष्ट होंगे अगर फिर भी हरियाणा के प्रसिद्ध मेले भाग -1 में कोई मेला रह जाता है तो  हमारे साथ कॉमेंट बॉक्स मे सांझा कर सकते है

कैथल जिले के मेले

फाल्गु का मेला

यह कैथल और कुरुक्षेत्र से 25 किलोमीटर दूर पूंडरी के पास फरल गांव में लगाया जाता है दूर दूर से इस मेले श्रद्धालु पिंडदान करने के लिए आते है महाभारत एवं वामन पुराण में इस तीर्थ का उल्लेख देवताओं की विशेष तपोस्थली के रूप में मिलता है।

पुंडरिक का मेला

यह मेला कैथल जिले के पूंडरी में लगाया जाता है और यह मेला ऋषि पुंडरिक के नाम पर अप्रैल महीने में  लगाया जाता है जो हिन्दुओ द्वारा पूजा जाता है

बाबा लूदाना का मेला

यह मेला कैथल के गांव लूदाना में हर वर्ष दशहरा, एकादशी व द्वादशी को विशाल मेला लगाया जाता है

करनाल जिले के मेले

बाबा सिमरन दास का मेला

यह मेला करनाल जिले कब इंद्री मकस्बे म लगाया जाता है इस मंदिर में बाबा सिमरन दास की समाधि बनी हुई है इसीलिए यह मेला उनकी समाधि पर अक्टूबर महीने में लगाया जाता है

देवी का मेला

यह मेला करनाल जिले के पटहेड़ा गांव में लगाया जाता है इस मेला के थोड़ी ही दूरी पर भगवान शिवजी म मन्दिर है और यह मेला अप्रैल महीने में लगाया जाता है

गोगपीर का मेला

यह मेला खेड़ा नामक जगह पर लगाया जाता है इस मेले में भादो शुक्लपक्ष के नवमी के दिन गोगा बाबा को प्रसाद चढ़ाते है व माथा टेकते है

परासर का मेला

यह करनाल जिले के तरावड़ी के पास बहलोलपुर गांव में महृषि तीर्थ में प्राचीन शिव मंदिर में लगाया जाता है इस माना जाता है कि महर्षि पाराशर, जिनकी ज्योतिष विद्या पूरे संसार में विख्यात है, इस मंदिर में तपस्या के लिए आए थे।महाभारत में दुर्योधन का वध यहीं हुआ था, जिसके बाद युद्ध समाप्त हो गया था।

यह मंदिर लगभग 32 एकड़ में फैला हुआ है और लोग मानते है कि इन मन्दिर में एलर्जी वाले लोग यहां स्नान करने आते है यदि 5 रविवार लगातार इस मंदिर में स्नान कर ले तो उसका रोग समाप्त हो जाता है|

पाण्डु का मेला

यह करनाल जिले के असन्ध में पपहाना में लगाया जाता है और यह मेला हर महीने लगाया जाता है इस मेले में श्रद्धालु स्नान करते है

छड़ियों का मेला

यह करनाल जिले के अमपुर नामक जगह पर लगाया जाता है उस मेले में धार्मिक छड़ी की पूजा की जाती है और यह सितंबर महीने में लगाया जाता है

जींद जिले के मेले

हटकेश्वर का मेला

यह मेला जींद जिले के हाट गाँव मे लगाया जाता है और यह सावन महीने के अंतिम शनिवार व रविवार को लगाया जाता है यहां पर महृषि दधीचि की तपस्थिली है

महाभारत युद्ध के समय इस स्थल को धार्मिक स्थल माना जाता है क्योकि यह श्रद्धालुओं के लिए  महर्षि दधिचि के रूप में दादा तीर्थ का भव्य मंदिर, बड़ा सरोवर, बाग, गौशाला, ऊंचे टीले पर बना दूधाधारी मंदिर विशेष आस्था का केंद्र भी बने हौ ताकि श्रद्धालु सभी के दर्शन कर सके।

बिलसर का मेला

यह मेला जींद जिले के हंसहैदर नामक जगह पे सोमवती अमावस्या के दिन लगाया जाता है

सच्चा सौदा का मेला

यह जींद जिले के सिंहपुरा गांव में लगाया जाता है और यह मेला गुरु तेग बहादुर की याद में व गुरु पर्व की पूर्णमासी के दिन लगाया जाता है इस मेले में ज्यादातर सिक्ख समाज के लोग देखने आते है

धमतान साहिब का मेला

यह मेला नरवाना से 10 किलोमीटर दूर जींद जिले में गुरुद्वारा धमतान साहिब नोवी पातशाही के पास लगाया जाता है ऐसा माना जाता है कि सिक्खों के नौवें गुरु श्री गुरु तेग बहादुर यहां आकर रूके थे तब से यहां मेला लगाया जाता है और यह हिंदू व सिक्खों की एकता का प्रतीक है

रामरायहद का मेला

यह मेला जींद जिले में बैसाखी व कार्तिक महीने की पूर्णमासी को लगाया जाता है यहां महर्षि परशुराम का मंदिर है जिसमे श्रद्धालु पूजा करते है

कुरुक्षेत्र जिले के मेले

सूर्यग्रहण का मेला

यह मेल  ब्रह्मसरोवर पर कुरुक्षेत्र में लगाया जाता है और यह पूरे भारत व हरियाणा के प्रसिद्ध मेले भाग-2 में से एक है और यह श्रद्धालु सूर्यग्रहण के दिन इक्कठे होकर ब्रह्मसरोवर पर स्नान करते है और इस माना जाता है कि कुरुक्षेत्र में सूर्य ग्रहण तब  दिखाई देगा, जब तीनों लोकों के सभी तीर्थ तालाब और पवित्र नदियों तथा सभी देवी देवताओं का वास कुरुक्षेत्र के तीर्थों में होता है।

पेहोवा का मेला

यह मेला कुरुक्षेत्र से 28 किलोमीटर दूर सरस्वती नदी के तट पर लगाया जाता है  पिहोवा स्थित सरस्वती तीर्थ पर पितरों के लिए श्राद्ध, पिण्ड व तर्पण देने का विधान है। इस तीर्थ स्थल पर पृथ्वीश्वर महादेव का मंदिर है और मन्दिर के साथ ही कार्तिकेय मन्दिर है जहाँ कार्तिक को तेल चढ़ाया जाता है।

 

इस मन्दिर में महिलाओं का प्रवेश नही कर सकती है सरस्वती के इस पावन तीर्थ पर चैत्रमास की कृष्ण चतुर्दशी पर भारी मेला लगता हैं जिसमें हजारों की संख्या में श्रद्धालु स्नान व पिण्डदान हेतु यहाँ आते हैं।

यह भी है हरियाणा के प्रसिद्व मेले भाग-2 में से एक है जोचतुदर्शी पर आयोजित इस मेले का उल्लेख सरस्वती तीर्थ परिसर में स्थित बाबा गरीबनाथ के डेरे पर लगे प्रतिहार कालीन शिलालेख में भी मिलता है

देवी का मेला

यह मेला कुरुक्षेत्र जिले के शाहाबाद नामक स्थान पर लगाया जाता है यह हर साल चैत्र सप्तमी से दशमी तक लगाया जाता है इस मेले में श्रद्धालु सप्तमी को व्रत रखते है और अष्टमी को कढ़ाई करके मंदिर में पूजा करते है

मारकंडा का मेला

यह मेला कुरुक्षेत्र जिले के शाहाबाद में लगाया जाता है यहां पर मारकण्डेशवर मन्दिर है जिसमे यह मेला लगाया जाता है। इस मेले म काफी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ जमा होती है सीए बच्चों के तरह तरह के झूले व पकवान आदि की स्टाल लगाई जाती है

महावीर जयंती का मेला

यह मेला कुरुक्षेत्र जिले के लाडवा नामक स्थान पर लगाया जाता है और यह मेला महावीर जयंती के उपलक्ष्य में हर साल लगाया जाता है

बैशाखी का मेला

यह मेला कुरुक्षेत्र जिले में  हर साल 13 अप्रैल को मनाया जाता है और बैशाखी का पर्व रबी की फसल पक जाती है उसके बाद यह मेला लगाया जाता है इस दिन सांस्कृतिक कार्यक्रम किया जाते है और लोग पिले वस्त्र पहनकर अनुष्ठान करते है

महेन्द्रगढ़ जिले के मेले

ढोसी का मेला

यह मेला नारनौल से 8 किलोमीटर दूर च्यवन ऋषि की याद में, सोमवती अमावस्या के अवसर पर एक बड़ा मेला लगाया जाता है। यह एक पवित्र स्थान है और इसे तीर्थ के रूप में भी जाना जाता है

बाबा भिलाई नाथ का मेला

यह मेला महेन्द्रगढ़ जिले के नांगलगढ़ क्षेत्र में फाल्गुन शुक्ल पक्ष को लगाया जाता है

बाबा केसरिया स्मृति का मेला

यह मेला महेन्द्रगढ़ जिले के गाँव मंडोला में हर साल दो दिवसीय मेला भादो कृष्ण पक्ष को लगाया जाता है

तीज का मेला

यह मेला नारनौल में श्रावण शुक्ल तृतीया को लगाया जाता है

शिवजी का मेला

यह मेला बागौत में लगाया जाता है यह धार्मिक रूप से एक बहुत महत्वपूर्ण स्थान है और महेंद्रगढ़ से 25 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यहां एक प्रसिद्ध शिव मंदिर है। सावन के महीने में शिव-रात्रि की पूर्व संध्या पर एक बड़ा मेला लगाया जाता है

भूरा भवानी का मेला

यह मेला महेन्द्रगढ़ से 2 किलोमीटर की दूरी पर स्थित माता भवानी देवी के मंदिर में लगाया जाता है यह मंदिर गाँव बसने से पहले का है मन्नत पूरी होने के कारण व श्रद्धा बढ़ने के कारण इन मन्दिर की दिन प्रतिदिन लोकप्रियता बढ़ती जा रही है

हनुमान जी का मेला

यह महेन्द्रगढ़ जिले के खंड अटेली के राता गाँव मे हनुमान जी का बड़ा मेला लगाया जाता है

पानीपत जिले के मेले

माता का मेला

यह मेला पानीपत के तिवाह व बहौली जगह पर लगाया जाता है सुर चैत्र महीने में माता की पूजा की जाती है ऐसा माना जाता है कि माता का पूजा करने से बच्चों को बीमारियों से छुटकारा मिल जाता है

कलंदर की मजार का मेला

यह मेला बू अली शाह कलन्दर की दरगाह पर लगाया जाता है यह दरगाह 700 वर्ष पुरानी है जिसमें श्रद्धालु भारी संख्या में पारंपरिक कव्वालों के शानदार प्रदर्शन का आनंद लेने के लिए आते हैं।

शिवरात्रि का मेला

यह मेला भादढ़ गांव में शिवरात्रि के अवसर पर बहुत बड़ा मेला लगता है इस माना जाता है कि यहां शिव मंदिर में शिवलिंग खुद उत्पन्न हुए थे

पाथरी माता का मेला

यह मेला पानीपत सीक पाथरी गांव में चैत्र व आषाढ़ महीने के हर बुधवार को मेला लगाया जाता है इसे माता धतूनी के नाम भी जाना जाता है यह मंदिर 500 वर्ष पुराना है

रेवाड़ी जिले के मेले

बाबा सुरजगिरी का पौराणिक मेला

यह मेला रेवाड़ी जिले के खोरी गाँव मे चैत्र कृष्ण पक्ष के प्रथम को लगाया जाता है

बाबा पीर का मेला

यह मेला रेवाड़ी के धारूहेड़ा स्थान पर चैत्र कृष्ण पक्ष की चौदस को लगाया जाता है

गोगा नवमी का मेला

यह रेवाड़ी जिले के गांव बीकानेर में स्थित जहार पीर गोगा महाराज के मंदिर में लगाया जाता है और हर साल बाबा की स्मृति में विशाल कुश्ती का आयोजन किया जाता है

बसंत पंचमी का मेला

यह मेला काठुवास स्थान पर लगाया जाता है यह माघ महीने के शुक्ल पंचमी को लगाया जाता है|

शिवरात्रि का मेला

यह मेला महाशिवरात्रि के अवसर पर लगाया जाता है और यह खड़गवासज़ चिमना वास् व कन्हौरी नमक स्थान पर लगाया जाता है

सिरसा जिले के मेले

तीजो का मेला

यह मेला शुक्ल तीज पर लगाया जाता है इस दिन महिलाएं झूले झूलती है और मेले का भरपूर आनंद लेती है

 

गणगौर का मेला

इस मेले में नवविवाहित महिलाएं व युवतियां होली के बाद 16 दिन गणगौर की पूजा करती है और यह मेला चैत्र महीने के शुक्ल पक्ष तृतीया को लगाया जाता है

बाबा सरसाईनाथ का मेला

यह मेला बाबा सरसाई नाथ मंदिर में लगाया जाता है और या एक।प्राचीन मंदिर है ऐसा माना जाता है कि सिरसा जिले की स्थापना सरसाईनाथ के नाम से हुई थी

बाबा भूमण शाह का मेला

बाबा भूमण शाह का मन्दिर सिरसा जिले के गांव शाहपुर बेगू में स्थित है उस मंदिर में यह मेला दो से तीन दिन तक लगाया जाता है इसके साथ ही यह मल्लेवाला, चकबानी व गीदड वाली में भी लगाया जाता है

रामदेव जी का मेला

भादो मास की दसवीं पर यह मेला गिरोरानी व चोपटा के पास कागदाना नामक स्थान पर लगाया जाता है

राधास्वामी का मेला

यह मेला सिरसा जिले के स्किन्दरपुर में हर साल लगाया जाता है और यह मेला भी हरियाणा के प्रसिद्व मेले भाग-2 में एक है इसीलिए यहां हर वर्ष राधा-स्वामी ब्यास के सिकंदरपुर डेरा में होने वाले सत्संग में हजारों श्रद्धालु पहुंचते है

गुरु नानक देव का मेला

वर्तमान में गुरुनानक देव जी की तपस्थली पर गुरुद्वारा चिल्ला साहिब बना हुआ है। ऐतिहासिक गुरुद्वारा श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। और यह गुरु नानक देव जी 40 दिनों तक रुके थे उर इसी की याद में इस गुरुद्वारे में बहुत बड़ा मेला लगाया जाता है। 

सोनीपत जिले के मेले

डेरा नग्न बालनाथ का मेला

यह मेला सोनीपत जिले के रभड़ा तहसील में फाल्गुन शुक्ल पक्ष की नवमी को लगाया जाता है इस मेले श्रद्धालु बाबा बालकनाथ की पूजा करते है

नवरात्रि देवी का मेला

यह मेला भी रभड़ा के गोहाना में अष्टमी को लगाया जाता है इस मेले साल में 2 बार मार्च व सितम्बर महीने में लगाया जाता है

सतकुम्भा का मेला

यह मेला खेड़ी गुज्जर गाँव मे सोमवती अमावस्या पर लगाया जाता है इस मेले में श्रद्धालु स्नान करके मोक्ष की कामना करते है

शीतला माता का मेला

यह गोहाना से 20 किलोमीटर दूर गांव रढाणा में लगाया जाता है इस मंदिर में चैत्र व बैसाख माह में प्रति सोमवार को मेले लगते हैं। नवरात्र में दूर-दूर से श्रद्धालु पूजा-अर्चना करने पहुंचते हैं यह मंदिर 700 साल पुराना है

बाबा रामकशाह का मेला

यह मेला ख़ूबड़ू गांव में फाल्गुन कि पूर्णमासी को लगाया जाता है यहां बाबा रामकशाह सम्प्रदाय के संत रहते थे और वो लोगो का जड़ी बूटियों से इलाज करते थे उनकी मृत्यु हो जाने के बाद गांव वालो ने उनकी कब्र बनवा दी और उसी की याद में यह मेला लगाया जाता है 

रक्षाबंधन का मेला

यह मेला श्रावण महिमे ली पूर्णमासी को लगाया जाता है इस मेले म बच्चो के लिए झूले व सांस्कृतिक कार्यक्रम व खेलो का आयोजन भी किया जाता है

रोहतक जिले के मेले

बाबा मस्तनाथ का मेला

यह मेले रोहतक जिले के अस्थल बोहर में फरवरी से मार्च महीने में लगाया जाता है इस मेले यहां लाखों की संख्या में श्रद्धालु आते हैं और बाबा की समाधि स्थल और धूने पर मत्था टेक कर मन्नत मांगते हैं। इसके साथ ही बाबा मस्तनाथ की समाधि पर गुड़ व काला कंबल चढ़ाकर पूजा करते हैं।

बाबा गनतीदास का मेला

यह मेला रोहतक जिले झज्जर बहादुरगढ़ रोड पर छुड़ानी गाँव मे फरवरी मार्च में लगाया जाता है

बाबा जमनादास का मेला

यह मेला रोहतक जिले के सोनिपत रोड पर भालौट में चैत्र शुक्ल पक्ष अष्टमी को लगाया जाता है |

शिवरात्रि का मेला

यह मेला रोहतक जिले के किलोई में साल के दो बार लगाया जाता है यह मेल फरवरी मार्च व जुलाई अगस्त में सावन में लगाया जाता है या मेले में कावड़िये शिवजी को कावड़ व गंगा जल चढ़ाते है

तीज का मेला

यह मेला हरियाण के प्रसिद्ध मेले भाग-2 में से एक है क्योंकि ये मेला पूरे प्रदेश में सावन के समय मनाया जाता है इस दिन महिलांए नए नए वस्त्र धारण करके झूला झूलती है और एक स्थान पर खड़े होकर गीत गाती है

जन्माष्टमी का मेला

यह मेला श्रीकृष्ण के जन्मदिवस पर जन्माष्टमी के अवसर पर अगस्त सितम्बर में लगाया जाता है यह मेला भी हरियाणा के प्रसिद्ध मेले भाग-2 में एक है यह हर जिले में बड़े धूमधाम से मनाया जाता है

झज्जर जिले के मेले

श्याम जी का मेला

यह मेला फाल्गुन मास के एकादशी व द्वादशी के दिन बेरी से करीब 12 किलोमीटर दूर स्थित धार्मिक स्थल व दुर्वासा ऋषि की तपो भूमि माजरा-दूबलधन गांव जिला झज्जर में श्याम जी के विशाल मेले का आयोजन किया जाता है.

इस धार्मिक स्थल का जुड़ाव महाभारत के युद्ध से ही है इस मेले में नवविवाहित महिलाओं आशीर्वाद लेती है

भीमेश्वरी का मेला

यह मेला झज्जर जिले के बेरी  में लगाया जाता है जहाँ पर माता भीमेश्वरी  देवी माता का मंदिर है जहां श्रद्धालु ने छठे नवरात्र को माता के दर्शन कर उनसे मन्नतें मांगते है यह मंदिर भी बहुत प्रसिद्ध है

गोगा नवमी के मेला

यह मेला झज्जर जिले के बादली में लगाया जाता है और यह मेला अगस्त सितम्बर में भादो कृष्ण पक्ष नवमी को लगाया जाता हैLorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Ut elit tellus, luctus nec ullamcorper mattis, pulvinar dapibus leo.

बाबा बूढ़ा का मेला

यह मेला झज्जर जिले के आसौदा सिवान नामक स्थाम पर सितम्बर अक्टूबर में लगाया जाता है

चरखी दादरी जिले के मेले

हनुमान जी का मेला

यह मेला चरखी दादरी के कीकर बसनी नामक स्थान पर हर साल हनुमान जयंती पर बड़े धूमधाम से लगाया जाता है

पलवल जिले के मेले

सती का मेला

यह मेला चरखी दादरी के कीकर बसनी नामक स्थान पर हर साल हनुमान जयंती पर बड़े धूमधाम से लगाया जाता है

मेवात जिले के मेले

शिवजी का मेला

यह मेला मेवात जिले के पुन्हाना नगर मे फाल्गुन की चतुर्दस को लगाया जाता है

If you like and think that topic of haryana gk – हरियाणा के प्रसिद्ध मेले भाग (Haryana Famous Top Fair) , is helpful for you, Please Join Now YouTube and What’s App Chennal  ( Join Now ) and Provide Your suggestions ( Click Here ) would be greatly appreciated. Thank you to be here. Regards – Team GK247.in

Important Note's Exam Point of View Prepared By GK247 ( Teacher's )

Welcome to GK247 Haryana GK (तैयारी नौकरी की). GK247.IN is India’s most trending website for free Study Material like Haryana Current Affairs, Haryana GK (General Knowledge), General Studies, Reasoning, Mathematics, English & Hindi for exam like Haryana CET, HSSC Clerk, Haryana Police, Haryana Patwari, Haryana Civil Services, Haryana Gram Sachiv, HSSC Haryana Police Constable, HSSC Canal Patwari, HSSC Staff Nurse, HSSC TGT, HSSC PGT, Haryana Police Commando, HSSC SI / Government job recruitment examinations of Haryana State.

हरियाणा मे रेल परिवहन

हरियाणा मे वायु परिवहन

हरियाणा के दूरसंचार के साधन

हरियाणा मे सड़क परिवहन

हरियाणा की कृषि, प्रमुख फसले, फल व सब्जियाँ

गुरुग्राम के किले

हरियाणा की वन सम्पदा

HSSC All Exam Most Important Question

हरियाणा मे प्रमुख नहरे व सिंचाई परियोजना

हरियाणा मे पशुपालन सम्बंधित हरियाणा

हरियाणा के खेल स्टेडियम व एकेडमी

हरियाणा के पुरस्कार व सम्मान

हरियाणा की वेशभूषा

हरियाणा के प्रसिद्ध आभूषण व गहने

हरियाणा के प्रसिद्ध संग्रहालय

हरियाणा के हर्बल पार्क

हरियाणा की मूर्तिकला व चित्रकला

हरियाणा की संगीत कला

हरियाणा के विश्वविद्यालय

हरियाणा के प्रमुख युद्ध स्थल

हरियाणा कृषि व पशुपालन से सम्बन्धित

हरियाणा के प्रसिद्ध किले

हरियाणा के प्रसिद्ध साहित्यकार व उपन्यास

हरियाणा के प्रसिद्ध टीले

हरियाणा के प्रसिद्ध साँगी

हरियाणा साहित्य अकादमी वर्ष 2020 द्वारा चुने गए विभिन्न पुरस्कार

हरियाणा साहित्य संस्कृत पुरस्कार 2019- 20

हरियाणा साहित्यकार व उपन्यासकार पुरस्कार 2020

हरियाणा पंचायती राज व्यवस्था के महत्वपूर्ण प्रश्न

हरियाणा पटवारी संबंधित महत्वपूर्ण प्रश्न

Haryana Common Eligibility Test Important Questions (CET 2023) Part-1

Haryana Common Eligibility Test Important Question (CET 2023) Part-2

Haryana Common Eligibility Test Important Current Affair (CET 2023) Part-3

अंतर्राष्ट्रीय गीता क्विज महोत्सव 2022

हरियाणा सामान्य ज्ञान

Haryana Common Eligibility Test Current Affair Last 6 Month (CET 2023) Part-4

Haryana Common Eligibility Test Study Material (CET 2023)

हरियाणा राज्य के नए मंत्रीमंडल व शपथ ग्रहण समारोह 2024

हरियाणा राज्य के नए मंत्रीमंडल व उनके विभागों का किया बंटवारा

परिवार पहचान पत्र मे DOB वरीफाई करे

Last 12 Month Haryana Current Affair January to December 2024

Haryana Sports GK January to December 2024, Haryana Sports Current Affair 2024, Haryana Sports Award 2024

हरियाणा अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 2025 पर इन महिलाओ को मिला सम्मान

हरियाणा विज्ञान रतन व युवा विज्ञान रत्न अवॉर्ड 2022 से 2024

Haryana CET 2025 Important Question Answer, HCET 2025 Marathon GK, Last 08 Year Haryana CET Question

डॉ भीमराव अंबेडकर स्कॉलरशिप योजना 2025 हरियाणा

हरियाणा का सबसे बड़ा अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम

भारत का पहला आद्य एवं अष्ट महालक्ष्मी मंदिर बनेगा हरियाणा मे

Haryana का 23वा जिला बना हांसी

Welcome To You Haryana GK - GK247

Welcome to GK247 Haryana GK (तैयारी नौकरी की). GK247.IN is India’s most trending website for free Study Material like Haryana Current Affairs, Haryana GK (General Knowledge), General Studies, Reasoning, Mathematics, English & Hindi for exam like Haryana CET, HSSC Clerk, Haryana Police, Haryana Patwari, Haryana Civil Services, Haryana Gram Sachiv, HSSC Haryana Police Constable, HSSC Canal Patwari, HSSC Staff Nurse, HSSC TGT, HSSC PGT, Haryana Police Commando, HSSC SI / Government job recruitment examinations of Haryana State.

Haryana All Exam complete GK CET ( Group C and Group D ), HPSC etc...

Haryana GK Details Topic's

Haryana GK Mock - Test

Haryana GK Topic's Wise Mock - Test

Haryana Current Affairs

Haryana GK PDF

This section provide General Knowledge/ General Studies Question that may be useful for General Awareness part of Prelims Examination of Haryana State Civil Services exams, Haryana CET, HSSC Clerk, Haryana Police, Haryana Patwari, Haryana Gram Sachiv, HSSC Haryana Police Constable, HSSC Canal Patwari, HSSC Staff Nurse, HSSC TGT, HSSC PGT, Haryana Police Commando, HSSC SI & Various Other Competitive Exams. 

Scroll to Top