राज्य में भार्गव समुदाय का सबसे बड़ा मेला भरता है – डोसी की पहाड़ियों, च्यवन ऋषि का आश्रम, महेन्द्रगढ़
नोट: भार्गव समुदाय के संस्थापक च्यवन ऋषि थे
राज्य में प्रसिद्ध गणगौर मेला भरता है – हिसार
गोगाजी भगवान का सबसे बड़ा मेला राज्य में कहाँ भरता है – हिसार (क्योंकि यहाँ सर्वाधिक श्रद्धालु आते हैं)
नोट: राज्य में और भी अनेक स्थानों पर गोगाजी भगवान के मेले का आयोजन किया जाता है पर सबसे बड़ा गोगाजी का मेला हिसार में ही भरता है।
राज्य में मार्च व सितम्बर महीनों में किसान मेले का आयोजन कहाँ किया जाता है – हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार
राज्य में आमों का मेला कहाँ भरता है – पिंजौर पंचकुला
राज्य में दशहरा मेले का आयोजन कहाँ पर किया जाता है – फतेहाबाद
नोट: राज्य/देश का सबसे ऊँचा रावण का पुतला पंचकुला में स्थापित किया जाता है।
कम्बोज समाज का सबसे बड़ा मेला/धार्मिक आयोजन राज्य में कहाँ किया जाता है – डेरा बाबा भूमणशाह, सिरसा
चौटस उत्सव मेले का आयोजन किया जाता है – अम्बाला
राज्य में हिन्दू, मुस्लिम व सिख तीनों समुदाय का सबसे बड़ा मेला भरता है – कपालमोचन, यमुनानगर
राज्य में सबसे बड़ा सूर्यग्रहण पर मेला कहाँ भरता है – ब्रह्म सरोवर, कुरुक्षेत्र
राज्य में नाथ सम्प्रदाय/दर्शनी/कनफटे साधुओं का सबसे बड़े मेले का आयोजन किया जाता है – अस्थल बोहर मठ, रोहतक
मेलों से सम्बन्धित जिले
करनाल जिले के प्रसिद्ध मेले:-
1) पांडु का मेला – पपाहाना, असंध, करनाल (प्रतिमाह)
2) छड़ीओं का मेला – अमरपुर, करनाल (सितम्बर माह)
3) बाबा सिमरनदास का मेला – इन्द्री, करनाल (अक्टूबर माह)
4) गोगापीर का मेला – खेड़ा नानक स्थान, करनाल (भादो नवमी)
5) परासर का मेला – तरावड़ी, करनाल (फरवरी माह)
गुरुग्राम के प्रमुख मेले:-
1) भक्त पूर्णमल का मेला – कांसन गाँव, गुरुग्राम (भाद्रपद मास की शुक्ल एकादशी)
नोट: बाबा चौरीनाथ को ही भक्त पूर्णमल कहा जाता है जिसकी स्मृति में यह मेला आयोजित होता है।
2) शीतला माता का मेला – गुरुग्राम
गुरु द्रोणाचार्य की पत्नी शीतला देवी की स्मृति में आयोजित होता है।
3) बुढ़ों का मेला – मुबारकपुर गाँव, गुरुग्राम
4) शाहखोखा खोरी का मेला – खोरी नामक स्थान पर मुस्लिम समुदाय द्वारा आयोजित मेला है।
कैथल जिले के प्रसिद्ध मेले:-
1) फाल्गु मेला – फरल गाँव (कैथल), सोमवती अमावस्या
2) पुण्डरक का मेला – पुण्डरी, कैथल (अप्रैल माह)
3) देहाती का मेला – लुदाना, कैथल (अक्टूबर महीने)
पानीपत जिले के प्रसिद्ध मेले:-
1) पाथरी माता का मेला – पाथरी गाँव, पानीपत (चैत्र व आषाढ़ महीने)
यह मेला (पाथरी माता) का मेला छोटे बच्चों को खसरा व चेचक से ठीक होने से सम्बन्धित है।
2) कनल्दर की मजार का मेला – पानीपत (यहाँ श्रद्धालु मन्नत मांगने के लिए दरगाह के बाल में ताला लगाते हैं।)
फरीदाबाद जिले के प्रमुख मेले:-
1) सूरजकुण्ड क्राफ्ट मेला – फरीदाबाद (1 से 15 फरवरी प्रतिवर्ष)
2) फूलडोर का मेला – स्थान अतरचट्ट, फरीदाबाद (चैत्र कृष्ण पक्ष तृतीया को)
यह मेला बाबा बक्शीनाथ की याद में आयोजित किया जाता है।
3) कार्तिक सांस्कृतिक मेला – नाहरगढ़ पैलेस, फरीदाबाद
नोट: पूर्व मुख्यमंत्री चौधरी बंसीलाल ने 1997 में कार्तिक उत्सव की यहीं शुरुआत की थी।
4) बाबा उदासीनाथ का मेला – अलावलपुर, फरीदाबाद (फाल्गुन कृष्ण पक्ष की अमावस्या को)
5) दादा कान्हा रावत का मेला – बहोत, फरीदाबाद (फाल्गुन पंचमी दादा रावत की याद में)
6) कनुवा का मेला – गढ़ोता, फरीदाबाद (भादो माह कृष्ण पक्ष एकादशी)
7) कलका का मेला – मोहना, फरीदाबाद (चैत्र शुक्ल पक्ष अष्टमी को)