अंबाला
Ambala Districtइतिहास, भूगोल, संस्कृति, प्रशासन और महत्वपूर्ण परीक्षा तथ्य।
Notes पढ़ें →
District wise Description of Haryana State – District Jind
हरियाणा राज्य का जिलेवार वर्णन – जिला जींद
आज की हमारी यह पोस्ट हरियाणा जी.के से सम्बन्धित है। इस पोस्ट में हम आपको हरियाणा के जींद जिले से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी एवं PDF उपलब्ध कराएंगे।
इस PDF को नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करके डाउनलोड कर पाएँगे। यह सामग्री आने वाली ग्राम सचिव, पटवारी, कैनाल पटवारी, हरियाणा पुलिस, क्लर्क, हरियाणा ग्रुप-D, हरियाणा पात्रता तथा अन्य सभी हरियाणा प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए बहुत ही उपयोगी है।
स्थापना: 1 नवंबर, 1966 — पंजाब के तत्कालीन संगरूर जिले से अलग किया गया।
अन्य नाम: हरियाणा का हृदय, दूध की नगरी।
नामकरण: जयंती देवी मंदिर से संबंधित परंपरा के अनुसार जींद को ‘जयंतीनगरी’ या ‘जयंतीपुरी’ के नाम से भी जाना जाता है।
मुख्यालय: जींद
उपमंडल: जींद, सफीदों, नरवाना, उचाना
क्षेत्रफल: 2702 वर्ग किलोमीटर
लिंगानुपात: 938/1000 (2019 के अनुसार)
साक्षरता दर: 84.29 प्रतिशत (2015 के अनुसार)
जनसंख्या घनत्व: 493 व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर
लोकसभा क्षेत्र: सोनीपत, हिसार, सिरसा
विधानसभा क्षेत्र: जींद, जुलाना, नरवाना, सफीदों, उचाना
नेशनल हाईवे: 52
मुंजावता: जींद से लगभग 6 किलोमीटर की दूरी पर निर्जन क्षेत्र में स्थित मुंजावता एक खूबसूरत स्थान है।
नागक्षेत्र: जींद के सफीदों में नागक्षेत्र नामक तीर्थ स्थल एवं सरोवर स्थित है।
रानी तालाब: जींद का प्रसिद्ध ऐतिहासिक एवं धार्मिक स्थल।
पुष्कर तीर्थ: मान्यता के अनुसार भगवान परशुराम के पिता जमदग्नि ने यहाँ तपस्या की थी।
सोम तीर्थ: मान्यता के अनुसार श्रीकृष्ण जी के कहने पर पांडवों ने युद्ध में मारे गए योद्धाओं का पिंडदान सोमवती अमावस्या के दिन यहाँ किया था।
पांडु-पिंडारा: मान्यता के अनुसार पांडवों ने अपने पूर्वजों का पिंडदान यहीं किया था।
प्राचीन स्थल हंसदेहर: मान्यता के अनुसार ऋषि कर्दम ने इस स्थान पर कई वर्षों तक तपस्या की। कहा जाता है कि भगवान ब्रह्म ऋषि कर्दम के विवाह में सम्मिलित होने के लिए हंस पर सवार होकर आए थे, इसलिए इस स्थान का नाम हंसदेहर पड़ा।
हटकेश्वर: सफीदों क्षेत्र के हाट गाँव में स्थित हटकेश्वर धाम को महर्षि दधीचि की तपोस्थली माना जाता है। प्रतिवर्ष यहाँ मेले का आयोजन किया जाता है।
धमतान साहिब गुरुद्वारा: नरवाना–टोहाना रोड पर स्थित यह गुरुद्वारा सिखों के नौवें गुरु, गुरु तेग बहादुर के रात्रि विश्राम से संबंधित परंपरा के कारण प्रसिद्ध है।
बीरबारा वन्य जीव अभयारण्य: इसकी स्थापना 2007 में हुई।
भूतेश्वर मंदिर: रानी तालाब के बीचों-बीच स्थित यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है। दिए गए विवरण के अनुसार इसका निर्माण 1778–80 के बीच जींद रियासत के महाराजा रघुवीर सिंह ने करवाया था।
जीतगिरी मंदिर: काकड़ौद में स्थित प्रसिद्ध धार्मिक स्थल।
जींद का किला: दिए गए विवरण के अनुसार 1795 में गणपत सिंह ने इसका निर्माण करवाया था।
जयंती पुरातत्व संग्रहालय: इसकी स्थापना 2007 में हुई।
हजरत गाजी साहिब की दरगाह: नरवाना में स्थित प्रमुख धार्मिक स्थल।
01. अंग्रेजों के खिलाफ जींद का विद्रोह 1814 में प्रताप सिंह के नेतृत्व में हुआ।
02. 1940 ईस्वी में जींद रियासत में प्रजामंडल आंदोलन हुआ, जिसका नेतृत्व हीरा सिंह चिरानिया ने किया था।
03. जींद जिला हिसार मंडल में है।
04. जींद की सीमा पंजाब राज्य से लगती है।
05. जींद हरियाणा में सबसे ज्यादा 7 जिलों से सीमा साझा करता है।
06. जींद में फूड पार्क व हर्बल पार्क स्थित है।
07. जींद में गेंदा फूल का उत्पादन अत्यधिक होता है।
08. सबसे ज्यादा भैंसें जींद जिले में हैं, इसलिए इसे ‘दूध की नगरी’ कहते हैं।
09. जींद में कबड्डी अकादमी मशहूर है।
10. नरवाना सिंचाई योजना — भीखेवाला, खरड़वाला, खुर्दकलां एवं फुलियाकलां गाँव में।
11. सबसे कम पक्की सड़कों का घनत्व जींद में है।
12. अर्जुन स्टेडियम जींद का प्रमुख खेल परिसर है।
13. एकलव्य स्टेडियम जींद का प्रमुख खेल स्थल है।
14. हरियाणा का ‘काला सोना’ कही जाने वाली जींद की मुर्रा भैंस की कीमत 25 लाख रुपये है।
15. जींद में सबसे कम झाड़ियां पाई जाती हैं।
16. मिल्क प्लांट — यहाँ वीटा का मिल्क प्लांट है।
17. पशुओं का चारा प्लांट — पशुओं हेतु उत्तम चारे के निर्माण के लिए बने इस प्लांट में विदेश निर्मित मशीनों का इस्तेमाल होता है।
01. पांडु-पिंडारा अमावस्या का मेला — यह मेला पिंडदान के लिए प्रसिद्ध है। पांडवों ने अपने पूर्वजों का पिंडदान यहीं किया था।
02. रामराय का मेला — यह रामराय में लगता है। मान्यता के अनुसार भगवान परशुराम ने इस स्थल पर यज्ञ किया था।
03. शिवजी मेला — भूरायन में लगता है।
04. सच्चा सौदा मेला — सिंहपुरा में लगता है।
05. बाबा भोलानाथ का मेला — खरकराम में लगता है।
06. नागक्षेत्र तीर्थ मेला — सफीदों में लगता है।
07. नागदेव का मेला — घोघड़िया में लगता है।
08. धमतान साहिब का मेला — धमतान में लगता है।
09. हरकेश्वर का मेला — हाट गाँव, सफीदों में लगता है।
01. सूती वस्त्र
02. पावरलूम
03. वस्त्र उद्योग
04. चीनी उद्योग
05. इस्पात उद्योग
06. ट्यूब उद्योग
07. साइकिल कारखाने
08. हरियाणा डेयरी डेवलपमेंट कोऑपरेटिव फेडरेशन लिमिटेड
01. चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय — 2013 में स्थापना।
02. जींद पॉलीटेक्निक कॉलेज — 2013 में स्थापना।
03. जींद इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (JTET) — 2013 में स्थापना।
01. बराह गाँव — महाभारत के अनुसार बराह गाँव में भगवान विष्णु ने 12 अवतार लिए थे। इसका उल्लेख ‘वामन’, ‘पदम पुराण’ और ‘महाभारत’ में किया गया है।
02. इक्कसग्राम — जींद के इक्कसग्राम में भीम ने दुर्योधन का वध किया था।
03. अश्वनी कुमार तीर्थ — जींद के असान गाँव में स्थित है। इस स्थान से अश्वनी देवताओं की कथा जुड़ी हुई है।
01. पंडित अमीलाल — स्वतंत्रता सेनानी, ‘गाँधी का सेवक’ नाम से ख्यातिप्राप्त।
02. यजुवेंद्र चहल — क्रिकेटर।
03. जगदीप सिंह लोहान — सीबीआई जज।
04. रामकिशन व्यास — सांगी।
05. महावीर गुड्डू (बमलहरी) — गायक।
06. चौधरी बीरेंद्र सिंह — राजनेता।
07. कविता दलाल — WWE रेसलर। आपके दिए गए तथ्य के अनुसार, राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद द्वारा सम्मानित होने वाली भारत की प्रथम महिला रेसलर।
08. विनोद मलिक एवं वजीर सिंह — कबड्डी खिलाड़ी।
HSSC, CET, Haryana Police, Group C/D, HPSC एवं अन्य हरियाणा प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए यह सामग्री तैयार की गई है।
जहाँ वर्तमान प्रशासनिक जानकारी उपलब्ध है, उसे 2026 की आधिकारिक जिला वेबसाइट/सरकारी स्रोतों के अनुसार लिया गया है।
ऐतिहासिक तथ्यों में जिला प्रशासन, Haryana Gazetteer, Haryana Archaeology & Museums, Census of India तथा ECI को प्राथमिकता दी गई है।
| जिला | जींद (Jind) |
|---|---|
| राज्य | हरियाणा |
| जिला मुख्यालय | जींद शहर |
| जिला गठन | 1 नवंबर 1966 |
| गठन के समय आधार | तत्कालीन संगरूर जिले की जींद और नरवाना तहसीलें |
| हरियाणा गठन | 1 नवंबर 1966 |
| मंडल | हिसार मंडल |
| क्षेत्रफल | 2,702 वर्ग किमी |
| 2011 जनसंख्या | 13,32,042 — Census 2011 के अनुसार |
| वर्तमान उपमंडल | 4 — जींद, नरवाना, सफीदों, उचाना |
| वर्तमान तहसील | 5 — जींद, जुलाना, सफीदों, नरवाना, उचाना |
| CD Blocks | 7 |
| ग्राम पंचायत | 300 |
| गाँव | 306 |
| नगर निकाय | 5 |
| विधानसभा क्षेत्र | 5 |
| प्रमुख पहचान | हरियाणा का “Heart of Haryana” |
| प्रमुख धार्मिक स्थल | पांडु-पिंडारा, रामराय, भूतेश्वर, जयंती देवी |
| प्रमुख ऐतिहासिक स्थल | सफीदों किला, जींद किला, किला जफरगढ़ |
| प्रमुख विश्वविद्यालय | चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय |
जिला प्रशासन जींद को हरियाणा के पुराने जिलों में गिनता है और शहर को जिला मुख्यालय बताता है। Haryana Tourism इसे “Heart of Haryana” के रूप में प्रस्तुत करता है।
जींद के नामकरण की सर्वाधिक प्रचलित परंपरा इसे जयंती/जयन्ती देवी से जोड़ती है।
लोक-परंपरा के अनुसार, महाभारत युद्ध से पूर्व पांडवों ने विजय की देवी जयंती देवी की पूजा की थी। मंदिर के आसपास बस्ती विकसित हुई और उसका नाम जैन्तपुरी पड़ा, जो कालांतर में जींद कहलाया।
जिला प्रशासन भी इसे Jaintapuri से Jind में परिवर्तित होने की परंपरा के रूप में दर्ज करता है।
“पांडवों ने जींद बसाया” को प्रमाणित ऐतिहासिक घटना न लिखें।
इसे पौराणिक/स्थानीय मान्यता के रूप में लिखना अधिक सही है।
जींद जिले में मानव बसावट की प्राचीनता के प्रमाण मिले हैं।
यहाँ से निम्न सांस्कृतिक परंपराओं के प्रमाण मिले हैं:
जिला प्रशासन के अनुसार इन स्थानों से ताम्रपाषाण/प्री-हड़प्पन समुदाय से संबंधित मिट्टी के बर्तनों के प्रमाण मिले हैं।
जींद के कई स्थलों से Mature Harappan pottery मिली है।
जींद शहर के निकट राखीगढ़ी स्थित है, लेकिन राखीगढ़ी हिसार जिले में है।
जिला प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि जींद में संभावित हड़प्पाई स्थलों की संभावना है, लेकिन जहाँ उत्खनन नहीं हुआ है वहाँ अनुमान को प्रमाणित उत्खनन का परिणाम नहीं माना जाना चाहिए।
लगभग 1000 ईसा पूर्व के आसपास Painted Grey Ware संस्कृति के लोग इस क्षेत्र में आए।
इनका संबंध सामान्यतः वैदिक/आर्य सांस्कृतिक परंपरा से जोड़ा जाता है।
PGW → लगभग 1000 ईसा पूर्व → वैदिक/आर्य सांस्कृतिक परंपरा
जींद क्षेत्र का संबंध प्राचीन कुरुक्षेत्र क्षेत्र से बताया जाता है।
जिला इतिहास के अनुसार दृषद्वती नदी का प्राचीन प्रवाह जींद, असन, ब्राह्म, रामराय आदि क्षेत्रों से जुड़ा बताया गया है।
जींद से जुड़े कई स्थानों की पहचान महाभारत की धार्मिक एवं स्थानीय परंपराओं के साथ की जाती है।
इन स्थानों में से अधिकांश संबंध पौराणिक/धार्मिक परंपराएँ हैं। इन्हें आधुनिक अर्थ में पुरातात्त्विक रूप से प्रमाणित महाभारत घटनाएँ नहीं माना जाना चाहिए।
6वीं शताब्दी ईसा पूर्व में कुरु 16 महाजनपदों में से एक था।
जींद क्षेत्र को कुरु क्षेत्र का हिस्सा माना जाता है।
इसके बाद यह क्षेत्र नंद साम्राज्य के प्रभाव में रहा।
जींद क्षेत्र → कुरु क्षेत्र → 16 महाजनपदों में कुरु → नंद साम्राज्य का प्रभाव
मौर्य काल में जींद क्षेत्र के मौर्य साम्राज्य में होने के संकेत मिलते हैं।
सीधे जींद में अशोक का शिलालेख मिलने का दावा नहीं करना चाहिए।
बल्कि निकटवर्ती प्रमाणों से इस क्षेत्र के मौर्य साम्राज्य में होने का संकेत मिलता है:
जींद → मौर्य साम्राज्य में होने के संकेत → निकटवर्ती अशोककालीन प्रमाण
मौर्यों के बाद क्षेत्र में यौधेय जैसी गण/योद्धा शक्तियाँ प्रभावी रहीं।
बाद में कुषाण शक्ति का प्रभाव आया।
अन्ता गाँव, सफीदों तहसील से कुषाण सम्राट कनिष्क का एक सिक्का प्राप्त हुआ है।
अन्ता — कनिष्क का सिक्का — कुषाण काल
चौथी शताब्दी ईस्वी में यौधेय क्षेत्र समुद्रगुप्त के प्रभाव में आया।
इसके बाद गुप्त साम्राज्य के पतन के पश्चात हूणों का प्रभाव हुआ।
समुद्रगुप्त → चौथी शताब्दी ईस्वी → यौधेय क्षेत्र पर प्रभाव
7वीं शताब्दी में जींद क्षेत्र श्रीकंठ नामक क्षेत्र का हिस्सा था और थानेसर के पुष्यभूति/वर्धन वंश के प्रभाव में रहा।
जींद → श्रीकंठ क्षेत्र → पुष्यभूति प्रभाव → हर्षवर्धन काल
हर्ष के बाद स्थिति स्पष्ट रूप से निरंतर ज्ञात नहीं है।
9वीं–10वीं शताब्दी में क्षेत्र प्रतिहार साम्राज्य के प्रभाव में रहा।
बाद में तोमर शक्ति का प्रभाव आया।
तोमर सत्ता का प्रमुख केंद्र ढिल्लिका/दिल्ली था।
12वीं शताब्दी में चाहमान/चौहान शक्ति ने तोमरों को पराजित कर इस क्षेत्र में प्रभुत्व स्थापित किया।
विग्रहराज चतुर्थ का उल्लेख मिलता है।
इसके बाद 1192 ई. के तराइन के द्वितीय युद्ध के बाद राजनीतिक स्थिति बदल गई।
12वीं शताब्दी → चौहान प्रभुत्व → विग्रहराज चतुर्थ → 1192 तराइन का द्वितीय युद्ध
1206 ई. में कुतुबुद्दीन ऐबक द्वारा तुर्की सत्ता स्थापित होने के बाद वर्तमान जींद क्षेत्र दिल्ली सल्तनत का हिस्सा बना।
प्रारंभ में इसे हांसी की इक्ता के अंतर्गत रखा गया।
1355–56 ई. में फिरोज शाह तुगलक ने यमुना से नहर निकाली।
फिरोज तुगलक = नहर + सफीदों / तुगलकपुर
1398 ई. में तैमूर ने भारत पर आक्रमण किया।
जींद को उसके मुख्य आक्रमण का उतना नुकसान नहीं हुआ, लेकिन उसके मार्ग के दौरान सफीदों क्षेत्र प्रभावित हुआ और वहाँ के किले को जलाए जाने का उल्लेख मिलता है।
1398 → तैमूर का आक्रमण → सफीदों क्षेत्र प्रभावित
1451 ई. में लोदियों ने क्षेत्र पर नियंत्रण स्थापित किया।
यह नियंत्रण 1526 तक रहा।
1526 — बाबर ने इब्राहिम लोदी को पराजित कर मुगल सत्ता स्थापित की।
बाबर ने हिसार डिवीजन सहित जींद क्षेत्र हुमायूँ को प्रदान किया।
1540–45 के दौरान जींद क्षेत्र हिसार सरकार के अधीन था।
1556 के बाद अकबर के शासन में प्रशासनिक स्थिरता आई।
आइन-ए-अकबरी में धातरथ के ईंट के किले का उल्लेख मिलता है।
धातरथ → ईंट का किला → आइन-ए-अकबरी
1707 ई. में औरंगजेब की मृत्यु के बाद मुगल केंद्रीय सत्ता कमजोर हुई।
इसके बाद जींद क्षेत्र में विभिन्न स्थानीय शक्तियाँ अधिक प्रभावी हुईं।
1707 → औरंगजेब की मृत्यु → मुगल सत्ता कमजोर → स्थानीय शक्तियों का प्रभाव
जींद के इतिहास में राजा गजपत सिंह का अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है।
वे फूल/फुल के वंशज थे और फुलकियां मिसल से संबंधित थे।
गजपत सिंह ने सिखों के साथ मिलकर सरहिंद पर आक्रमण किया।
सरहिंद के अफगान गवर्नर जैन खान की मृत्यु हुई।
इसके बाद गजपत सिंह को जींद और सफीदों सहित क्षेत्र प्राप्त हुआ।
1763 → क्षेत्र प्राप्त | 1772 → राजा की उपाधि | 1775 → जींद किला | 1776 → जींद राजधानी
राजा गजपत सिंह की पुत्री बीबी कौर का विवाह सरदार महा सिंह शुकरचकिया से हुआ।
वही महा सिंह आगे चलकर महाराजा रणजीत सिंह के पिता थे।
गजपत सिंह → बीबी कौर → महा सिंह शुकरचकिया → रणजीत सिंह
गजपत सिंह के बाद भाग सिंह शासक बने।
भाग सिंह ने अंग्रेजों का साथ दिया और लॉर्ड लेक की मराठों के विरुद्ध कार्रवाई में सहायता की।
भाग सिंह → 1803 → अंग्रेजों का सहयोग → लॉर्ड लेक → मराठों के विरुद्ध कार्रवाई
राजकुमार प्रताप सिंह ने अंग्रेजों के प्रभाव के विरोध में विद्रोह किया।
उन्होंने जींद किले पर कब्जा किया।
बाद में अंग्रेजों ने कार्रवाई की और प्रताप सिंह को पराजित किया।
23 जून 1814 → प्रताप सिंह का विद्रोह → जींद किले पर कब्जा
सरूप सिंह के शासनकाल में जनता/विद्रोहियों ने विरोध किया।
ब्रिटिश समर्थित कार्रवाई में विद्रोह दबाया गया।
जींद रियासत ने 1857 में अंग्रेजों के विरुद्ध विद्रोह नहीं किया था।
इसके विपरीत राजा सरूप सिंह ने अंग्रेजों की सहायता की।
अंग्रेजों ने सरूप सिंह को पुरस्कार दिए और दादरी तथा कुलरान आदि क्षेत्रों से संबंधित लाभ प्रदान किए।
1857 + जींद रियासत = राजा सरूप सिंह + अंग्रेजों का साथ
रघबीर सिंह के शासनकाल में दादरी क्षेत्र में किसानों का बड़ा विद्रोह हुआ।
लगभग 50 गाँवों के किसानों ने विरोध किया था।
इस घटना को वर्तमान चरखी दादरी जिले की स्थिति से भ्रमित न करें। यह घटना तत्कालीन जींद रियासत के दादरी क्षेत्र से संबंधित थी।
जींद रियासत ने ब्रिटिश सरकार का समर्थन किया।
Jind Imperial Service Regiment ने पूर्वी अफ्रीका में लगभग साढ़े तीन वर्ष सेवा की।
रियासत ने युद्ध के लिए आर्थिक सहायता भी दी।
जींद रियासत → ब्रिटिश समर्थन → Jind Imperial Service Regiment → पूर्वी अफ्रीका
जींद में प्रजा मंडल आंदोलन ने रियासत की निरंकुशता और आर्थिक शोषण के विरुद्ध आवाज उठाई।
आंदोलन का संगठन नरवाना सहित विभिन्न स्थानों में विकसित हुआ और बाद में जींद, दादरी, संगरूर आदि क्षेत्रों में फैल गया।
प्रजा मंडल आंदोलन → रियासत की निरंकुशता का विरोध → आर्थिक शोषण के विरुद्ध आवाज → करों में कमी + बेगार समाप्ति + प्रतिनिधित्व + जनभागीदारी
गजपत सिंह → जींद रियासत → जींद किला → भाग सिंह → प्रताप सिंह → सरूप सिंह → 1857 में अंग्रेजों का साथ → 1874 किसान विद्रोह → प्रथम विश्व युद्ध → प्रजा मंडल आंदोलन
प्रजा मंडल आंदोलन के दबाव के बाद 18 जनवरी 1947 को जींद राज्य में प्रतिनिधि सरकार का गठन किया गया।
18 जनवरी 1947 → जींद राज्य में प्रतिनिधि सरकार
जींद रियासत को PEPSU — Patiala and East Punjab States Union में मिला दिया गया।
संगरूर जिले में परिवर्तन के बाद इसमें पाँच तहसीलें थीं:
पंजाब पुनर्गठन के समय जींद + नरवाना तहसीलें हरियाणा के नए जींद जिले में शामिल की गईं।
जींद हरियाणा के मूल सात जिलों में शामिल था।
1948 → PEPSU → 1953 → संगरूर → 1 नवंबर 1966 → हरियाणा में जींद जिला
जींद तहसील को विभाजित करके:
दो तहसीलें बनाई गईं।
कैथल तहसील से 54 गाँव जींद जिले में स्थानांतरित हुए।
43 + 5 + 6 = 54 गाँव
बरसोला गाँव को हिसार जिले की हांसी तहसील से जींद तहसील में स्थानांतरित किया गया।
वर्तमान जिला प्रशासन के अनुसार जींद में 4 उपमंडल हैं।
4 उपमंडल + 5 तहसील + 7 विकासखंड
जींद की वर्तमान जिला वेबसाइट के Demography पेज पर 2011 के लिए 13,34,152 लिखा है, जबकि Haryana Tourism/Census-आधारित आँकड़े 13,32,042 देते हैं।
Census 2011 → 13,32,042
परीक्षा में Census-आधारित 13,32,042 को प्राथमिकता दें।
जींद जिले में 5 विधानसभा क्षेत्र हैं।
| क्रमांक | विधानसभा क्षेत्र | विशेषता |
|---|---|---|
| 34 | जुलाना | जींद जिला |
| 35 | सफीदों | जींद जिला |
| 36 | जींद | जींद जिला |
| 37 | उचाना कलां | जींद जिला |
| 38 | नरवाना | SC |
34 जुलाना → 35 सफीदों → 36 जींद → 37 उचाना कलां → 38 नरवाना (SC)
वर्तमान परिसीमन के अनुसार जींद जिले की विधानसभा सीटें 3 लोकसभा क्षेत्रों में आती हैं।
Jind district → 3 Lok Sabha PCs → Sonipat + Hisar + Sirsa
जींद हरियाणा के मध्य भाग में स्थित है।
Latitude → 29°03′–29°51′ N | Longitude → 75°53′–76°47′ E | Elevation → 227 m
शुष्क एवं गर्म ग्रीष्म तथा ठंडी शीत ऋतु वाली जलवायु।
जिला प्रशासन के अनुसार औसत वार्षिक वर्षा लगभग 55 सेमी है।
70% से अधिक वर्षा मानसूनी महीनों में होती है।
225.5 मिमी
11 जुलाई 1953
जींद में 24 घंटे में दर्ज भारी वर्षा का रिकॉर्ड किस तिथि से संबंधित है?
उत्तर: 11 जुलाई 1953 — 225.5 मिमी
जींद में वर्तमान समय में कोई बड़ी बारहमासी नदी प्रमुखता से नहीं बहती।
ऐतिहासिक भूगोल में दृषद्वती नदी का विशेष महत्व है।
प्राचीन दृषद्वती का संबंध असन, जींद, धुंधवा और रामराय आदि क्षेत्रों से बताया गया है।
जींद जिले की सिंचाई व्यवस्था में पश्चिमी यमुना नहर प्रणाली तथा भाखड़ा प्रणाली दोनों का महत्व है।
जींद + सफीदों → यमुना नहर प्रणाली
नरवाना → भाखड़ा प्रणाली
1947 प्रतिनिधि सरकार → 1948 PEPSU → 1966 हरियाणा में जींद → 4 उपमंडल → 5 तहसील → 7 विकासखंड → 5 विधानसभा → 3 लोकसभा → 2702 km² → 13,32,042 जनसंख्या → दृषद्वती → यमुना नहर + भाखड़ा प्रणाली
जींद की अर्थव्यवस्था में कृषि का बड़ा महत्व है।
जींद, नरवाना और सफीदों क्षेत्रों में फल उत्पादन का उल्लेख मिलता है।
जींद मुर्रा भैंस और हरियाणा नस्ल की गाय वाले क्षेत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
हरियाणा का पहला Milk Plant — जींद
यह 5 दिसंबर 1970 से कार्यरत हुआ।
पहला Milk Plant + 5 दिसंबर 1970 = जींद
इसे हरियाणा में White Revolution era की शुरुआत से भी जोड़ा जाता है।
हरियाणा बनने के बाद जींद में औद्योगीकरण तेज हुआ।
Milk Plant — 1970
जींद शहर
पांडवों द्वारा मंदिर निर्माण की बात को लोक/पौराणिक मान्यता के रूप में पढ़ें।
मान्यता है कि पांडवों ने यहाँ अपने मृत संबंधियों के लिए पिंडदान किया था।
पांडु-पिंडारा → पिंडदान → सोमवती अमावस्या
यहाँ सोमवती अमावस्या के अवसर पर मेला लगता है।
पौराणिक परंपरा में रामराय को परशुराम से जोड़ा जाता है।
सफीदों का संबंध प्राचीन सर्पदेवी/सर्पदधि से जोड़ा जाता है।
जनमेजय का सर्प यज्ञ इस क्षेत्र से जोड़े जाने की परंपरा मिलती है।
Safidon Fort → 18th Century → Jind State Rulers
किला जफरगढ़ हरियाणा पुरातत्व विभाग की राज्य संरक्षित स्मारकों/स्थलों की सूची में जींद जिले के अंतर्गत दर्ज है।
जफरगढ़ → जींद जिला → संरक्षित ऐतिहासिक स्थल
Haryana Directorate of Archaeology & Museums की सूची में जींद से संबंधित कई महत्वपूर्ण पुरातात्त्विक स्थल दर्ज हैं।
किरसोला → प्राचीन टीला | धरोंड खेड़ा → प्राचीन स्थल | सफीदों → प्राचीन किला | जफरगढ़ → किला
भूतेश्वर मंदिर के साथ एक बड़ा तालाब है, जिसे रानी तालाब कहा जाता है।
रानी तालाब जींद का प्रमुख पर्यटन एवं ऐतिहासिक स्थल है।
राजा रघबीर सिंह ने भूतेश्वर मंदिर के साथ बड़े जलाशय का निर्माण कराया, जिसे रानी तालाब के नाम से जाना जाता है।
रघबीर सिंह → भूतेश्वर मंदिर → रानी तालाब
वाल्मीकि आश्रम, राम के अश्वमेध यज्ञ तथा गुरु तेग बहादुर के ठहरने से संबंधित विवरणों को उनके संबंधित धार्मिक/पौराणिक परंपरा के संदर्भ में समझें।
जींद → कृषि + मुर्रा भैंस + पहला Milk Plant + जयंती देवी + पांडु-पिंडारा + रामराय + सफीदों + भूतेश्वर मंदिर + रानी तालाब + धामतन साहिब
असन गाँव → अश्विनी कुमार तीर्थ → जींद से लगभग 14 किमी पूर्व
CRSU → Jind → 24 July 2014 → Act No. 28 of 2014
जींद रेल और सड़क दोनों से जुड़ा हुआ महत्वपूर्ण परिवहन केंद्र है।
जींद रेलवे स्टेशन/जंक्शन महत्वपूर्ण रेल नेटवर्क पर स्थित है। Haryana Tourism के अनुसार जींद दिल्ली–फिरोजपुर रेलवे सेक्शन पर स्थित है।
जींद → रेल + सड़क → दिल्ली, रोहतक, हिसार, पटियाला, चंडीगढ़
1857 के विद्रोह के दौरान अंग्रेजों का साथ दिया।
जींद सेना को ब्रिटिश सैन्य अभियान में भेजा गया।
भूतेश्वर मंदिर एवं रानी तालाब से संबंधित शासक।
1874 के किसान विद्रोह के समय जींद रियासत के शासक थे।
चौधरी रणबीर सिंह हुड्डा हरियाणा के स्वतंत्रता सेनानी, समाज सुधारक और राजनेता थे।
उनके नाम पर चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय, जींद का नाम रखा गया है।
जींद की सांस्कृतिक पहचान मुख्यतः हरियाणवी लोक संस्कृति, कृषि प्रधान समाज और धार्मिक परंपराओं से जुड़ी हुई है।
असन → अश्विनी कुमार तीर्थ | CRSU → 24 जुलाई 2014 | जींद → दिल्ली–फिरोजपुर रेल सेक्शन | गजपत सिंह → जींद राज्य | सरूप सिंह → 1857 | रघबीर सिंह → भूतेश्वर मंदिर/रानी तालाब | रणबीर सिंह हुड्डा → CRSU नामकरण
| वर्ष / तिथि | घटना |
|---|---|
| प्रागैतिहासिक काल | प्री-हड़प्पन बसावट |
| लगभग 1000 BCE | Painted Grey Ware |
| 6वीं शताब्दी BCE | कुरु महाजनपद |
| 4वीं शताब्दी BCE | मौर्य प्रभाव |
| 4वीं शताब्दी CE | समुद्रगुप्त का प्रभाव |
| 7वीं शताब्दी CE | पुष्यभूति / हर्ष काल |
| 1192 | तराइन का द्वितीय युद्ध |
| 1206 | दिल्ली सल्तनत |
| 1355–56 | फिरोज तुगलक की नहर |
| 1398 | तैमूर आक्रमण |
| 1451 | लोदी नियंत्रण |
| 1526 | बाबर का आगमन |
| 1540–45 | शेरशाह सूरी |
| 1556 | द्वितीय पानीपत के बाद अकबर |
| 1707 | औरंगजेब की मृत्यु |
| 1763 | गजपत सिंह का उदय |
| 1772 | गजपत सिंह को राजा की उपाधि |
| 1775 | जींद किला |
| 1776 | जींद राजधानी |
| 1803 | भाग सिंह–ब्रिटिश गठबंधन |
| 23 जून 1814 | प्रताप सिंह का विद्रोह |
| 1835 | लोकप्रिय विद्रोह |
| 1857 | जींद रियासत ने ब्रिटिश सहायता की |
| 14 मई 1874 | चरखी संघर्ष |
| 16 मई 1874 | झाऊझू संघर्ष |
| 18 जनवरी 1947 | प्रतिनिधि सरकार |
| 15 जुलाई 1948 | PEPSU में विलय |
| 1 नवंबर 1966 | जींद जिला बना |
| 1967 | सफीदों तहसील |
| 5 दिसंबर 1970 | जींद Milk Plant |
| जनवरी 1973 | 54 गाँव जींद में |
| 1974 | बरसोला जींद में |
| 24 जुलाई 2014 | CRSU स्थापना |
1763 → गजपत सिंह
1772 → राजा की उपाधि
1775 → जींद किला
1776 → जींद राजधानी
1857 → अंग्रेजों की सहायता
1947 → प्रतिनिधि सरकार
1948 → PEPSU
1966 → जींद जिला
1970 → Milk Plant
2014 → CRSU
जींद जिला — 1 नवंबर 1966
जींद Milk Plant — 5 दिसंबर 1970
CRSU — 24 जुलाई 2014
1. जींद जिले का गठन कब हुआ?
2. जींद जिला किन तहसीलों से बनाया गया?
3. जिला बनने से पहले जींद और नरवाना किस जिले का हिस्सा थे?
4. जींद हरियाणा के कितने मूल जिलों में शामिल था?
5. जींद नामकरण किससे जोड़ा जाता है?
6. जींद नामकरण की परंपरा में किस देवी का उल्लेख है?
7. जींद का प्राचीन संबंध किस क्षेत्र से माना जाता है?
8. जींद में Mature Harappan pottery किस स्थान से मिली?
9. अन्ता से किस शासक का सिक्का मिला?
10. PGW का पूरा नाम क्या है?
11. PGW संस्कृति का समय लगभग कितना माना गया है?
12. जींद क्षेत्र किस प्राचीन नदी से विशेष रूप से जुड़ा है?
13. कुरु किस श्रेणी में आता था?
14. जींद क्षेत्र किस साम्राज्य में रहा?
15. 7वीं शताब्दी में जींद क्षेत्र किस शक्ति से संबंधित था?
16. 1192 का प्रमुख युद्ध कौन-सा था?
17. 1206 में किसने तुर्की सत्ता स्थापित की?
18. प्रारंभ में जींद क्षेत्र किस इक्ता के अंतर्गत था?
19. 1355–56 में नहर किस शासक ने बनवाई?
20. फिरोज तुगलक ने सफीदों का नाम क्या किया?
21. जींद रियासत के प्रमुख संस्थापक शासक कौन थे?
22. गजपत सिंह ने जींद क्षेत्र पर कब अधिकार किया?
23. गजपत सिंह को राजा की उपाधि कब मिली?
24. जींद किला कब बनाया गया?
25. जींद को राजधानी कब बनाया गया?
26. गजपत सिंह की पुत्री बीबी कौर का विवाह किससे हुआ?
27. बीबी कौर किसकी माता थीं?
28. 1803 में भाग सिंह ने किसकी सहायता की?
29. प्रताप सिंह का विद्रोह कब हुआ?
30. प्रताप सिंह ने किस किले पर कब्जा किया?
31. 1857 में जींद रियासत का रुख क्या था?
32. 1857 में जींद के शासक कौन थे?
33. सरूप सिंह ने 1857 में किस शहर की रक्षा में सहायता की?
34. 1874 का किसान विद्रोह मुख्यतः किस क्षेत्र से जुड़ा था?
35. 1874 में चरखी में संघर्ष कब हुआ?
36. झाऊझू का संघर्ष कब हुआ?
37. प्रजा मंडल आंदोलन की मुख्य मांगों में क्या शामिल था?
38. प्रतिनिधि सरकार जींद में कब बनी?
39. जींद राज्य PEPSU में कब मिला?
40. 1966 में जींद किस राज्य का जिला बना?
41. वर्तमान में जींद में कितने उपमंडल हैं?
42. निम्न में कौन जींद का उपमंडल है?
43. जींद उपमंडल में कौन-कौन सी तहसीलें हैं?
44. जींद जिले में वर्तमान में कितनी तहसीलें हैं?
45. निम्न में कौन जींद की तहसील है?
46. जींद जिले में कितने विधानसभा क्षेत्र हैं?
47. जींद जिले का SC विधानसभा क्षेत्र कौन-सा है?
48. जींद विधानसभा क्षेत्र का नंबर क्या है?
49. उचाना कलां विधानसभा का नंबर है—
50. जुलाना विधानसभा का नंबर है—
51. जींद का क्षेत्रफल कितना है?
52. जींद की औसत वर्षा लगभग कितनी है?
53. जींद में भारी 24 घंटे की वर्षा का रिकॉर्ड किस तारीख का है?
54. जींद की प्राचीन नदी कौन-सी है?
55. जींद और सफीदों किस नहर प्रणाली से जुड़े हैं?
56. नरवाना किस प्रमुख सिंचाई प्रणाली से जुड़ा है?
57. जींद की जलवायु कैसी है?
58. जींद की प्रमुख कृषि फसल कौन-सी है?
59. जींद में प्रमुख नकदी फसलों में कौन शामिल है?
60. जींद में प्रमुख फलों में कौन शामिल है?
61. पांडु-पिंडारा किससे जुड़ा है?
62. पांडु-पिंडारा का प्रमुख मेला कब लगता है?
63. रामराय किससे संबंधित तीर्थ है?
64. सफीदों किस पौराणिक घटना से जोड़ा जाता है?
65. सफीदों में किस देवता का मंदिर प्रमुख है?
66. भूतेश्वर मंदिर किस देवता को समर्पित है?
67. भूतेश्वर मंदिर किस शासक से संबंधित है?
68. रानी तालाब किस शहर में है?
69. धामतन साहिब किस तहसील में है?
70. धामतन साहिब किस सिख गुरु से जुड़ा है?
71. सफीदों किला किस काल का है?
72. सफीदों किला किसने बनवाया?
73. किरसौला किस प्रकार का स्थल है?
74. धरोंड खेड़ा किससे संबंधित है?
75. किला जफरगढ़ किस जिले में है?
76. जींद में पहला बड़ा औद्योगिक संयंत्र कौन-सा था?
77. जींद Milk Plant कब शुरू हुआ?
78. जींद Milk Plant ने किस क्रांति से जुड़ी भूमिका निभाई?
79. Milk Plant ने काम कब शुरू किया?
80. CRSU का पूरा नाम क्या है?
81. CRSU की स्थापना कब हुई?
82. CRSU किस Act से स्थापित हुआ?
83. जुलाना किस लोकसभा क्षेत्र में आता है?
84. सफीदों किस लोकसभा क्षेत्र में है?
85. जींद विधानसभा किस लोकसभा क्षेत्र में है?
86. उचाना कलां किस लोकसभा क्षेत्र में है?
87. नरवाना विधानसभा किस लोकसभा क्षेत्र में है?
88. जींद को “Heart of Haryana” किससे संबंधित पहचान मिलती है?
89. जींद के प्राचीन इतिहास में किस प्रकार की pottery मिली है?
90. जींद का संबंध किस प्राचीन महाजनपद से है?
91. 1973 में जींद में कितने गाँव जोड़े गए?
92. 1973 में कैथल से जींद तहसील को कितने गाँव मिले?
93. 1973 में सफीदों को कितने गाँव मिले?
94. 1973 में नरवाना को कितने गाँव मिले?
95. 1974 में कौन-सा गाँव जींद में आया?
96. जींद की प्राचीन नदी का नाम किस प्रकार लिखा जाता है?
97. जींद के इतिहास में 1775 किसके लिए महत्वपूर्ण है?
98. 1857 में जींद की सेना ने किस पक्ष का समर्थन किया?
99. जींद जिले का सबसे महत्वपूर्ण आधुनिक शिक्षा संस्थान कौन-सा राज्य विश्वविद्यालय है?
100. निम्न में जींद जिले के लिए सही युग्म कौन-सा है?
Jaintapuri →Kurukshetra →Drishadvati →PGW →Kuru →Maurya →Yaudheya →Kushana →Harsha →Sultanate →Firoz Canal →Mughal →Gajpat Singh →1775 Fort →1776 Capital →British Alliance →1857 British Support →Praja Mandal →PEPSU →1 Nov 1966 District →1973 Villages →1970 Milk Plant →CRSU 2014
जींद = 1966 District + 1970 Milk Plant + 2014 CRSU
गजपत सिंह = 1763 + 1772 + 1775 + 1776
1857 = जींद रियासत + सरूप सिंह + ब्रिटिश सहायता
2011 जनसंख्या में जिला वेबसाइट और Census-आधारित स्रोत में अंतर मिला। परीक्षा के लिए 13,32,042 को प्राथमिकता दी गई है।
If you like and think that the topic of Haryana GK – जिला जींद का दर्शन / वर्णन is helpful for you, please join our WhatsApp Channel and provide your valuable suggestions.
Your suggestions would be greatly appreciated.
Thank you for being here.
Regards – Team GK247.in
अपना जिला चुनें और उसके Complete GK Notes पढ़ना शुरू करें।
इतिहास, भूगोल, संस्कृति, प्रशासन और महत्वपूर्ण परीक्षा तथ्य।
Notes पढ़ें →भिवानी के इतिहास, संस्कृति, भूगोल और महत्वपूर्ण सामान्य ज्ञान।
Notes पढ़ें →जिले की भौगोलिक, ऐतिहासिक और परीक्षा उपयोगी जानकारी।
Notes पढ़ें →उद्योग, इतिहास, भूगोल और जिले से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य।
Notes पढ़ें →प्राचीन इतिहास, भूगोल और परीक्षा में उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य।
Notes पढ़ें →आधुनिक हरियाणा के प्रमुख जिले का इतिहास और महत्वपूर्ण GK।
Notes पढ़ें →प्राचीन इतिहास, पुरातत्व, भूगोल और महत्वपूर्ण जिला तथ्य।
Notes पढ़ें →इतिहास, संस्कृति, प्रशासन और परीक्षा केंद्रित जिला GK।
Notes पढ़ें →इतिहास, धार्मिक स्थल, भूगोल और महत्वपूर्ण जिला सामान्य ज्ञान।
Notes पढ़ें →ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण तथ्य।
Notes पढ़ें →कृषि, इतिहास, भूगोल और परीक्षा उपयोगी करनाल GK।
Notes पढ़ें →महाभारत भूमि, धार्मिक स्थलों और ऐतिहासिक महत्व के तथ्य।
Notes पढ़ें →जिले के इतिहास, भूगोल और प्रमुख परीक्षा तथ्यों का संग्रह।
Notes पढ़ें →मेवात क्षेत्र का इतिहास, संस्कृति और महत्वपूर्ण जिला GK।
Notes पढ़ें →इतिहास, भूगोल और परीक्षा में पूछे जाने वाले महत्वपूर्ण तथ्य।
Notes पढ़ें →तीन प्रसिद्ध पानीपत युद्धों और जिले के इतिहास से जुड़े तथ्य।
Notes पढ़ें →शिवालिक क्षेत्र, धार्मिक स्थल और पंचकूला के प्रमुख तथ्य।
Notes पढ़ें →इतिहास, सैन्य परंपरा और प्रमुख ऐतिहासिक तथ्यों के नोट्स।
Notes पढ़ें →इतिहास, शिक्षा, संस्कृति और परीक्षा उपयोगी जिला सामान्य ज्ञान।
Notes पढ़ें →इतिहास, कृषि, संस्कृति और प्रमुख परीक्षा उपयोगी तथ्य।
Notes पढ़ें →इतिहास, उद्योग, संस्कृति और महत्वपूर्ण सामान्य ज्ञान।
Notes पढ़ें →यमुना नदी, उद्योग, ऐतिहासिक स्थल और महत्वपूर्ण जिला तथ्य।
Notes पढ़ें →हरियाणा का 23वाँ जिला — इतिहास, किला और महत्वपूर्ण जिला GK।
Notes पढ़ें →