अंबाला
Ambala Districtइतिहास, भूगोल, संस्कृति, प्रशासन और महत्वपूर्ण परीक्षा तथ्य।
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District Wise Description of Haryana State
District Hansi
आज की हमारी यह पोस्ट हरियाणा सामान्य ज्ञान से संबंधित है। इस पोस्ट में आपको हांसी जिले से संबंधित महत्वपूर्ण अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी।
हांसी अब केवल हिसार की तहसील/उपमंडल नहीं है। हरियाणा सरकार ने 22 दिसंबर 2025 को हांसी को हरियाणा का 23वाँ जिला बनाया। अगस्त 2026 तक जिला प्रशासन की आधिकारिक वेबसाइट इसे स्वतंत्र जिले के रूप में संचालित कर रही है।
| तथ्य | परीक्षा-उपयोगी जानकारी |
|---|---|
| जिला | हांसी |
| जिला गठन / अधिसूचना | 22 दिसंबर 2025 |
| हरियाणा का क्रम | 23वाँ जिला |
| पूर्व जिला | हिसार |
| जिला मुख्यालय | हांसी |
| मंडल | हिसार मंडल |
| उपमंडल | 2 — हांसी, नारनौंद |
| तहसील | 3 — हांसी, नारनौंद, बास |
| उप-तहसील | 1 — खेड़ी जालब |
| विकास खंड | 3 — हांसी-I, हांसी-II, नारनौंद |
| क्षेत्रफल | 1,34,976 हेक्टेयर |
| वर्ग किमी में | लगभग 1,349.76 km² |
| वर्तमान जिला वेबसाइट पर जनसंख्या | 5,40,994 |
| वर्तमान जिला वेबसाइट पर गाँव | 97 |
| पुलिस स्टेशन | 7 |
| प्रमुख ऐतिहासिक पहचान | असीगढ़ / City of Swords |
| प्रमुख ऐतिहासिक स्मारक | बड़सी गेट, असीगढ़/पृथ्वीराज किला, चार कुतुब |
| प्रमुख धार्मिक-ऐतिहासिक स्थल | चार कुतुब दरगाह |
| प्रमुख मिठाई | हांसी का लाल पेड़ा |
| प्रमुख विधानसभा क्षेत्र | हांसी और नारनौंद |
| लोकसभा | हिसार |
हरियाणा सरकार ने हांसी को:
बनाया।
इससे पहले हांसी: हिसार जिले का उपमंडल और तहसील था।
नए जिले का गठन पुराने हिसार जिले के हांसी एवं नारनौंद क्षेत्रों को अलग करके किया गया। Cabinet proposal में हांसी और नारनौंद विधानसभा क्षेत्रों के अंतर्गत आने वाले क्षेत्र को नए जिले में शामिल करने का निर्णय था।
यहाँ अभ्यर्थी अक्सर गलती कर सकते हैं।
हांसी वर्तमान में:
का हिस्सा है। हिसार मंडल की आधिकारिक वेबसाइट अब हिसार, फतेहाबाद, सिरसा, जींद और हांसी— इन पाँच जिलों को सूचीबद्ध करती है।
हांसी जिले में:
हैं।
हांसी जिले की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार:
हैं।
हांसी जिले की वर्तमान एकमात्र उप-तहसील है।
वर्तमान प्रशासनिक संरचना में 3 विकास खंड हैं:
नए जिले के गठन संबंधी सरकारी/प्रशासनिक विवरण में भी यही तीन blocks दिए गए थे।
जिला बनने के बाद हांसी स्वयं जिला मुख्यालय है।
श्री राहुल नरवाल, IAS को हांसी का पहला Deputy Commissioner नियुक्त किया गया।
हांसी हरियाणा के सबसे महत्वपूर्ण प्राचीन-मध्यकालीन नगरों में से एक है।
जिला प्रशासन के अनुसार इसका इतिहास:
तक जाता है।
हांसी का इतिहास विभिन्न नामों/परंपराओं से जुड़ा है।
जिला प्रशासन इसे ऐतिहासिक रूप से असीगढ़ तथा City of Swords के नाम से जोड़ता है।
हांसी को: City of Swords — तलवारों का शहर कहा जाता है।
इसका संबंध हांसी की:
से जोड़ा जाता है।
हांसी का प्राचीन किला: असीगढ़ के नाम से प्रसिद्ध है।
यह उत्तर-पश्चिम से आने वाले आक्रमणों के विरुद्ध महत्वपूर्ण रणनीतिक दुर्ग था।
जिला प्रशासन इसे दिल्ली की रक्षा के लिए महत्वपूर्ण मजबूत गढ़ के रूप में वर्णित करता है।
हांसी का ऐतिहासिक विकास तोमर राजवंश से जुड़ा है।
जिला प्रशासन लगभग:
से हांसी के इतिहास को तोमर काल से जोड़ता है।
हांसी का किला बाद में:
के महत्वपूर्ण दुर्गों में रहा।
विशेष रूप से इसे पृथ्वीराज चौहान से जोड़ा जाता है।
जिला प्रशासन की विरासत सूची में:
का उल्लेख है।
आज मूल किले का बड़ा हिस्सा:
के रूप में रह गया है।
किले के टीले पर:
नामक लंबा pillared structure भी मौजूद है।
पृथ्वीराज किले के टीले से:
मिलने का उल्लेख जिला प्रशासन की heritage page पर है।
यह एक महत्वपूर्ण archaeological one-liner है।
12वीं शताब्दी के अंत में मुस्लिम शासन स्थापित होने के बाद हांसी:
बना।
जिला प्रशासन के अनुसार हांसी बाद में सल्तनत, मुगल, मराठा और ब्रिटिश शक्तियों के अधीन रहा।
हांसी का सबसे महत्वपूर्ण संरक्षित ऐतिहासिक प्रवेश द्वार है।
प्राचीन हांसी के किलेबंद नगर में:
थे।
आज उन प्राचीन gates में से:
जिला प्रशासन के अनुसार यह 30 मीटर से अधिक ऊँचा है।
बड़सी गेट के foundation inscription के अनुसार इसका निर्माण:
में हुआ।
यह अलाउद्दीन खिलजी के शासनकाल से संबंधित है।
फारसी अभिलेख इसकी तिथि को AH के अनुसार 1304–1305 AD से भी जोड़ता है।
बड़सी गेट की बाद में:
में मरम्मत हुई।
यह इब्राहिम लोदी के शासनकाल से संबंधित है।
हांसी का प्रमुख सूफी स्थल।
यह पुराने किलेबंद नगर के बाहर पश्चिम दिशा में स्थित है।
यहाँ चार प्रमुख सूफी संतों की दरगाहें हैं:
जिला प्रशासन इन्हें चार प्रमुख सूफी संतों के रूप में सूचीबद्ध करता है।
स्थानीय परंपरा के अनुसार यह स्थान:
के ध्यान और प्रार्थना से भी जोड़ा जाता है।
चार कुतुब परिसर की उत्तरी enclosure में स्थित बड़ी मस्जिद:
के समय निर्मित बताई गई है।
18वीं शताब्दी के अंत में हांसी का इतिहास:
से जुड़ता है।
आयरिश साहसी जॉर्ज थॉमस ने हांसी को अपनी स्वतंत्र सत्ता/रियासत की राजधानी बनाया।
जिला प्रशासन के इतिहास पृष्ठ के अनुसार उसने यहाँ अपना सिक्का भी ढाला।
जॉर्ज थॉमस के बाद हांसी क्षेत्र पर:
शक्तियों का प्रभाव रहा।
जिला प्रशासन हांसी के ऐतिहासिक क्रम में मराठा और ब्रिटिश शासन का स्पष्ट उल्लेख करता है।
हांसी का ब्रिटिश प्रशासनिक इतिहास विशेष रूप से महत्वपूर्ण है।
के दौरान हांसी को Northern Division of Delhi Territory के अंतर्गत district headquarters के रूप में महत्व प्राप्त था।
बाद में:
में जिला मुख्यालय हिसार स्थानांतरित कर दिया गया।
इससे हांसी की प्रशासनिक स्थिति बदल गई और वह हिसार के अंतर्गत आ गया।
हांसी का इतिहास:
से गहराई से जुड़ा है।
स्थानीय क्रांतिकारियों ने ब्रिटिश सत्ता के विरुद्ध विद्रोह किया।
जिला प्रशासन के इतिहास पृष्ठ में ब्रिटिश प्रतिशोध तथा स्थानीय क्रांतिकारियों की शहादत का उल्लेख मिलता है।
1857 के विद्रोह से जुड़ी हांसी की सबसे प्रसिद्ध स्मृति:
है।
जिला प्रशासन के अनुसार ब्रिटिश सेना द्वारा क्रांतिकारियों को दंडित किए जाने की घटना की स्मृति में यह स्थान लाल सड़क नाम से जाना जाता है।
हांसी क्षेत्र में स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान:
का प्रभाव रहा।
हरियाणा राज्य बनने के समय हांसी:
का हिस्सा रहा।
बाद में हांसी को स्वतंत्र जिला बनाने की मांग समय-समय पर उठती रही और अंततः:
को इसे नया जिला बनाया गया।
हांसी हरियाणा के मध्य-पश्चिमी भाग में स्थित है।
यह:
के आसपास के क्षेत्रों से भौगोलिक रूप से जुड़ा हुआ है।
हांसी में:
जलवायु क्षेत्र में आता है।
विशेषताएँ:
क्षेत्र में मुख्यतः:
का प्रभाव है।
कृषि के लिए सिंचाई और भूजल का महत्वपूर्ण योगदान है।
हांसी जिले की अर्थव्यवस्था में कृषि की महत्वपूर्ण भूमिका है।
हांसी का कृषि क्षेत्र:
पर निर्भर करता है।
लेकिन groundwater stress भी क्षेत्र की महत्वपूर्ण पर्यावरणीय चुनौती है।
पुराने Haryana groundwater assessments में Hansi-I, Hansi-II/Bass और Narnaund क्षेत्रों में groundwater stress categories दर्ज की गई थीं।
हांसी का औद्योगिक आधार यमुनानगर जैसे बड़े industrial cluster की तरह विशिष्ट नहीं है।
मुख्य आर्थिक गतिविधियाँ:
हांसी की प्रसिद्ध स्थानीय पहचान है।
जिला प्रशासन के इतिहास पृष्ठ पर हांसी को अपने प्रसिद्ध:
के लिए पहचाने जाने का उल्लेख है।
ऐतिहासिक रूप से हांसी:
रहा।
आज:
स्थानीय अर्थव्यवस्था के महत्वपूर्ण भाग हैं।
हांसी का प्रमुख रेल स्टेशन:
है।
यह शहर को:
जिला प्रशासन के अनुसार बड़सी गेट से हांसी रेलवे स्टेशन लगभग 2–3 किमी दूरी पर है।
हांसी प्रमुख रूप से:
से जुड़ा है।
यह दिल्ली–रोहतक–हिसार corridor का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
वर्तमान जिला प्रशासन की public utilities सूची में:
जिले में वर्तमान प्रशासनिक सूची में:
वर्तमान जिले में प्रमुख नगर निकाय:
नए जिले के प्रमुख विधानसभा क्षेत्र:
2026 की जिला मतदाता सूची में: 49 — नारनौंद और 50 — हांसी दर्ज हैं।
हांसी और नारनौंद दोनों:
से संबंधित हैं।
प्रमुख धार्मिक/आध्यात्मिक स्थल:
इनमें चार कुतुब सबसे अधिक परीक्षा-प्रासंगिक है।
| संत | अवधि |
|---|---|
| जमाल-उद-दीन हंसवी | 1187–1261 |
| बुरहान-उद-दीन | 1261–1300 |
| कुतुब-उद-दीन मुनव्वर | 1300–1303 |
| नूर-उद-दीन | 1325–1397 |
ये विवरण जिला प्रशासन की heritage सामग्री में दिए गए हैं।
| स्थल | मुख्य तथ्य |
|---|---|
| असीगढ़/पृथ्वीराज किला | प्राचीन रणनीतिक दुर्ग |
| बड़सी गेट | 1303, सल्तनत वास्तुकला |
| चार कुतुब | चार सूफी संतों की दरगाह |
| बारादरी | पृथ्वीराज किले के टीले पर |
| लाल सड़क | 1857 की शहादत से जुड़ी स्मृति |
यह हांसी की सैन्य पहचान का प्रतीक है।
जिला प्रशासन इसे हांसी की स्वतंत्रता-संग्राम विरासत के महत्वपूर्ण अध्याय के रूप में बताता है।
जिला प्रशासन के अनुसार हांसी की स्थापना को राजा सहस्रबाहु से जोड़ने की पौराणिक मान्यता है। इसे प्रमाणित ऐतिहासिक स्थापना न मानें।
| तिथि / वर्ष | घटना |
|---|---|
| लगभग 957 ई. | तोमर राजवंश से हांसी का ऐतिहासिक संबंध |
| मध्यकाल | असीगढ़ का रणनीतिक किले के रूप में विकास |
| 12वीं शताब्दी | चौहान शक्ति से संबंध |
| 1303 | बड़सी गेट का निर्माण |
| 1304–05 | Persian inscription में निर्माण तिथि का संबंधित AD conversion |
| 1522 | इब्राहिम लोदी काल में बड़सी गेट की मरम्मत |
| 18वीं शताब्दी का अंत | George Thomas का हांसी में प्रभाव |
| 1819–1832 | हांसी district headquarters |
| 1832 | जिला मुख्यालय हिसार स्थानांतरित |
| 1857 | हांसी में विद्रोह/ब्रिटिश दमन |
| 1 नवंबर 1966 | हरियाणा राज्य गठन |
| 16 दिसंबर 2025 | हांसी को नया जिला बनाने की घोषणा |
| 22 दिसंबर 2025 | हांसी — हरियाणा का 23वाँ जिला |
| 2026 | स्वतंत्र जिला प्रशासन सक्रिय |
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