अंबाला
Ambala Districtइतिहास, भूगोल, संस्कृति, प्रशासन और महत्वपूर्ण परीक्षा तथ्य।
Notes पढ़ें →District Wise Description of Haryana State – District Bhiwani
District Wise Description of Haryana State – District Bhiwani / हरियाणा राज्य का जिलेवार वर्णन – जिला भिवानी
आज की हमारी यह पोस्ट हरियाणा जी.के. से संबंधित है। इस पोस्ट में हम आपको हरियाणा के भिवानी जिले से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी एवं अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराएंगे।
यह सामग्री विशेष रूप से हरियाणा की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों के लिए उपयोगी है। इसमें जिले से संबंधित इतिहास, भूगोल, प्रशासन, संस्कृति, प्रसिद्ध स्थल, शिक्षा, खेल, उद्योग तथा अन्य महत्वपूर्ण Haryana GK तथ्यों को व्यवस्थित रूप में प्रस्तुत किया गया है।
अध्ययन सुझाव: भिवानी जिले से संबंधित प्रश्नों में जिला गठन, छोटी काशी, मिट्ठाथल, तोशाम, रोहनात, लोहारू, BSEH, बॉक्सिंग, विजेन्द्र सिंह और चौधरी बंसीलाल जैसे विषय विशेष रूप से महत्वपूर्ण हैं।
भिवानी क्षेत्र में 1857 के विद्रोह की स्मृति विशेष रूप से रोहनात गाँव से जुड़ी है। आपके दिए गए स्रोत-सामग्री में बहादुरजंग तथा अमीनुद्दीन को सामंत नेताओं के रूप में उल्लेखित किया गया है।
‘किरोड़ीमल मंदिर’ के नाम से प्रसिद्ध इस मंदिर का निर्माण सेठ किरोड़ीमल द्वारा करवाया गया बताया जाता है।
तिगड़ाना में बाबा परमहंस से संबंधित मंदिरों का समूह धार्मिक आस्था का महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है।
आपके दिए गए विवरण के अनुसार यह मंदिर 1919 में भूत वंश के सेठों द्वारा मल्लू वाले तालाब पर स्थापित किया गया।
पतराम दरवाजे के बाहर बैरागी साधुओं द्वारा स्थापित पंचमुखी हनुमान मंदिर धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है।
पर्यटन विभाग द्वारा लोक निर्माण विश्राम गृह में होटल एवं रेस्टोरेंट की व्यवस्था से संबंधित पर्यटन केंद्र।
चूने एवं छोटी ईंटों से निर्मित बारादरी में 12 दरवाजे हैं। इसे ‘पृथ्वीराज की कचहरी’ भी कहा जाता है।
लोहारू ऐतिहासिक रियासत के रूप में प्रसिद्ध रहा है। आपके दिए विवरण में इसे पहले ‘बावन’ नाम से प्रसिद्ध बताया गया है।
पर्यटन विभाग से संबंधित निखमत होटल एवं रेस्टोरेंट के रूप में आपके स्रोत में इसका उल्लेख है।
रोहनात गाँव 1857 के ब्रिटिश दमन की स्मृति से जुड़ा है। इसे ‘शहीद गाँव’ के नाम से भी जाना जाता है।
जाहरवीर गोगा से संबंधित महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल।
भिवानी स्थित पीर मुबारक शाह की दरगाह मुस्लिम समुदाय की आस्था का प्रमुख स्थल मानी जाती है।
लोहड़ पीर की स्मृति से संबंधित प्रसिद्ध पीर मजार।
आपके विवरण के अनुसार मंदिर का निर्माण सेठ तुहीराम द्वारा करवाया गया था।
भगवान श्रीराम को समर्पित प्रसिद्ध धार्मिक स्थल।
भिवानी शहर में स्थित धार्मिक स्थल।
भव्य मंदिर एवं शिल्पकारी के लिए प्रसिद्ध स्थल।
आपके दिए विवरण के अनुसार लोहारू किले का निर्माण जयपुर के राजा के सामंत अर्जुन देव द्वारा सन् 1570 ई. में कराया गया बताया गया है।
धनाना में प्रति वर्ष चैत्र मास की सप्तमी को शीतला माता का मेला आयोजित होने का उल्लेख है।
भिवानी नगर से लगभग 5 किलोमीटर दूर देवसर में चैत्र तथा आश्विन में देवी का मेला आयोजित होता है।
आपके दिए विवरण के अनुसार स्थापना — 1994।
Technological Institute of Textiles, भिवानी का प्रमुख तकनीकी/टेक्सटाइल प्रशिक्षण संस्थान।
BSEH/HBSE की स्थापना 3 नवंबर 1969 को हुई थी।
मिट्ठाथल से प्राचीन सांस्कृतिक अवशेष तथा सिक्कों से संबंधित पुरातात्विक प्रमाण मिलने का उल्लेख किया जाता है। इसे भिवानी के प्रमुख हड़प्पाकालीन पुरास्थलों में गिना जाता है।
भिवानी शहर के पूर्व में नौरंगाबाद के आसपास पुरातात्विक खुदाई से प्राचीन खिलौने, उपकरण, मूर्तियाँ, सिक्के एवं मृद्भांड आदि मिलने का उल्लेख है।
भिवानी याद रखें: 22 दिसंबर 1972 • छोटी काशी • मिनी क्यूबा • बॉक्सिंग की नर्सरी • मिट्ठाथल • नौरंगाबाद • तिगड़ाना • तोशाम • लोहारू • रोहनात • BSEH • TITS • विजेन्द्र सिंह • चौधरी बंसीलाल
जिले का नाम इसके मुख्यालय भिवानी शहर के नाम पर पड़ा है।
भिवानी नाम की उत्पत्ति के संबंध में जिला प्रशासन एक परंपरा बताता है कि शहर की स्थापना नीम सिंह नामक राजपूत ने अपनी पत्नी भानी के नाम पर की थी।
भानी → भियानी → भिवानी
यह नामकरण विवरण जिला प्रशासन की आधिकारिक वेबसाइट पर दिया गया है।
नीम सिंह → पत्नी भानी → भानी → भियानी → भिवानी
भिवानी नाम का संबंध “भीम” से जोड़ना प्रमाणित तथ्य नहीं है।
भिवानी का क्षेत्र केवल मध्यकालीन इतिहास के कारण महत्वपूर्ण नहीं है; यहाँ प्रागैतिहासिक तथा हड़प्पा संस्कृति के महत्वपूर्ण प्रमाण मिले हैं।
स्थान: खानक, तोशाम क्षेत्र
तोशाम पहाड़ी क्षेत्र में प्राचीन खनन, धातु गलाने और आवासीय गतिविधियों के प्रमाण मिले हैं। जिला प्रशासन इसे पूर्व-सिंधु घाटी सभ्यता से जोड़ता है।
खानक → तोशाम पहाड़ियाँ → प्राचीन खनन / धातु गलाने के प्रमाण
मिट्ठाथल भिवानी का अत्यंत महत्वपूर्ण पुरातात्त्विक स्थल है।
हरियाणा पुरातत्व विभाग के अनुसार यहाँ:
तीनों सांस्कृतिक चरणों के प्रमाण मिले हैं।
मिट्ठाथल में 1968 में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के निर्देशन में, पुरातत्वविद् सूरज भान के नेतृत्व में उत्खनन हुआ।
हरियाणा सरकार की विरासत सूची में मिट्ठाथल को प्राचीन पुरातात्त्विक स्थल के रूप में सूचीबद्ध किया गया है और इसका काल लगभग 3rd–2nd millennium BCE दिया गया है।
मिट्ठाथल = हड़प्पा + तांबा + मनके + मुहर
तिगड़ाना, भिवानी जिले का एक महत्वपूर्ण पुरातात्त्विक स्थल है और हरियाणा पुरातत्व विभाग की सूची में भी दर्ज है।
आधुनिक पुरातात्त्विक अनुसंधान में तिगड़ाना से:
चरणों के प्रमाण सामने आए हैं। Birbal Sahni Institute of Palaeosciences ने तिगड़ाना के पुरातात्त्विक अवशेषों से प्राचीन कृषि एवं पर्यावरण के अध्ययन का उल्लेख किया है।
तिगड़ाना → हड़प्पा संस्कृति → कृषि एवं पुरातात्त्विक अनुसंधान
स्थान: भिवानी शहर से लगभग 8 किमी दूर, नौरंगाबाद।
हरियाणा पर्यटन के अनुसार नौरंगाबाद लगभग 59 एकड़ में फैला प्राचीन आवासीय स्थल है।
यहाँ यौधेय, Indo-Greek, कुषाण और गुप्त काल के सिक्के मिले हैं।
एक terracotta seal से इस प्राचीन नगर का नाम नकनगर (Nakanagar) होने का संकेत मिलता है और इसे 1st–3rd century CE में यौधेय गणराज्य से संबंधित महत्वपूर्ण नगर बताया गया है।
ASI की सूची में नौरंगाबाद को संरक्षित प्राचीन स्थल के रूप में दर्ज किया गया है; इसकी अधिसूचना 2 जुलाई 1988 की है और स्थल का क्षेत्रफल लगभग 58.44 acres दर्ज है।
नौरंगाबाद → नकनगर → यौधेय → कुषाण → गुप्त
| खानक–तोशाम | प्राचीन खनन एवं धातु गलाने के प्रमाण |
|---|---|
| मिट्ठाथल | प्रारंभिक + परिपक्व + लेट हड़प्पा |
| मिट्ठाथल उत्खनन | 1968 • कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय • सूरज भान |
| तिगड़ाना | हड़प्पा संस्कृति एवं प्राचीन कृषि/पर्यावरण अध्ययन |
| नौरंगाबाद | नकनगर • यौधेय • Indo-Greek • कुषाण • गुप्त |
| नौरंगाबाद अधिसूचना | 2 जुलाई 1988 |
खानक–तोशाम = खनन • मिट्ठाथल = हड़प्पा • तिगड़ाना = कृषि • नौरंगाबाद = नकनगर/यौधेय
भिवानी के पुराने स्रोतों में 2011 के आँकड़े पुरानी जिला-सीमा के अनुसार मिलते हैं, जबकि 2016 में चरखी दादरी अलग जिला बनने के बाद वर्तमान सीमा के अनुसार पुनर्संयोजित आँकड़े अलग हैं। इसलिए अध्ययन करते समय पुराने एवं वर्तमान प्रशासनिक आँकड़ों को अलग-अलग समझना आवश्यक है।
वर्तमान प्रशासनिक तथ्यों के लिए जिला प्रशासन एवं हरियाणा सरकार के नवीनतम उपलब्ध स्रोतों को प्राथमिकता देना उचित है।
भिवानी क्षेत्र में पुरातात्त्विक प्रमाणों से यह स्पष्ट है कि यहाँ हड़प्पा → उत्तर-हड़प्पा → प्रारंभिक ऐतिहासिक → यौधेय → कुषाण → गुप्त जैसी सांस्कृतिक परतें मौजूद रही हैं।
नौरंगाबाद से प्राप्त सिक्के इस सांस्कृतिक निरंतरता के महत्वपूर्ण प्रमाण माने जाते हैं।
हड़प्पा → उत्तर-हड़प्पा → प्रारंभिक ऐतिहासिक → यौधेय → कुषाण → गुप्त
भिवानी जिले के कुछ स्थानों को स्थानीय परंपराएँ महाभारत से जोड़ती हैं, लेकिन ऐसे दावों को पौराणिक / लोकमान्यता के रूप में देखना चाहिए, जब तक उनके समर्थन में ठोस पुरातात्त्विक या समकालीन ऐतिहासिक प्रमाण उपलब्ध न हों।
HSSC में पौराणिक मान्यता को प्रमाणित इतिहास की तरह न लिखें।
भिवानी शहर का उल्लेख आइन-ए-अकबरी में मिलता है।
मुगल काल में भिवानी क्षेत्र व्यापारिक गतिविधियों का महत्वपूर्ण केंद्र बना। जिला प्रशासन भी इसे मुगल काल से प्रमुख वाणिज्यिक केंद्र के रूप में वर्णित करता है।
आइन-ए-अकबरी → भिवानी का उल्लेख
19वीं शताब्दी के प्रारंभ में भिवानी अपेक्षाकृत छोटा गाँव था और दादरी परगना के अंतर्गत था।
प्रारंभिक 19वीं शताब्दी: भिवानी एक छोटा गाँव था।
1810: ब्रिटिश कब्जे के समय इसे नगर के रूप में संदर्भित किया गया।
1817: यहाँ मंडी / Free Market स्थापित किए जाने से व्यापारिक महत्व तेजी से बढ़ा।
परिणाम: भिवानी के व्यापारिक महत्व में वृद्धि हुई और चर्खी दादरी की पुरानी व्यापारिक भूमिका कमजोर हुई।
1810 → ब्रिटिश कब्जे के समय नगर
1817 → मंडी → व्यापारिक महत्व
यह भिवानी के इतिहास का HSSC / HPSC के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण भाग है।
ब्रिटिश प्रशासन के दौरान हिसार–हांसी क्षेत्र की प्रशासनिक संरचना में कई परिवर्तन हुए। हिसार के ऐतिहासिक विवरण के अनुसार 1861 में भिवानी उपखंड को हिसार में शामिल किया गया।
ऐतिहासिक स्रोतों में भिवानी तहसील के गठन का उल्लेख मिलता है।
1 नवंबर 1966 को पंजाब के पुनर्गठन से हरियाणा राज्य बना।
हरियाणा के गठन के समय कुल 7 जिले थे:
अम्बाला
करनाल
रोहतक
गुड़गांव
महेंद्रगढ़
हिसार
जींद
1 नवंबर 1966 को हरियाणा बनने के समय भिवानी अलग जिला नहीं था।
22 दिसंबर 1972 → भिवानी जिला अस्तित्व में आया।
हरियाणा के Statistical Abstract में भी भिवानी के गठन की तारीख 22 दिसंबर 1972 दर्ज है।
हिसार जिला Gazetteer में 1972 के प्रशासनिक पुनर्गठन के अनुसार निम्न क्षेत्रों को लेकर नया भिवानी जिला बनाया गया:
Haryana Government Revenue Department Notification No. 6050-E(IV)-72/45,723 — 22 December 1972
भिवानी = 22 दिसंबर 1972
इसी दिन सोनीपत जिला भी बनाया गया था। हरियाणा Statistical Abstract में दोनों जिलों की creation date 22 दिसंबर 1972 दी गई है।
2016 में चरखी दादरी नया जिला बनने पर भिवानी का क्षेत्रफल और जनसंख्या घट गई।
पूर्व भिवानी जिले के कुछ क्षेत्र नए चरखी दादरी जिले में चले गए, जिनमें प्रमुख रूप से:
इसलिए आज के भिवानी के आँकड़े 2011 की मूल Census सीमा से अलग दिखाई देते हैं।
2016 में चरखी दादरी अलग जिला बनने के बाद भिवानी के क्षेत्रफल एवं जनसंख्या के वर्तमान आँकड़े पुरानी 2011 जिला-सीमा के आँकड़ों से अलग हो गए।
Haryana Water Resources Atlas 2025 में भिवानी का क्षेत्रफल 3,432 km² दर्ज है।
Haryana State Action / Water-related official documentation में वर्तमान सीमा के अनुसार 2011 की जनसंख्या 11,32,169 दी गई है।
भिवानी
लोहारू
तोशाम
सिवानी
भिवानी
बवानी खेड़ा
लोहारू
तोशाम
सिवानी
बहल
वर्तमान जिला निर्देशिका में निम्न ब्लॉक / BDPO क्षेत्र दिखाई देते हैं:
भिवानी
बवानी खेड़ा
बहल
कैरू
लोहारू
सिवानी
तोशाम
भिवानी
बवानी खेड़ा
लोहारू
सिवानी
हड़प्पा → यौधेय → कुषाण → गुप्त → आइन-ए-अकबरी → 1810 → 1817 → 1966 → 1972 → 2016
प्राचीन: हड़प्पा → उत्तर-हड़प्पा → यौधेय → कुषाण → गुप्त
मुगल काल: आइन-ए-अकबरी में भिवानी का उल्लेख
1810: ब्रिटिश कब्जे के समय नगर के रूप में उल्लेख
1817: मंडी / Free Market → व्यापारिक विकास
1 नवंबर 1966: हरियाणा राज्य का गठन; भिवानी अलग जिला नहीं था
22 दिसंबर 1972: भिवानी जिला बना
2016: चरखी दादरी अलग जिला बना और भिवानी का क्षेत्रफल/जनसंख्या घटे
1972 = भिवानी जिला गठन | 2016 = चरखी दादरी अलग जिला
भिवानी हरियाणा के दक्षिण-पश्चिमी भाग में स्थित है।
जिला प्रशासन के अनुसार इसकी स्थिति लगभग:
28°19′ से 29°05′ उत्तरी अक्षांश
75°26′ से 76°28′ पूर्वी देशांतर
भिवानी का भू-भाग मुख्यतः निम्न प्रकार की भौगोलिक संरचनाओं से बना है:
जिले के बड़े भाग में समतल मैदानी भू-भाग पाया जाता है।
दक्षिण-पश्चिमी एवं पश्चिमी भागों में रेतीले तत्व तथा टीले मिलते हैं।
जिले के कुछ भागों में छोटे पहाड़ी उभार दिखाई देते हैं।
दक्षिणी भागों में पथरीली भू-आकृतियाँ भी पाई जाती हैं।
दक्षिण-पश्चिमी भाग में अरावली प्रणाली से संबंधित चट्टानी भू-आकृतियाँ मिलती हैं।
तोशाम पहाड़ियाँ जिले की सबसे महत्वपूर्ण भौगोलिक पहचान हैं।
तोशाम क्षेत्र भूगर्भीय और पुरातात्त्विक दोनों दृष्टियों से महत्वपूर्ण है।
यह क्षेत्र अरावली भू-प्रणाली से संबंधित प्राचीन चट्टानों से जुड़ा है तथा यहाँ प्राचीन खनन और धातुकर्म गतिविधियों के प्रमाण मिले हैं।
तोशाम → पहाड़ियाँ → अरावली संबंध → प्राचीन खनन → हड़प्पा गतिविधियाँ
तोशाम = पहाड़ी + अरावली + खनन + प्राचीन धातुकर्म
भिवानी में कोई बड़ी बारहमासी नदी नहीं बहती।
प्रमुख प्राकृतिक जलधारा के रूप में दोहान नदी/धारा का उल्लेख मिलता है। इसका प्रवाह मुख्यतः वर्षा पर निर्भर है।
जिले की भौगोलिक स्थिति और अर्द्ध-शुष्क जलवायु के कारण निम्न विषय विशेष रूप से महत्वपूर्ण हैं:
भिवानी = कोई बड़ी बारहमासी नदी नहीं + वर्षा आधारित जलधारा + सिंचाई का महत्व
भिवानी की कृषि व्यवस्था में नहर तथा लिफ्ट सिंचाई परियोजनाओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
शुष्क क्षेत्र में सिंचाई सुविधा के विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका।
लोहारू क्षेत्र की कृषि एवं सिंचाई व्यवस्था से संबंधित।
सिवानी क्षेत्र में सिंचाई परियोजनाओं का कृषि के लिए महत्व।
शुष्क क्षेत्र में कृषि विस्तार एवं सिंचाई सुविधा में योगदान।
भिवानी = कम प्राकृतिक जल + लिफ्ट सिंचाई का महत्व
पुराने सरकारी/भौगोलिक अध्ययनों में सामान्य वार्षिक वर्षा लगभग 420 mm बताई गई है।
वर्तमान स्रोतों में वर्षा संबंधी आँकड़ों के लिए अलग-अलग averaging periods मिल सकते हैं, इसलिए परीक्षा में “लगभग 420 mm” को पुराने सामान्य आँकड़े के रूप में रखें।
भिवानी जिले में मुख्यतः अर्द्ध-शुष्क एवं शुष्क क्षेत्र से संबंधित मिट्टी पाई जाती है।
पश्चिमी एवं दक्षिण-पश्चिमी भागों में रेतीले तत्व अधिक पाए जाते हैं।
कृषि क्षेत्रों में बलुई-दोमट प्रकृति की मिट्टी भी मिलती है।
जिले की अर्द्ध-शुष्क जलवायु का मिट्टी की प्रकृति पर प्रभाव है।
इस क्षेत्र में रेतीले तत्व अपेक्षाकृत अधिक पाए जाते हैं।
भिवानी = अर्द्ध-शुष्क जलवायु + रेतीली/बलुई-दोमट मिट्टी + सिंचाई की आवश्यकता
हरियाणा का दक्षिण-पश्चिमी भाग
तोशाम पहाड़ियाँ
अरावली से संबंधित चट्टानी भू-आकृतियाँ
दोहान नदी/धारा
नहर एवं लिफ्ट सिंचाई परियोजनाएँ
अर्द्ध-शुष्क / गर्म एवं शुष्क
लगभग 420 mm
रेतीली एवं बलुई-दोमट
“भिवानी = दक्षिण-पश्चिम + तोशाम + अरावली + दोहान + लिफ्ट सिंचाई + अर्द्ध-शुष्क जलवायु + रेतीली मिट्टी”
| स्थल | मुख्य महत्व |
|---|---|
| मिट्ठाथल | Early / Mature / Late Harappan |
| तिगड़ाना | हड़प्पा संस्कृति |
| नौरंगाबाद | यौधेय, Indo-Greek, कुषाण, गुप्त |
| खानक | हड़प्पाई / प्राचीन खनन-धातुकर्म संदर्भ |
| तोशाम | पहाड़ी, खनिज एवं ऐतिहासिक स्थल |
हरियाणा पुरातत्व विभाग की वर्तमान सूची में मिट्ठाथल और तिगड़ाना दोनों प्राचीन पुरातात्त्विक स्थलों के रूप में दर्ज हैं।
भिवानी की वर्तमान जिला-सीमा में आने वाले क्षेत्रों का राजनीतिक इतिहास 1857 के व्यापक हरियाणा विद्रोह से जुड़ा था। हालांकि भिवानी के संदर्भ में उपलब्ध प्रमाणों को अलग-अलग क्षेत्रों के अनुसार समझना आवश्यक है।
विशेष रूप से लोहारू रियासत का राजनीतिक इतिहास अलग था और बाद में यह क्षेत्र भिवानी जिले में सम्मिलित हुआ।
HSSC सावधानी: 1857 को केवल “भिवानी में एक ही प्रमुख युद्ध” के रूप में प्रस्तुत करना अतिरंजित होगा। अलग-अलग क्षेत्रों और रियासतों के संदर्भ को ध्यान में रखें।
भिवानी क्षेत्र में राष्ट्रीय आंदोलन के दौरान राजनीतिक जागृति मजबूत हुई।
भिवानी क्षेत्र के स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े प्रमुख नामों में पंडित नेकी राम शर्मा अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
HSSC Trick: नेकी राम शर्मा → किसान सभा → 9 जनवरी 1921
भिवानी जिले के स्वतंत्रता आंदोलन का एक विशेष स्थानीय प्रसंग One Aana Tax Movement है।
भारत सरकार के Digital District Repository के अनुसार यह आंदोलन 1935–1940 के बीच लोहारू क्षेत्र में हुआ।
भिवानी क्षेत्र के लोगों ने असहयोग आंदोलन में सक्रिय भागीदारी की।
स्वतंत्रता आंदोलन संबंधी अभिलेखों में भिवानी के नेताओं द्वारा औपनिवेशिक सम्मान एवं प्रमाण-पत्र वापस करने का उल्लेख मिलता है।
प्रमुख नाम: बनारसी दास गुप्ता, मिर्जा नज़ीर बेग, गणपत राय तथा गोपाल चंद आर्य।
जिला प्रशासन भिवानी को तीन पूर्व मुख्यमंत्रियों का गृह क्षेत्र बताता है।
Exam Memory: बंसी लाल + बनारसी दास गुप्ता + हुकुम सिंह → भिवानी से जुड़े तीन पूर्व मुख्यमंत्री
भिवानी को भारत में Boxing की प्रमुख Nursery के रूप में जाना जाता है।
यह पहचान विशेष रूप से भिवानी के मुक्केबाजों और Bhiwani Boxing Club की सफलता के कारण बनी।
मिट्ठाथल → हड़प्पा • तिगड़ाना → हड़प्पा • नौरंगाबाद → यौधेय/कुषाण/गुप्त
नेकी राम शर्मा → किसान सभा → 9 जनवरी 1921
One Aana Tax → लोहारू → Camel Tax
बंसी लाल + बनारसी दास गुप्ता + हुकुम सिंह → भिवानी से जुड़े पूर्व मुख्यमंत्री
भिवानी → Mini Cuba of India → Boxing
हवा सिंह भारतीय बॉक्सिंग के महान खिलाड़ियों में गिने जाते हैं।
विजेंदर सिंह भिवानी के सबसे प्रसिद्ध आधुनिक खिलाड़ियों में से एक हैं।
विजेंदर सिंह भारत के लिए Olympic Boxing में पदक जीतने वाले पहले भारतीय मुक्केबाज बने।
उनका संबंध भिवानी जिले से है और उन्होंने भिवानी की बॉक्सिंग पहचान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
भिवानी की बॉक्सिंग संस्कृति के विकास के पीछे अनेक खेल संस्थानों और स्थानीय प्रशिक्षण केंद्रों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।
Board of School Education Haryana (BSEH) भिवानी का अत्यंत महत्वपूर्ण परीक्षा तथ्य है।
BSEH के आधिकारिक इतिहास के अनुसार बोर्ड की स्थापना 1969 में हुई और जनवरी 1981 में इसका मुख्यालय चंडीगढ़ से भिवानी स्थानांतरित हुआ।
Chaudhary Bansi Lal University (CBLU) भिवानी में स्थित एक राज्य विश्वविद्यालय है।
Technological Institute of Textile & Sciences (TIT&S) भिवानी की तकनीकी एवं Textile Education की महत्वपूर्ण पहचान है।
भिवानी रेलवे नेटवर्क द्वारा हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली क्षेत्र से जुड़ा हुआ है।
NHAI के आधिकारिक दस्तावेजों में NH-709, NH-709A तथा NH-148B से संबंधित उपर्युक्त मार्गों का उल्लेख मिलता है।
भिवानी की सांस्कृतिक पहचान में हरियाणवी लोकगीत, रागनी, सांग, फाग, विवाह गीत तथा धार्मिक मेले विशेष महत्व रखते हैं।
धार्मिक नगर होने के कारण मंदिर-आधारित मेलों और उत्सवों की भी महत्वपूर्ण भूमिका है।
भिवानी क्षेत्र में विभिन्न स्थानीय धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों का विशेष महत्व है।
नीचे दिए गए तथ्य HSSC / HPSC / CET / Haryana Police जैसी परीक्षाओं के लिए त्वरित पुनरावृत्ति हेतु महत्वपूर्ण हैं।
| स्थल | मुख्य महत्व |
|---|---|
| मिट्ठाथल | Early / Mature / Late Harappan |
| तिगड़ाना | हड़प्पा संस्कृति |
| नौरंगाबाद | यौधेय, Indo-Greek, कुषाण, गुप्त |
| खानक | हड़प्पाई / प्राचीन खनन-धातुकर्म संदर्भ |
| तोशाम | पहाड़ी, खनिज एवं ऐतिहासिक स्थल |
भिवानी की वर्तमान जिला-सीमा में आने वाले क्षेत्रों का राजनीतिक इतिहास 1857 के व्यापक हरियाणा विद्रोह से जुड़ा था। भिवानी के संदर्भ में विभिन्न क्षेत्रों के इतिहास को अलग-अलग पढ़ना आवश्यक है।
विशेष रूप से लोहारू रियासत का राजनीतिक इतिहास अलग था और बाद में यह क्षेत्र भिवानी जिले में सम्मिलित हुआ।
भिवानी क्षेत्र में राष्ट्रीय आंदोलन के दौरान राजनीतिक जागृति मजबूत हुई।
भिवानी जिले के स्वतंत्रता आंदोलन का एक महत्वपूर्ण स्थानीय प्रसंग One-Aana Tax Movement था।
यह आंदोलन 1935–1940 के बीच लोहारू क्षेत्र से संबंधित था।
भिवानी क्षेत्र के लोगों ने असहयोग आंदोलन में भी भाग लिया। स्वतंत्रता आंदोलन संबंधी सरकारी repository में भिवानी के नेताओं द्वारा औपनिवेशिक सम्मान/प्रमाण-पत्र वापस करने का उल्लेख मिलता है।
इनमें बनारसी दास गुप्ता, मिर्जा नज़ीर बेग, गणपत राय और गोपाल चंद आर्य आदि के नाम आते हैं।
भिवानी को भारत में boxing की प्रमुख nursery के रूप में जाना जाता है।
यह पहचान विशेष रूप से भिवानी के मुक्केबाजों और Bhiwani Boxing Club की सफलता के कारण बनी।
| स्थापना | 1969 |
|---|---|
| अधिनियम | Haryana Act No. 11 of 1969 |
| प्रारंभिक मुख्यालय | चंडीगढ़ |
| भिवानी स्थानांतरण | जनवरी 1981 |
| पहली मैट्रिक परीक्षा | 1970 |
भिवानी रेलवे नेटवर्क द्वारा हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली क्षेत्र से जुड़ा है।
भिवानी की सांस्कृतिक पहचान में हरियाणवी लोक परंपराओं और धार्मिक आयोजनों की महत्वपूर्ण भूमिका है।
1. भिवानी जिला कब अस्तित्व में आया?
2. भिवानी जिले का मुख्यालय है—
3. भिवानी वर्तमान में किस मंडल का हिस्सा है?
4. भिवानी को किस नाम से जाना जाता है?
5. भिवानी नाम की उत्पत्ति किस नाम से संबंधित मानी जाती है?
6. भिवानी जिले का वर्तमान क्षेत्रफल लगभग कितना है?
7. भिवानी का प्रमुख हड़प्पा स्थल कौन-सा है?
8. मिट्ठाथल में कौन-से सांस्कृतिक चरण मिले हैं?
9. मिट्ठाथल उत्खनन से किस वस्तु का प्रमाण मिला?
10. तिगड़ाना किससे संबंधित है?
11. नौरंगाबाद का प्राचीन नाम किस रूप में प्रमाणित हुआ है?
12. नौरंगाबाद से किस गणराज्य के प्रमाण मिले हैं?
13. नौरंगाबाद में निम्न में से किस काल के सिक्के मिले हैं?
14. नौरंगाबाद किसके संरक्षण में है?
15. नौरंगाबाद का काल लगभग किस अवधि का है?
16. खानक किस क्षेत्र से संबंधित है?
17. खानक क्षेत्र किस गतिविधि के लिए महत्वपूर्ण है?
18. तोशाम पहाड़ियाँ किस पर्वतीय प्रणाली से संबंधित हैं?
19. लोहारू किला किस जिले में है?
20. “Prithviraj ki Kachheri / Baradari” कहाँ है?
21. भिवानी की जलवायु मुख्यतः कैसी है?
22. भिवानी में प्रमुख प्राकृतिक जलधारा कौन-सी है?
23. भिवानी की प्रमुख खरीफ फसल है—
24. भिवानी की प्रमुख रबी फसलों में कौन-सी शामिल है?
25. One-Aana Tax Movement किस क्षेत्र से संबंधित है?
26. One-Aana Tax Movement में किस कर का विरोध था?
27. लोहारू आंदोलन में अर्जुन राम किस रूप में उल्लेखित हैं?
28. पंडित नेकी राम शर्मा का संबंध किससे था?
29. किसान सभा की स्थापना पंडित नेकी राम शर्मा ने कब की?
30. 22 अक्टूबर 1920 को भिवानी में क्या आयोजित हुआ?
31. BSEH की स्थापना कब हुई?
32. BSEH की स्थापना किस अधिनियम के तहत हुई?
33. BSEH का प्रारंभिक मुख्यालय कहाँ था?
34. BSEH का मुख्यालय भिवानी कब स्थानांतरित हुआ?
35. BSEH ने पहली मैट्रिक परीक्षा कब आयोजित की?
36. CBLU की स्थापना कब हुई?
37. CBLU किस अधिनियम के तहत स्थापित हुआ?
38. TIT&S की स्थापना किस वर्ष हुई?
39. TIT&S की स्थापना किसने की?
40. भिवानी किस खेल के लिए विशेष रूप से प्रसिद्ध है?
41. “Mini Cuba of India” किस जिले से संबंधित है?
42. विजेंदर सिंह का संबंध किस खेल से है?
43. विजेंदर सिंह ने 2008 Beijing Olympics में कौन-सा पदक जीता?
44. हवा सिंह किस खेल से संबंधित थे?
45. भिवानी के प्रमुख राजनेताओं में कौन-सा नाम शामिल है?
46. वर्तमान भिवानी जिले में कितने उपमंडल हैं?
47. वर्तमान भिवानी जिले में कितनी तहसीलें हैं?
48. भिवानी जिले की उप-तहसील कौन-सी है?
49. वर्तमान भिवानी जिले में कितनी नगर समितियाँ/नगर निकाय सूचीबद्ध हैं?
50. वर्तमान जिला प्रशासन के अनुसार गाँवों की संख्या कितनी है?
51. वर्तमान भिवानी जिले में विधानसभा क्षेत्रों की संख्या है—
52. निम्न में से कौन भिवानी जिले का विधानसभा क्षेत्र है?
53. बवानी खेड़ा विधानसभा क्षेत्र किस श्रेणी का है?
54. भिवानी जिला बनने की अधिसूचना किस विभाग से संबंधित थी?
55. भिवानी जिला बनने की तारीख क्या थी?
56. भिवानी और सोनीपत किस तारीख को जिले बने?
57. 2016 में भिवानी से कौन-सा जिला अलग बना?
58. नौरंगाबाद में किस प्रकार के सिक्के मिले?
59. मिट्ठाथल का संबंध किस सभ्यता से है?
60. हरियाणा पुरातत्व विभाग की सूची में कौन-सा स्थल भिवानी में है?
61. भिवानी में प्राकृतिक रूप से कौन-सी प्रमुख बड़ी नदी नहीं बहती?
62. दोहान किस प्रकार की जलधारा है?
63. तोशाम का महत्व है—
64. लोहारू किला किस विभाग की सूची में है?
65. भिवानी की धार्मिक पहचान किस नाम से है?
66. देवसर धाम किस जिले का प्रमुख धार्मिक स्थल है?
67. जोगीवाला मंदिर किस देवता को समर्पित है?
68. हीरा पुरी मंदिर किससे संबंधित है?
69. हनुमान मंदिर के बारे में जिला पर्यटन विवरण में लगभग कितनी पुरानी परंपरा बताई गई है?
70. NH-709 किस दिशा में महत्वपूर्ण है?
71. NH-709A का प्रमुख मार्ग है—
72. NH-148B भिवानी को किस शहर से जोड़ता है?
73. भिवानी रेलवे जंक्शन का कोड है—
74. CBLU किस क्षेत्र पर विशेष जोर देता है?
75. CBLU किस प्रकार का विश्वविद्यालय है?
76. TIT&S किस क्षेत्र से विशेष रूप से संबंधित है?
77. TIT&S के संस्थापक कौन थे?
78. BSEH का पूरा नाम है—
79. BSEH का मुख्यालय वर्तमान में कहाँ है?
80. भिवानी की प्रसिद्ध खेल पहचान किस देश के boxing culture से तुलना के कारण “Mini Cuba” कहलाती है?
81. निम्न में से कौन भिवानी के तीन पूर्व मुख्यमंत्रियों में शामिल नहीं है?
82. नौरंगाबाद किस शहर के निकट है?
83. नौरंगाबाद स्थल लगभग कितने क्षेत्र में फैला है?
84. नौरंगाबाद को किसने संरक्षित किया है?
85. मिट्ठाथल में किस धातु की वस्तुएँ मिली हैं?
86. भिवानी जिले में प्राचीन खनन से जुड़ा प्रमुख क्षेत्र कौन-सा है?
87. भिवानी में प्रमुख प्राकृतिक भू-आकृति कौन-सी है?
88. भिवानी की जलवायु का सही वर्णन है—
89. भिवानी में सिंचाई के लिए किस प्रकार की परियोजनाएँ विशेष महत्व रखती हैं?
90. भिवानी के वर्तमान क्षेत्रफल में कमी का प्रमुख प्रशासनिक कारण क्या है?
91. 2011 का 16,34,445 जनसंख्या आँकड़ा किस सीमा से जुड़ा है?
92. वर्तमान सीमा के पुनर्संयोजित 2011 population के लिए कौन-सा आँकड़ा प्रयुक्त होता है?
93. बवानी खेड़ा विधानसभा क्षेत्र किस लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है?
94. भिवानी, लोहारू और तोशाम विधानसभा क्षेत्र किस लोकसभा क्षेत्र से संबंधित हैं?
95. भिवानी जिला बनने की 1972 की अधिसूचना किससे संबंधित थी?
96. भिवानी और सोनीपत एक ही दिन कब जिले बने?
97. भिवानी की प्राचीनता का सबसे मजबूत पुरातात्त्विक आधार कौन-सा समूह है?
98. कौन-सा युग्म सही है?
99. कौन-सा युग्म गलत है?
100. HSSC के लिए भिवानी का सबसे उपयुक्त संयुक्त पहचान-समूह कौन-सा है?
भिवानी क्षेत्र का इतिहास प्रागैतिहासिक काल से लेकर आधुनिक काल तक विभिन्न ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक चरणों से जुड़ा रहा है।
भिवानी का क्षेत्र हरियाणा के सबसे प्राचीन मानव निवास क्षेत्रों में माना जाता है।
यहाँ से प्री-हड़प्पा तथा हड़प्पा संस्कृति के प्रमाण मिले हैं।
प्री-हड़प्पा एवं सिंधु सभ्यता काल।
1968–73 तथा 1980–86 में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय एवं पुरातत्वविदों द्वारा उत्खनन किए गए।
भिवानी का पश्चिमी भाग प्राचीन कुरु जनपद के सांस्कृतिक प्रभाव क्षेत्र में माना जाता है।
भिवानी क्षेत्र थानेसर के सम्राट हर्षवर्धन के प्रभाव क्षेत्र में रहा।
इस काल में निम्न शक्तियों का प्रभाव रहा—
18वीं शताब्दी में मुगल शक्ति कमजोर होने पर मराठों का प्रभाव इस क्षेत्र तक पहुँचा। बाद में अंग्रेजों ने नियंत्रण स्थापित किया।
रोहनात (Rohnat) गाँव ने 1857 की क्रांति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
हरियाणा राज्य का गठन।
भिवानी जिला बना।
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड (BSEH) का मुख्यालय भिवानी में स्थापित हुआ।
भिवानी क्षेत्र का इतिहास प्रागैतिहासिक हड़प्पा संस्कृति से लेकर प्राचीन एवं मध्यकालीन भारतीय राजनीतिक शक्तियों तथा ब्रिटिश शासन तक विभिन्न चरणों से जुड़ा रहा है।
काल: 3000–1900 ई.पू.
प्रमुख स्थल: मिट्ठाथल
काल: 1500–600 ई.पू.
काल: 322–185 ई.पू.
प्रमुख शासक: चन्द्रगुप्त मौर्य, अशोक
काल: 185–73 ई.पू.
प्रमुख शासक: पुष्यमित्र शुंग
काल: 1वीं–3वीं शताब्दी ई.
प्रमुख शासक: कनिष्क
काल: 320–550 ई.
प्रमुख शासक: समुद्रगुप्त, चन्द्रगुप्त द्वितीय
काल: 6वीं–7वीं शताब्दी
प्रमुख शासक: हर्षवर्धन
काल: 8वीं–12वीं शताब्दी
प्रमुख शासक: अनंगपाल तोमर
काल: 12वीं शताब्दी
प्रमुख शासक: पृथ्वीराज चौहान
काल: 1206–1526
मुख्य काल: 1526–1707
काल: 18वीं शताब्दी
प्रमुख नाम: महादजी शिंदे आदि
काल: 1803–1947
भिवानी वर्तमान में हरियाणा के दक्षिण-पश्चिमी भाग में स्थित है।
तोशाम पहाड़ियाँ भिवानी की प्रमुख भौगोलिक पहचान हैं।
भिवानी–महेंद्रगढ़ लोकसभा क्षेत्र में भिवानी जिला शामिल है।
बवानीखेड़ा विधानसभा क्षेत्र अनुसूचित जाति (SC) के लिए आरक्षित है।
2011 की जनगणना के अनुसार भिवानी की साक्षरता दर 75.21% थी।
2011 में भिवानी का जनसंख्या घनत्व 341 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी था।
भिवानी की औसत समुद्र तल से ऊँचाई लगभग 225 मीटर है।
भिवानी अर्ध-शुष्क (Semi-Arid) जलवायु क्षेत्र में आता है।
भिवानी शहर में विभिन्न स्थानीय पार्क, हरित क्षेत्र एवं मनोरंजन स्थल विकसित किए गए हैं। इनका उद्देश्य नागरिकों को खुले एवं हरित स्थान उपलब्ध कराना है।
शहर के स्थानीय मनोरंजन एवं हरित क्षेत्र के रूप में जाना जाता है।
विभिन्न आवासीय एवं शहरी क्षेत्रों में बच्चों तथा स्थानीय निवासियों के लिए छोटे पार्क विकसित किए गए हैं।
तोशाम क्षेत्र का महत्व मुख्यतः प्राकृतिक, भूवैज्ञानिक एवं धार्मिक पर्यटन से जुड़ा है। इसे सामान्य नगर पार्क के समान नहीं माना जाना चाहिए।
तोशाम पहाड़ियाँ एक प्राकृतिक/भूवैज्ञानिक पर्यटन क्षेत्र हैं, जबकि नगर पार्क शहरी हरित एवं मनोरंजन क्षेत्र होते हैं। परीक्षा में दोनों को अलग-अलग श्रेणी में रखें।
भिवानी पर्यटन की चार प्रमुख धाराएँ
धार्मिक + ऐतिहासिक + पुरातात्विक + भूवैज्ञानिक
पर्यटन भिवानी की प्रमुख पर्यटन विशेषताएँ हैं।
स्थान: तोशाम क्षेत्र
इतिहास/महत्व: तोशाम क्षेत्र प्राचीन धार्मिक परंपराओं, पुरातात्विक अवशेषों तथा भूवैज्ञानिक विशेषताओं के लिए महत्वपूर्ण है।
विशेषता: चट्टानी पहाड़ियाँ, प्राकृतिक दृश्य, धार्मिक स्थल एवं भूवैज्ञानिक महत्व।
स्थान: भिवानी शहर
महत्व: प्रथम विश्व युद्ध में सेवा/बलिदान देने वाले सैनिकों की स्मृति से संबंधित ऐतिहासिक स्मारक के रूप में जाना जाता है।
विशेषता: स्मारक की विशिष्ट ताराकार संरचना इसे अलग पहचान देती है।
सम्बंध: हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री चौधरी बंसीलाल।
महत्व: हरियाणा के आधुनिक राजनीतिक इतिहास से संबंधित स्मृति स्थल।
प्रकार: धार्मिक पर्यटन स्थल
महत्व: स्थानीय श्रद्धा एवं धार्मिक गतिविधियों का प्रमुख केन्द्र।
प्रकार: धार्मिक स्थल
विशेषता: स्थानीय धार्मिक आस्था एवं पूजा-पद्धति से संबंधित स्थल।
प्रकार: धार्मिक पर्यटन
भिवानी क्षेत्र का स्थानीय धार्मिक महत्व रखने वाला मंदिर स्थल।
सम्बंध: भगवान शिव
विशेषता: धार्मिक आस्था का प्रमुख केन्द्र। श्रावण मास में धार्मिक गतिविधियाँ विशेष रूप से बढ़ जाती हैं।
स्थान: तोशाम पहाड़ी क्षेत्र
विशेषता: पहाड़ी प्राकृतिक वातावरण में स्थित धार्मिक स्थलों के कारण धार्मिक एवं प्राकृतिक पर्यटन का संयोजन।
महत्व: भूवैज्ञानिक एवं खनन गतिविधियों के लिए महत्वपूर्ण क्षेत्र।
विशेषता: चट्टानी संरचनाएँ तथा पत्थर/खनिज संसाधनों से संबंधित गतिविधियाँ।
महत्व: प्री-हड़प्पा एवं हड़प्पा सांस्कृतिक परंपरा से संबंधित महत्वपूर्ण पुरास्थल।
प्राप्त सामग्री: मृद्भांड, मनके, ताम्र वस्तुएँ तथा अन्य पुरातात्विक अवशेष।
परीक्षा तथ्य: हरियाणा के महत्वपूर्ण हड़प्पाकालीन पुरास्थलों में इसकी गणना की जाती है।
महत्व: पुरातात्विक अवशेषों एवं प्राचीन सिक्कों की प्राप्ति के कारण महत्वपूर्ण।
परीक्षा दृष्टि: नौरंगाबाद को भिवानी के प्रमुख पुरातात्विक स्थलों में याद किया जाता है।
इतिहास: 1857 के विद्रोह के दौरान रोहनात क्षेत्र अंग्रेजी शासन के विरुद्ध प्रतिरोध से संबंधित रहा।
विशेषता: गाँव पर औपनिवेशिक दमन की स्मृति स्वतंत्रता संग्राम के स्थानीय इतिहास में महत्वपूर्ण है।
इतिहास: लोहारू क्षेत्र ऐतिहासिक लोहारू रियासत से संबंधित है।
विशेषता: रियासती इतिहास, नवाबी परंपरा तथा ऐतिहासिक स्थापत्य से संबंधित महत्व।
प्रमुख आकर्षण: पुराने बाजार, ऐतिहासिक इमारतें, धार्मिक स्थल तथा शहरी सांस्कृतिक क्षेत्र।
महत्व: जिले का प्रशासनिक मुख्यालय तथा प्रमुख शहरी केन्द्र।
स्थान: लोहारू
निर्माण: 1570 ई.
निर्माता: अर्जन सिंह, हिंदू राजपूत शासक
बाद में किला लोहारू के नवाबों के अधीन आया और समय-समय पर इसमें विभिन्न संरचनाएँ जोड़ी गईं।
तोशाम क्षेत्र में प्राचीन ऐतिहासिक संरचनाओं एवं अवशेषों का महत्व है।
स्थान: दिनोद क्षेत्र, भिवानी
सम्बंध: राधास्वामी परंपरा के परम संत ताराचंद जी महाराज की समाधि।
संरचना: षट्कोणीय/ताराकार वास्तु संरचना।
ऊँचाई: लगभग 88 फीट
भवन में पारंपरिक pillars/columns का सहारा नहीं है।
स्थान: तोशाम
हरियाणा पुरातत्व विभाग की Sites and Monuments सूची में भिवानी जिले के तोशाम में सूचीबद्ध ऐतिहासिक संरचना।
प्रकार: ऐतिहासिक संरचना / विरासत स्थल
1857 के विद्रोह और ब्रिटिश दमन की स्थानीय स्मृति से संबंधित।
स्वतंत्रता संग्राम के स्थानीय इतिहास में रोहनात का विशेष स्थान है।
मिट्ठाथल जैसे स्थलों से प्राप्त मृद्भांड, मनके, ताम्र वस्तुएँ, terracotta तथा अन्य पुरावशेष भिवानी के प्राचीन इतिहास को समझने में महत्वपूर्ण हैं।
विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में स्थानीय इतिहास/संस्कृति से संबंधित संग्रह या प्रदर्शनियाँ हो सकती हैं, लेकिन इन्हें राज्य स्तरीय सरकारी संग्रहालय के रूप में नहीं गिनना चाहिए।
01. हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड (BSEH) का मुख्यालय कहाँ है?
उत्तर — भिवानी
02. भिवानी जिले को किस उपनाम से जाना जाता है?
उत्तर — छोटी काशी
03. भिवानी से अलग होकर कौन-सा नया जिला बना?
उत्तर — चरखी दादरी
04. भिवानी का प्रसिद्ध हड़प्पाकालीन स्थल कौन-सा है?
उत्तर — मिट्ठाथल
05. भारत का पहला ओलंपिक पदक जीतने वाला मुक्केबाज़ किस जिले से संबंधित है?
उत्तर — भिवानी — विजेन्द्र सिंह
06. भिवानी किस खेल के लिए प्रसिद्ध है?
उत्तर — मुक्केबाज़ी (Boxing)
07. चौधरी बंसीलाल विश्वविद्यालय कहाँ स्थित है?
उत्तर — भिवानी
08. 1857 की क्रांति में भिवानी का प्रसिद्ध गाँव कौन-सा है?
उत्तर — रोहनात
09. लोहारू किला किस जिले में स्थित है?
उत्तर — भिवानी
10. तोशाम किस कारण प्रसिद्ध है?
उत्तर — पहाड़ियाँ, ऐतिहासिक एवं भूवैज्ञानिक/खनिज महत्व
11. भिवानी जिला कब बना?
उत्तर — 22-12-1972
12. भिवानी किस मंडल में आता है?
उत्तर — रोहतक मंडल
13. भिवानी का मुख्यालय कहाँ है?
उत्तर — भिवानी शहर
14. भिवानी का प्रमुख पुरातात्विक स्थल कौन-सा है?
उत्तर — मिट्ठाथल
15. भिवानी की प्रमुख नकदी फसल कौन-सी है?
उत्तर — कपास
16. भिवानी में किस प्रकार की जलवायु पाई जाती है?
उत्तर — अर्ध-शुष्क
17. तोशाम क्षेत्र किस खनिज/भूवैज्ञानिक संसाधन के लिए प्रसिद्ध है?
उत्तर — ग्रेनाइट एवं अन्य खनिज संसाधन
18. भिवानी को भारत की क्या कहा जाता है?
उत्तर — बॉक्सिंग नर्सरी
19. BSEH की स्थापना कब हुई?
उत्तर — 1969
20. चौधरी बंसीलाल विश्वविद्यालय की स्थापना कब हुई?
उत्तर — 2014
21. भिवानी में कौन-सा बड़ा शिक्षा बोर्ड स्थित है?
उत्तर — हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड
22. रोहनात गाँव किस घटना के लिए प्रसिद्ध है?
उत्तर — 1857 की क्रांति
23. भिवानी का प्रमुख ऐतिहासिक किला कौन-सा है?
उत्तर — लोहारू किला
24. भिवानी में कौन-सी बड़ी बारहमासी नदी बहती है?
उत्तर — कोई प्रमुख बारहमासी नदी नहीं
25. भिवानी की प्रमुख रबी फसल कौन-सी है?
उत्तर — गेहूँ
26. भिवानी की प्रमुख खरीफ फसल कौन-सी है?
उत्तर — बाजरा
27. भिवानी की प्रमुख तिलहनी फसल कौन-सी है?
उत्तर — सरसों
28. भिवानी की प्रमुख नकदी/व्यावसायिक फसल कौन-सी है?
उत्तर — कपास
29. भिवानी की प्रमुख मिट्टी कौन-सी है?
उत्तर — रेतीली एवं बलुई-दोमट
30. भिवानी की जलवायु का प्रमुख स्वरूप क्या है?
उत्तर — गर्म एवं अर्ध-शुष्क
31. भिवानी के प्रसिद्ध मुक्केबाज़ कौन हैं?
उत्तर — विजेन्द्र सिंह
32. भिवानी बॉक्सिंग क्लब से जुड़े प्रसिद्ध कोच कौन थे?
उत्तर — जगदीश सिंह
33. भिवानी में स्थित प्रमुख विश्वविद्यालय कौन-सा है?
उत्तर — चौधरी बंसीलाल विश्वविद्यालय
34. भिवानी का प्रमुख धार्मिक उपनाम क्या है?
उत्तर — छोटी काशी
35. भिवानी का प्रसिद्ध शिव मंदिर कौन-सा है?
उत्तर — गौरी शंकर मंदिर
36. लोहारू किस कारण प्रसिद्ध है?
उत्तर — ऐतिहासिक लोहारू रियासत एवं लोहारू किला
37. मिट्ठाथल किस सभ्यता से संबंधित है?
उत्तर — प्री-हड़प्पा एवं हड़प्पा संस्कृति
38. भिवानी का प्रमुख रेलवे जंक्शन कौन-सा है?
उत्तर — भिवानी जंक्शन
39. भिवानी से अलग बना नया जिला कौन-सा है?
उत्तर — चरखी दादरी
40. भिवानी की प्रमुख आर्थिक गतिविधियाँ क्या हैं?
उत्तर — कृषि, पशुपालन तथा संबंधित आर्थिक गतिविधियाँ
41. तोशाम की पहाड़ियाँ किस दृष्टि से प्रसिद्ध हैं?
उत्तर — भूवैज्ञानिक एवं ऐतिहासिक दृष्टि से
42. भिवानी में प्रमुख सिंचाई स्रोत क्या हैं?
उत्तर — नहर प्रणाली एवं नलकूप
43. भिवानी के स्थानीय भोजन में कौन-से पारंपरिक खाद्य प्रमुख हैं?
उत्तर — बाजरे की रोटी, चूरमा, सरसों का साग, दही आदि
44. भिवानी का प्रमुख गुरुद्वारा कौन-सा माना जाता है?
उत्तर — गुरुद्वारा सिंह सभा
45. भिवानी की प्रमुख मस्जिद कौन-सी है?
उत्तर — जामा मस्जिद
46. स्टार स्मारक किसकी स्मृति में बनाया गया?
उत्तर — प्रथम विश्व युद्ध के शहीद सैनिकों की स्मृति में
47. भिवानी में किस प्रकार के उद्योग महत्वपूर्ण हैं?
उत्तर — कृषि-आधारित एवं खनिज-आधारित उद्योग
48. भिवानी का प्रमुख खनन क्षेत्र कौन-सा है?
उत्तर — तोशाम–खानक क्षेत्र
49. भिवानी का प्रसिद्ध भू-पर्यटन स्थल कौन-सा है?
उत्तर — तोशाम पहाड़ियाँ
50. भिवानी का सबसे महत्वपूर्ण हड़प्पाकालीन पुरातात्विक स्थल कौन-सा है?
उत्तर — मिट्ठाथल
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