अंबाला
Ambala Districtइतिहास, भूगोल, संस्कृति, प्रशासन और महत्वपूर्ण परीक्षा तथ्य।
Notes पढ़ें →आज की हमारी यह पोस्ट हरियाणा जी.के से सम्बन्धित है, इस पोस्ट में हम आपको हरियाणा के नूँह जिले से संबंधित PDF उपलब्ध कराऐंगे। इस PDF को नीचे दिए लिंक पर क्लिक करके डाउनलोड कर पाएँगे। जो कि आपको आने वाले ग्राम सचिव, पटवारी, कैनाल पटवारी, हरियाणा पुलिस, क्लर्क, हरियाणा ग्रुप डी, हरियाणा पात्रता व अन्य हरियाणा की सभी प्रकार की परीक्षा के लिए बहुत ही उपयोगी है।
स्थापना – 2 अक्टूबर, 2004 (सत्यमेवपुरम), 5 अप्रैल, 2005 (मेवात), 12 अप्रैल, 2016 (नूँह)
मुख्यालय – मेवात (नूँह)
उप मण्डल – फिरोजपुर, झिरका, नूँह
तहसील – फिरोजपुर, झिरका, नूँह, पुन्हाना, तावडु
उप तहसील – नगीना
खंड – फिरोजपुर, झिरका, नूँह, पुन्हाना, तावडु और नगीना
क्षेत्रफल – 1507 वर्ग किलोमीटर
लिंगानुपात – 921/1000 (2019 के अनुसार)
साक्षरता दर – 54.08 प्रतिशत
जिले में घनत्व – 729 वर्ग किलोमीटर
लोकसभा क्षेत्र – गुरुग्राम
विधानसभा क्षेत्र – फिरोजपुर, झिरका, नूँह, पुन्हाना
1857 की क्रांति के नेता – सदरूद्दीन
नेशनल हाईवे – 248
अलग होकर बना – गुरुग्राम
1. चूहीमल तालाब – सेठ चूहीमल ने 10 बीघा जमीन खरीदकर उसे तालाब का रूप दे दिया। यह जलराशि का बड़ा स्रोत होने के साथ-साथ बहुत प्राचीन स्थल है।
2. क्लासिक गोल्फ रिसोर्ट – अरावली पर्वत शृंखला की तराई में गाँव पांडा तावडू में स्थित अंतर्राष्ट्रीय स्तर का गोल्फ कोर्स है। यहाँ पर विदेशी पर्यटक भी आते हैं।
3. कोटला झील – कोटला झील मेवात की ही नहीं एशिया की सबसे बड़ी झील मानी जाती है। इस झील के बारे में बाबर ने ‘बाबरनामा’ में भी उल्लेख किया है।
4. शेख मूसा की मजार (शाह चौखा की मजार) – मेवात की धरती पीर-फकीरों तथा ऋषि-मुनियों की कर्मस्थली भी है। हजरत शेख मूसा का संबंध ईरान से बताया जाता है। वह दिल्ली के प्रसिद्ध सूफी हजरत निजामुद्दीन औलिया के मुरीद थे। हजरत शेख मूसा की दरगाह पल्ला गाँव में पहाड़ी की तलहटी में मुगल बादशाह अकबर ने बनवाई थी।
5. तावडू का किला – यह नाहर सिंह राजा का किला था। इस किले के चारों ओर ऊंची-ऊंची दीवारें बनी हैं। वर्तमान में यहाँ थाना बना हुआ है।
6. तावडू के गुम्बद – ये गुम्बद मुगलकालीन शासन में बने थे। इन गुम्बदों में कब्रें मौजूद हैं।
7. कन्ट्री क्लब – दिल्ली-जयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर मानेसर के पास 300 एकड़ में फैला यह भारत का सबसे पहला कन्ट्री क्लब है।
8. गाँधी पार्क – यह बहुत ही खूबसूरत पार्क है। पर्यटक यहाँ पिकनिक मनाने आते हैं।
9. झूलती मीनारें – पल्ला गाँव में स्थित हैं।
10. संगेल झील, चँदेली झील – नूँह में स्थित हैं।
1. नूँह जिला – हरियाणा का साक्षरता की दृष्टि से सबसे पिछड़ा जिला है (54.08%)।
2. चल न्यायालय – हरियाणा का पहला चल न्यायालय नूँह में है। (भारत का पहला 2007 में)
3. इंडियन आइडल सीजन 10 – सुरों के महासंग्राम ‘इंडियन आइडल सीजन 10’ का खिताब नूँह मेवात जिले के पुन्हाना शहर के सलमान अली ने जीता था।
4. सिंचाई का साधन – यमुना नदी।
5. अलग होकर बना – फरीदाबाद व गुरुग्राम से अलग करके बनाया गया।
6. सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति – हरियाणा में सबसे अधिक पिछड़ा हुआ जिला।
7. मुस्लिम बहुल क्षेत्र – हरियाणा का सबसे अधिक मुस्लिम बहुल क्षेत्र।
8. दादा हजरत दरिया पीर – नूँह के गाँव खेडला की मस्जिद में प्रति वर्ष दादा हजरत दरिया पीर का सालाना उर्स मनाया जाता है।
9. दक्षिणतम जिला – हरियाणा का सबसे दक्षिणी जिला नूँह है।
10. नाम परिवर्तन – मेवात का नाम बदलकर नूँह 13 अप्रैल, 2016 को किया गया।
11. कोटला की पहाड़ियाँ – हरियाणा में कोटला की पहाड़ियाँ नूँह में हैं।
12. मोबाइल कोर्ट – सबसे पहला मोबाइल कोर्ट वाला जिला नूँह है।
आई.पी.एम.टी. कोलकाता (खिलौना बनाने का प्रौद्योगिकी संस्थान) – यह संस्थान लचीले खिलौने बनाने के प्रशिक्षण के क्षेत्र में एक अनुभवी संगठन है।
शहीद हसन खान मेवाती मेडिकल कॉलेज नल्हड़ (नूँह) में है।
1. हसन खाँ – 1527 में खानवा के युद्ध में राणा सांगा का साथ दिया था।
2. ख्वाजा अहमद – प्रसिद्ध पत्रकार व लेखक।
3. सदरूद्दीन – 1857 के संग्राम के सेनानी।
4. तय्यब हुसैन – 3 राज्यों के मंत्री रह चुके राजनेता।
5. सलमान अली – गायक (इंडियन आइडल सीजन 10 के विजेता)।
Fact-checking आधार: जिला नूँह की आधिकारिक वेबसाइट, हरियाणा पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग, Census of India तथा Chief Electoral Officer, Haryana के उपलब्ध आधिकारिक रिकॉर्ड को प्राथमिकता दी गई है। जहाँ किसी पुराने/वर्तमान सरकारी पेज में असंगति दिखाई देती है, वहाँ अधिक स्पष्ट और नवीन आधिकारिक रिकॉर्ड को प्राथमिकता दी गई है।
| वर्तमान नाम | नूँह (Nuh) |
| पुराना जिला नाम | मेवात (Mewat) |
| जिला गठन | 4 अप्रैल 2005 |
| गठन के समय मुख्यालय | नूँह |
| पूर्व जिला | मुख्यतः गुड़गाँव जिला |
| गठन के समय प्रमुख ब्लॉक | नूँह, तावडू, नगीना, पुन्हाना, फिरोजपुर झिरका |
| वर्तमान मंडल | फरीदाबाद मंडल |
| जिला मुख्यालय | नूँह |
| क्षेत्रफल | 1,507 वर्ग किमी |
| 2011 जनगणना जनसंख्या | 10,89,406 |
| 2011 साक्षरता | 56.10% |
| 2011 लिंगानुपात | 906 महिलाएँ / 1000 पुरुष |
| प्रमुख भौगोलिक क्षेत्र | मेवात एवं अरावली क्षेत्र |
| प्रमुख समुदाय / सांस्कृतिक पहचान | मेव |
| प्रमुख व्यवसाय | कृषि |
| प्रमुख पर्वतीय पहचान | अरावली की पहाड़ियाँ / काला पहाड़ |
| विधानसभा क्षेत्र | नूँह, फिरोजपुर झिरका, पुन्हाना |
| लोकसभा | गुड़गाँव लोकसभा क्षेत्र |
| रेलवे | नूँह में रेलवे लाइन / स्टेशन नहीं |
| निकट प्रमुख रेलवे स्टेशन | पलवल, गुड़गाँव |
| प्रमुख ऐतिहासिक योद्धा | हसन खान मेवाती |
| प्रमुख ऐतिहासिक स्थल | कोटला दुर्ग, फिरोजपुर झिरका के स्मारक, नल्हड़ शिव मंदिर, चुईमल तालाब |
जिला प्रशासन के अनुसार नूँह का क्षेत्रफल 1,507 वर्ग किमी तथा 2011 की जनसंख्या 10,89,406 है। नूँह उत्तर में गुरुग्राम, पश्चिम में रेवाड़ी तथा पूर्व में फरीदाबाद और पलवल से घिरा है।
मेवात केवल वर्तमान नूँह जिले का नाम नहीं है। यह एक विस्तृत ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक क्षेत्र है, जिसका विस्तार हरियाणा के अतिरिक्त राजस्थान और उत्तर प्रदेश के कुछ क्षेत्रों तक रहा है। जिला प्रशासन के अनुसार ऐतिहासिक मेवात का संबंध प्राचीन मत्स्य-देश और शूरसेन क्षेत्र से भी जोड़ा जाता है।
मेवात = व्यापक ऐतिहासिक / सांस्कृतिक क्षेत्र
नूँह = वर्तमान प्रशासनिक जिला
इसी कारण 2016 में तत्कालीन मेवात जिले का नाम नूँह किया गया।
2016 → मेवात जिला → नूँह जिला
हरियाणा सरकार ने मेवात जिले का नाम उसके मुख्यालय नूँह के नाम पर करने का निर्णय लिया। एक प्रमुख कारण यह था कि “मेवात” किसी एक नगर तक सीमित नहीं बल्कि हरियाणा से बाहर राजस्थान और उत्तर प्रदेश तक फैला ऐतिहासिक-भौगोलिक क्षेत्र है।
HSSC Trick — “मेवात क्षेत्र बड़ा, नूँह जिला छोटा।”
नूँह का क्षेत्र दक्षिणी हरियाणा के अरावली-सम्बद्ध भूभाग में आता है। यहाँ की ऐतिहासिक पहचान केवल मध्यकालीन मेवात से नहीं बल्कि दक्षिणी हरियाणा की पुरानी भौगोलिक-सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़ी है।
प्राचीन मेवात की भौगोलिक स्थिति इसे राजस्थान, हरियाणा और उत्तर भारत के बीच संपर्क क्षेत्र बनाती थी।
जिला प्रशासन की भौगोलिक जानकारी में मेवात क्षेत्र को प्राचीन मत्स्य-देश तथा शूरसेन के हिस्सों से संबंधित बताया गया है। इसे परीक्षा में क्षेत्रीय ऐतिहासिक संदर्भ के रूप में पढ़ना चाहिए, न कि वर्तमान नूँह जिले की निश्चित प्राचीन प्रशासनिक सीमा के रूप में।
भ्रम: पूरा वर्तमान नूँह जिला प्राचीन मत्स्य जनपद का ही हिस्सा था।
सही: आधिकारिक जिला विवरण मेवात क्षेत्र को प्राचीन मत्स्य-देश/शूरसेन से जोड़ता है; प्राचीन सीमाएँ वर्तमान जिला सीमाओं जैसी नहीं थीं।
नूँह का इतिहास मध्यकाल में विशेष रूप से महत्वपूर्ण हो जाता है। दिल्ली सल्तनत के दक्षिणी सीमा क्षेत्र के रूप में मेवात का राजनीतिक और सामरिक महत्व बहुत अधिक था।
अरावली की पहाड़ियों, दुर्गम भूगोल और दिल्ली के निकटता के कारण यह क्षेत्र दिल्ली के शासकों के लिए लगातार महत्वपूर्ण रहा।
मेवात के मध्यकालीन इतिहास में बहादुर नाहर खान का विशेष महत्व है।
हरियाणा पुरातत्व विभाग के अनुसार वर्तमान नूँह के निकट कोटला ऐतिहासिक रूप से मेवात की राजधानी से जुड़ा था और कोटला दुर्ग का संबंध बहादुर नाहर खान से है। पुरातत्व विभाग इस दुर्ग को 15वीं शताब्दी के स्मारक के रूप में सूचीबद्ध करता है, जबकि उसके इतिहास में 1380 ई. से बहादुर नाहर खान द्वारा इसके निर्माण/विकास का संबंध बताया गया है।
बहादुर नाहर खान → कोटला → मेवात → खाँजादा परंपरा
मध्यकालीन मेवात पर खाँजादा राजपूत शासकों का प्रभाव रहा।
मेवात का राजनीतिक इतिहास दिल्ली सल्तनत, स्थानीय शासकों और बाद में मुगलों के बीच शक्ति-संघर्ष से जुड़ा रहा।
कोटला इसका महत्वपूर्ण केंद्र था।
नूँह/मेवात के इतिहास का सबसे महत्वपूर्ण परीक्षा-योग्य नाम:
हसन खान मेवाती
वे मेवात के प्रमुख शासक थे और 1527 के खानवा युद्ध में राणा सांगा की ओर से बाबर के विरुद्ध लड़े।
हसन खान मेवाती ने इब्राहिम लोदी का समर्थन किया।
हसन खान मेवाती ने राणा सांगा का साथ दिया।
बाबर विजयी हुआ और हसन खान मेवाती युद्ध में मारे गए। IGNCA में उपलब्ध ऐतिहासिक सामग्री भी हसन खान मेवाती को खानवा युद्ध में राणा सांगा के पक्ष में लड़ने और युद्ध में वीरगति प्राप्त करने से जोड़ती है।
“पानीपत में लोदी, खानवा में सांगा — हसन खान मेवाती दोनों में बाबर के विरोधी।”
खानवा के बाद मेवात की स्वतंत्र राजनीतिक शक्ति कमजोर हुई और क्षेत्र मुगल साम्राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था में शामिल होता गया।
अकबर काल तक मेवात मुगल राजस्व/प्रशासनिक व्यवस्था का हिस्सा बन चुका था।
इस काल में मेवात दिल्ली-आगरा और राजस्थान के बीच महत्वपूर्ण भू-भाग था।
ब्रिटिश काल में मेवात का क्षेत्र विभिन्न प्रशासनिक एवं रियासती व्यवस्थाओं से प्रभावित रहा।
वर्तमान नूँह क्षेत्र बाद में गुड़गाँव जिले की प्रशासनिक व्यवस्था का हिस्सा बना।
मेवात का एक बड़ा ऐतिहासिक भाग वर्तमान हरियाणा से बाहर भी फैला हुआ था, विशेषकर राजस्थान की ओर।
नूँह/मेवात का क्षेत्र 1857 के विद्रोह में सक्रिय रहा।
मेवाती विद्रोहियों ने ब्रिटिश सत्ता को चुनौती दी और नूँह, तावडू, पुन्हाना, फिरोजपुर झिरका तथा आसपास के क्षेत्रों में विद्रोही गतिविधियाँ हुईं।
सरकारी/ऐतिहासिक अभिलेखों पर आधारित सामग्री में मेवात के विद्रोहियों द्वारा बहादुर शाह जफर को सम्राट मानने और स्थानीय प्रशासन अपने हाथ में लेने का उल्लेख मिलता है।
पिनंगवाँ के सदरुद्दीन का नाम 1857 के मेवाती विद्रोह से विशेष रूप से जुड़ा मिलता है।
मेवाती विद्रोहियों ने तावडू, सोहना, फिरोजपुर, पुन्हाना, पिनंगवाँ और नूँह जैसे क्षेत्रों में ब्रिटिश नियंत्रण को चुनौती दी।
ब्रिटिश सेनाओं ने विद्रोह को दबाने के लिए कठोर सैन्य कार्रवाई की। Rewari के 1857 संबंधी भारत सरकार के Digital District Repository में भी ब्रिटिश अधिकारी Showers की कार्रवाई के दौरान Mewat में दमन का उल्लेख है।
1857 → मेवात → सक्रिय मेवाती विद्रोह → सदरुद्दीन / स्थानीय नेतृत्व → ब्रिटिश दमन
नूँह जिले का घासेड़ा गाँव महात्मा गांधी की 1947 की यात्रा के कारण अत्यंत प्रसिद्ध है।
19 दिसंबर 1947 को गांधीजी के घासेड़ा आने और मेव समुदाय को भारत में रहने के लिए प्रेरित करने की परंपरा/ऐतिहासिक स्मृति मेवात की आधुनिक राजनीतिक-सामाजिक स्मृति का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस घटना को स्थानीय स्तर पर मेवात दिवस से भी जोड़ा जाता है।
चौधरी यासीन खान को गांधीजी को घासेड़ा बुलाने से जोड़कर बताया जाता है।
“घासेड़ा = गांधीजी = 19 दिसंबर 1947 = मेवात दिवस”
इस घटना की तिथि/विवरण के लिए उपलब्ध स्थानीय ऐतिहासिक स्रोतों में वर्णन मिलता है; इसे 1857 की घटना के साथ भ्रमित न करें।
स्वतंत्रता के बाद यह क्षेत्र पंजाब राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था का हिस्सा रहा।
हरियाणा राज्य के गठन के बाद वर्तमान नूँह क्षेत्र गुड़गाँव जिले का हिस्सा रहा।
यही प्रशासनिक स्थिति आगे चलकर 2005 में अलग जिले के निर्माण की पृष्ठभूमि बनी।
4 अप्रैल 2005
हरियाणा सरकार के राजस्व विभाग की अधिसूचना:
Notification No. S.O.30/P.A.17/1887/S.5/2005
के माध्यम से मेवात जिले का गठन किया गया।
मुख्यालय — नूँह
जिला पुराने गुड़गाँव जिले से लिए गए पाँच प्रमुख ब्लॉकों से बनाया गया:
जिला गठन: 4 अप्रैल 2005
पुराना नाम: मेवात
मुख्यालय: नूँह
मुख्य पूर्व जिला: गुड़गाँव
मेवात जिले के गठन के समय व्यापक क्षेत्रीय संरचना में हथीन क्षेत्र का संबंध भी रहा, लेकिन बाद में हथीन को पलवल जिले में शामिल किया गया।
पुराने मेवात के आँकड़े देखकर उन्हें वर्तमान नूँह जिले के आँकड़े न मानें।
जिला प्रशासन की आधिकारिक इतिहास सामग्री के अनुसार अगस्त 2013 में नूँह में सत्र प्रभाग (Sessions Division) बनाया गया।
2016 में मेवात जिले का नाम बदलकर नूँह किया गया।
मुख्य कारण:
हरियाणा सरकार द्वारा नाम परिवर्तन को 2016 में स्वीकृति दी गई और बाद में औपचारिक प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी हुई।
नवीन जिला प्रशासनिक रिकॉर्ड के अनुसार नूँह जिले की वर्तमान प्रशासनिक संरचना निम्न प्रकार है।
फरीदाबाद मंडल में फरीदाबाद, पलवल और नूँह शामिल हैं।
नवीन Subdivision & Blocks पेज पर नगीना को फिरोजपुर झिरका उपमंडल के अंतर्गत उप-तहसील के रूप में दर्शाया गया है।
जिला वेबसाइट के कुछ पुराने/दस्तावेजी पन्नों में इंद्री नामक उप-तहसील भी दिखाई देती है, जबकि नवीन संगठन चार्ट/ Subdivision पेज पर नगीना प्रदर्शित है। इसलिए परीक्षा में वर्तमान प्रशासन के लिए नवीन Subdivision & Blocks पेज को प्राथमिकता देना सुरक्षित है।
जिला प्रशासन की Village & Panchayats सूची भी इन पाँच ब्लॉक संरचनाओं को दर्शाती है।
नूँह दक्षिणी हरियाणा के महत्वपूर्ण अरावली क्षेत्र में स्थित है।
नूँह की भौगोलिक पहचान अरावली पर्वतमाला से गहराई से जुड़ी है। मेवात की अरावली पहाड़ियों को स्थानीय रूप से काला पहाड़ भी कहा जाता है।
जिला प्रशासन के मानचित्र विवरण में मेवात क्षेत्र के लिए लगभग 27°54′05″ उत्तर अक्षांश तथा 77°10′50″ पूर्व देशांतर दिया गया है।
नूँह का सबसे प्रमुख प्राकृतिक भौगोलिक तत्व।
अरावली की पहाड़ियाँ नूँह को हरियाणा के अन्य मैदानी जिलों से अलग विशिष्ट भौगोलिक स्वरूप देती हैं।
नूँह की जलवायु अपेक्षाकृत शुष्क/अर्ध-शुष्क प्रकृति की है।
अप्रैल-मई में आर्द्रता काफी कम हो सकती है।
नूँह में हरियाणा के यमुना-मैदानी जिलों जैसी बड़ी बारहमासी नदी प्रणाली नहीं है।
क्षेत्र में वर्षा पर निर्भर कृषि और स्थानीय जलाशयों/तालाबों का महत्व अधिक है।
नल्हड़ क्षेत्र में अरावली की पहाड़ियों से जुड़ा जलाशय और शिव मंदिर प्रसिद्ध है।
स्थान: नल्हड़, नूँह
यह अरावली की तलहटी में स्थित प्रसिद्ध शिव मंदिर है।
मंदिर से ऊपर पहाड़ी क्षेत्र की ओर जाने के लिए सीढ़ियाँ हैं। यहाँ प्राकृतिक जल स्रोत/जलाशय भी है।
स्थानीय मान्यता के अनुसार पांडवों ने अपने वनवास के दौरान यहाँ जल ग्रहण किया था।
इसे पौराणिक/स्थानीय मान्यता के रूप में पढ़ें, प्रमाणित ऐतिहासिक घटना के रूप में नहीं। जिला प्रशासन की पर्यटन सामग्री भी पांडवों से जुड़ी इस बात को “मान्यता” के रूप में प्रस्तुत करती है।
नल्हड़ → शिव मंदिर → अरावली → जलाशय → पांडव मान्यता
नूँह का अरावली क्षेत्र हरियाणा के दक्षिणी वन-परिदृश्य का हिस्सा है।
अरावली क्षेत्र में तेंदुए सहित विभिन्न स्तनधारी प्रजातियों की उपस्थिति का उल्लेख मिलता है।
नूँह को किसी ऐसे राष्ट्रीय उद्यान/वन्यजीव अभयारण्य से न जोड़ें जो आधिकारिक संरक्षित क्षेत्र सूची में जिले के नाम पर घोषित न हो।
नूँह की अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार।
जिला प्रशासन के अनुसार कृषि मुख्य व्यवसाय है और बड़ी आबादी की आजीविका इससे जुड़ी है। कृषि का बड़ा हिस्सा वर्षा पर निर्भर है।
डेयरी आय का महत्वपूर्ण सहायक स्रोत है।
अरावली के निकट क्षेत्रों में भेड़ + बकरी पालन भी महत्वपूर्ण है।
नूँह पारंपरिक रूप से कृषि प्रधान जिला है।
यहाँ MMTC-PAMP का कारखाना स्थित है। जिला प्रशासन इसे जिले की औद्योगिक गतिविधियों में प्रमुख उदाहरण के रूप में उल्लेखित करता है।
नूँह → कृषि प्रधान | रौजका-मेओ → औद्योगिक क्षेत्र
नूँह के प्रमुख ऐतिहासिक स्थलों में से एक।
हरियाणा पुरातत्व विभाग के अनुसार कोटला कभी मेवात की राजधानी से जुड़ा था और यहाँ का किला लगभग चार एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ है। इसमें प्राचीर, बुर्ज, द्वार और सुरंग जैसी संरचनाएँ हैं।
कोटला → बहादुर नाहर खान → मेवात
हरियाणा पुरातत्व विभाग इसे Fortress of Taoru के रूप में सूचीबद्ध करता है।
इसे स्थानीय रूप से राजा का महल भी कहा जाता है। इसका स्थापत्य क्षेत्रीय/मुगल प्रभावों से जुड़ा है। ब्रिटिश काल में इसके एक हिस्से का उपयोग पुलिस स्टेशन के रूप में हुआ।
नूँह का राज्य संरक्षित ऐतिहासिक स्मारक।
हरियाणा पुरातत्व विभाग की राज्य संरक्षित स्मारक सूची में नूँह के Mughal Sarai का उल्लेख मिलता है।
यह नूँह के ऐतिहासिक परिवहन एवं मार्ग-आधारित महत्व को दर्शाने वाले स्मारकों में शामिल है।
फिरोजपुर झिरका नूँह जिले का महत्वपूर्ण ऐतिहासिक नगर है।
हरियाणा पुरातत्व विभाग के अनुसार यह जैन मंदिर है। मंदिर में तीन तीर्थंकरों के लिए गर्भगृह, सभा-मंडप और प्रदक्षिणा-पथ का उल्लेख मिलता है।
इसके स्थापत्य में तत्कालीन लोदी शैली का प्रभाव दिखाई देता है।
देहरा मंदिर → फिरोजपुर झिरका → 1451 → जैन → लोदी स्थापत्य प्रभाव
हरियाणा के संरक्षित ऐतिहासिक स्थलों में उल्लेखित स्थल।
स्थान: पिनंगवाँ/पुन्हाना क्षेत्र
हरियाणा पुरातत्व विभाग की संरक्षित स्थलों की सूची में Pinangwan Baoli and Tomb का उल्लेख है। यह जल-संरचना एवं मकबरे से जुड़ा ऐतिहासिक स्थल है।
यह नक्काशीदार/निर्मित तालाब तथा छतरियों/स्मारक संरचनाओं से जुड़ा प्रसिद्ध स्थल है।
जिला प्रशासन के अनुसार तालाब के साथ सेठ चुईमल की छतरी/स्मारक और कई cenotaphs हैं। यह निजी संपत्ति से संबंधित स्थल के रूप में वर्णित है।
चुईमल तालाब ≠ ASI संरक्षित स्मारक
नल्हड़ शिव मंदिर — नल्हड़, नूँह; अरावली की तलहटी में स्थित प्रसिद्ध धार्मिक स्थल।
शिव मंदिर — फिरोजपुर झिरका।
जामा मस्जिद — फिरोजपुर झिरका।
देहरा मंदिर — फिरोजपुर झिरका; जैन परंपरा से संबंधित ऐतिहासिक मंदिर।
शाही मस्जिद — मालब।
शेख मूसा की दरगाह एवं झूली मीनार — नूँह क्षेत्र के महत्वपूर्ण ऐतिहासिक-धार्मिक स्थलों में शामिल। हरियाणा पुरातत्व विभाग की राज्य संरक्षित स्मारक सूची में इसका उल्लेख है।
यह नूँह/मेवात क्षेत्र का प्रमुख सरकारी चिकित्सा संस्थान है।
कॉलेज की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार यह हरियाणा का महत्वपूर्ण चिकित्सा संस्थान है और इसकी स्थापना अगस्त 2012 में हुई।
नल्हड़ → SHKM Government Medical College
पल्ला, नूँह में स्थित प्रमुख उच्च शिक्षण संस्थान।
स्थान: पल्ला, नूँह
जिला प्रशासन की आधिकारिक सार्वजनिक उपयोगिता सूची में Mewat Engineering College, Palla दर्ज है।
स्थान: नूँह
यह जिला प्रशासन की कॉलेज सूची में दर्ज प्रमुख उच्च शिक्षण संस्थानों में है।
क्षेत्र: मध्यकालीन मेवात
विशेष: कोटला एवं मेवात की खाँजादा राजनीतिक परंपरा से संबंध।
क्षेत्र: आधुनिक मेवात राजनीति
विशेष: गांधीजी की घासेड़ा यात्रा से संबंधित प्रमुख स्थानीय राजनीतिक व्यक्तित्व।
नूँह की सांस्कृतिक पहचान से अत्यंत गहराई से जुड़ी हुई है।
नूँह क्षेत्र में हिंदी, मेवाती और उर्दू का प्रयोग देखने को मिलता है।
जिला प्रशासन के अनुसार नूँह में कोई रेल कनेक्टिविटी नहीं है।
नूँह = बिना रेलवे कनेक्टिविटी वाला जिला
निकट प्रमुख हवाई अड्डा: इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, नई दिल्ली
जिला प्रशासन के अनुसार नूँह से इसकी दूरी लगभग 63 किमी बताई गई है।
नूँह सड़क मार्ग से गुरुग्राम, पलवल, रेवाड़ी, फरीदाबाद तथा राजस्थान के क्षेत्रों से जुड़ा है।
जिला मुख्यालय नूँह सड़क परिवहन की दृष्टि से प्रमुख क्षेत्रीय केंद्र है।
CEO Haryana के निर्वाचन रिकॉर्ड में ये तीनों नूँह/मेवात क्षेत्र के अंतर्गत सूचीबद्ध हैं।
नूँह जिले के तीनों विधानसभा क्षेत्र इस लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा हैं।
यह 2024 विधानसभा चुनाव परिणाम है। वर्तमान राजनीतिक पदाधिकारी पूछे जाने पर नवीन निर्वाचन रिकॉर्ड देखना चाहिए।
जिला प्रशासन की वर्तमान वेबसाइट इन्हीं 2011 Census-आधारित आँकड़ों को जिला प्रोफाइल में प्रस्तुत करती है।
10,89,406 = 2011 Census । इसे 2026 की वास्तविक अनुमानित आबादी न समझें।
उपायुक्त: अखिल पिलानी, IAS
पुलिस अधीक्षक: डॉ. अर्पित जैन, IPS
मंडल आयुक्त: संजय जूून, IAS — फरीदाबाद मंडल
अधिकारियों के नाम बदलते रहते हैं, इसलिए इन्हें Static GK के बजाय Current Affairs श्रेणी में रखें।
HSSC • CET • Haryana Police • Group C/D • Patwari Special
परीक्षा में भ्रमित करने वाले महत्वपूर्ण तथ्य
❌ भ्रम: नूँह जिला 2016 में बना।
✅ सही तथ्य: जिला मेवात के नाम से 4 अप्रैल 2005 को बना; 2016 में इसका नाम नूँह किया गया।
💡 Trick: 2005 = जिला, 2016 = नाम
❌ भ्रम: मेवात केवल नूँह जिले का दूसरा नाम है।
✅ सही: मेवात एक व्यापक ऐतिहासिक/सांस्कृतिक क्षेत्र है; वर्तमान जिला 2016 से नूँह कहलाता है।
❌ भ्रम: नूँह का क्षेत्रफल 1,860 वर्ग किमी है।
✅ सही: नवीन जिला प्रोफाइल में 1,507 वर्ग किमी है।
💡 Trick: “Nuh = 1507”
❌ भ्रम: नूँह में रेलवे स्टेशन है।
✅ सही: जिला प्रशासन के अनुसार नूँह में रेलवे कनेक्टिविटी नहीं है।
❌ भ्रम: नल्हड़ में पांडवों का रहना ऐतिहासिक रूप से प्रमाणित है।
✅ सही: यह स्थानीय/पौराणिक मान्यता है।
❌ भ्रम: हसन खान मेवाती ने खानवा में बाबर का साथ दिया।
✅ सही: उन्होंने राणा सांगा के साथ बाबर के विरुद्ध युद्ध किया।
❌ भ्रम: कोटला किला तावडू में है।
✅ सही: कोटला दुर्ग — नूँह क्षेत्र।
तावडू — अलग दुर्ग।
❌ भ्रम: देहरा मंदिर मुस्लिम स्थापत्य स्मारक है।
✅ सही: यह जैन मंदिर है और लगभग 1451 ई. से संबंधित है।
❌ भ्रम: चुईमल तालाब ASI संरक्षित स्मारक है।
✅ सही: जिला प्रशासन के विवरण के अनुसार यह निजी संपत्ति से संबंधित है।
❌ भ्रम: नूँह की तीनों विधानसभा सीटें अलग-अलग लोकसभा क्षेत्रों में हैं।
✅ सही: नूँह, फिरोजपुर झिरका और पुन्हाना — तीनों गुड़गाँव लोकसभा क्षेत्र में हैं।
नूँह / मेवात — महत्वपूर्ण तिथियाँ
| वर्ष / तिथि | घटना |
|---|---|
| मध्यकाल | मेवात में खाँजादा राजनीतिक शक्ति का विकास |
| 1380 ई. | कोटला दुर्ग के निर्माण/बहादुर नाहर खान से संबंध का उल्लेख |
| 1451 ई. | देहरा मंदिर, फिरोजपुर झिरका से संबंधित तिथि |
| 1526 | प्रथम पानीपत युद्ध; हसन खान मेवाती ने इब्राहिम लोदी का समर्थन किया |
| 1527 | खानवा युद्ध; हसन खान मेवाती राणा सांगा के पक्ष में |
| 1857 | मेवात में ब्रिटिश विरोधी विद्रोह |
| 1 नवंबर 1966 | हरियाणा राज्य का गठन; क्षेत्र हरियाणा का हिस्सा बना |
| 1980 | मेवात विकास बोर्ड की स्थापना |
| अगस्त 2013 | नूँह में सत्र प्रभाग |
| 4 अप्रैल 2005 | मेवात जिला गठित |
| 2008 | हथीन क्षेत्र नए पलवल जिले में चला गया |
| 2016 | मेवात जिले का नाम नूँह हुआ |
| अगस्त 2012 | SHKM Government Medical College की स्थापना |
| 19 दिसंबर 1947 | गांधीजी की घासेड़ा यात्रा से जुड़ी स्थानीय ऐतिहासिक स्मृति |
| 2024 | नूँह, फिरोजपुर झिरका और पुन्हाना विधानसभा चुनाव |
2005 → मेवात जिला
4 अप्रैल 2005 → गठन
2016 → नूँह नाम
मुख्यालय → नूँह
मंडल → फरीदाबाद
क्षेत्रफल → 1,507 km²
Census 2011 → 10,89,406
भूगोल → अरावली
पहाड़ी पहचान → काला पहाड़
अर्थव्यवस्था → कृषि
ऐतिहासिक योद्धा → हसन खान मेवाती
खानवा → 1527
कोटला → बहादुर नाहर खान
देहरा मंदिर → जैन → 1451
नल्हड़ → शिव मंदिर
घासेड़ा → गांधीजी → 19 दिसंबर 1947
विधानसभा → नूँह + फिरोजपुर झिरका + पुन्हाना
लोकसभा → गुड़गाँव
रेलवे → नूँह में नहीं
मेडिकल कॉलेज → नल्हड़
Exam-Oriented Practice Set
उत्तर: B — मेवात
Explanation: 2005 में जिला मेवात के नाम से बना और बाद में इसका नाम नूँह किया गया।
उत्तर: C — 4 अप्रैल 2005
उत्तर: D — नूँह
उत्तर: C — गुड़गाँव
उत्तर: D — 2016
उत्तर: B — फरीदाबाद
उत्तर: C — नूँह
उत्तर: B — राजस्व विभाग
उत्तर: C — 1980
उत्तर: C — अगस्त 2013
उत्तर: B — 3
उत्तर: D — उपर्युक्त सभी
उत्तर: C — 79
उत्तर: B — 80
उत्तर: C — 81
उत्तर: C — गुरुगाँव
उत्तर: A — 1,507 km²
उत्तर: C — 10,89,406
उत्तर: B — 56.10%
उत्तर: C — 906
उत्तर: B — अरावली
उत्तर: B — काला पहाड़
उत्तर: B — गुरुग्राम
उत्तर: C — रेवाड़ी
उत्तर: B — फरीदाबाद और पलवल
उत्तर: B
उत्तर: C — जून-सितंबर
उत्तर: D — लगभग 80%
उत्तर: B — 336–440 मिमी
उत्तर: B — अरावली
उत्तर: A — मेवात
उत्तर: B — इब्राहिम लोदी
उत्तर: C — राणा सांगा
उत्तर: B — 1527
उत्तर: B — बाबर
उत्तर: A — बहादुर नाहर खान
उत्तर: A — मेवात
उत्तर: B — दक्षिण
उत्तर: C — 16वीं
उत्तर: C — फिरोजपुर झिरका
उत्तर: B — जैन
उत्तर: C — 1451
उत्तर: A — लोदी
उत्तर: A — सदरुद्दीन
उत्तर: A — पिनंगवाँ
उत्तर: B — बहादुर शाह जफर
उत्तर: C — 1947
उत्तर: B — 19 दिसंबर 1947
उत्तर: B — गांधीजी की 1947 यात्रा
उत्तर: B — नूँह
उत्तर: B — अरावली
उत्तर: B
उत्तर: C — स्थानीय/पौराणिक मान्यता
उत्तर: B — नूँह
उत्तर: A — सेठ चुईमल
उत्तर: B
उत्तर: A — देहरा मंदिर
उत्तर: A — जामा मस्जिद
उत्तर: A — नूँह
उत्तर: C — 16वीं-17वीं
उत्तर: B — कृषि
उत्तर: A — डेयरी
उत्तर: B — भेड़ और बकरी
उत्तर: A — औद्योगिक क्षेत्र
उत्तर: A — MMTC-PAMP
उत्तर: B — नल्हड़
उत्तर: C — अगस्त 2012
उत्तर: A — पल्ला
उत्तर: A — नूँह
उत्तर: C — कोई रेल कनेक्टिविटी नहीं
उत्तर: A — पलवल
उत्तर: C — लगभग 37 किमी
उत्तर: C
उत्तर: C — 4
उत्तर: A — तावडू
उत्तर: C — 5
उत्तर: A — नगीना
उत्तर: D — होडल
उत्तर: B — उप-तहसील
उत्तर: A — फरीदाबाद
उत्तर: A — मेवात
उत्तर: B
उत्तर: A — मेव
उत्तर: A — अरावली
उत्तर: A — बहादुर नाहर खान
उत्तर: B — खानवा
उत्तर: B — राणा सांगा
उत्तर: A — अरावली की तलहटी
उत्तर: B — महात्मा गांधी
उत्तर: D — 1947
उत्तर: A
उत्तर: A
उत्तर: C — 56.10%
उत्तर: C — 10.89 लाख
उत्तर: A — 4 अप्रैल 2005
उत्तर: B — नूँह
उत्तर: B — गुरुगाँव
उत्तर: C — रेल
उत्तर: D — उपर्युक्त सभी
उत्तर: D — उपर्युक्त सभी
GK247.IN • नूँह जिला Complete HSSC / HPSC / CET Exam Revision
2005 = जिला • 2016 = नाम • अरावली • हसन खान • खानवा • कोटला • नल्हड़ • घासेड़ा
जिला गठन: 4 अप्रैल 2005
गठन के समय नाम: मेवात
वर्तमान नाम: नूँह
नाम परिवर्तन: 2016
मुख्यालय: नूँह
मंडल: फरीदाबाद
क्षेत्रफल: 1,507 वर्ग किमी
2011 जनसंख्या: 10,89,406
साक्षरता: 56.10%
लिंगानुपात: 906
प्रमुख पर्वत: अरावली
स्थानीय पर्वतीय नाम: काला पहाड़
मुख्य व्यवसाय: कृषि
ऐतिहासिक शासक: हसन खान मेवाती
महत्वपूर्ण युद्ध: खानवा
खानवा: 1527
कोटला: बहादुर नाहर खान
देहरा मंदिर: फिरोजपुर झिरका, जैन, लगभग 1451
नल्हड़: शिव मंदिर
घासेड़ा: गांधीजी की 1947 यात्रा
विधानसभा: नूँह, फिरोजपुर झिरका, पुन्हाना
लोकसभा: गुड़गाँव
रेलवे: नूँह में रेल कनेक्टिविटी नहीं
मेडिकल कॉलेज: SHKM, नल्हड़
| वर्ष / तिथि | महत्वपूर्ण घटना |
|---|---|
| 1526 | प्रथम पानीपत युद्ध — हसन खान मेवाती ने इब्राहिम लोदी का समर्थन किया। |
| 1527 | खानवा युद्ध — हसन खान मेवाती राणा सांगा के पक्ष में। |
| 1857 | मेवात में ब्रिटिश विरोधी विद्रोह। |
| 1 नवंबर 1966 | हरियाणा राज्य का गठन। |
| 1980 | मेवात विकास बोर्ड की स्थापना। |
| 4 अप्रैल 2005 | मेवात जिला गठित। |
| अगस्त 2012 | SHKM Government Medical College की स्थापना। |
| अगस्त 2013 | नूँह में सत्र प्रभाग। |
| 2016 | मेवात जिले का नाम नूँह हुआ। |
| 19 दिसंबर 1947 | गांधीजी की घासेड़ा यात्रा से जुड़ी प्रसिद्ध स्थानीय ऐतिहासिक तिथि। |
प्राचीन मेवात की सीमाएँ वर्तमान नूँह जिला सीमाओं के समान नहीं थीं।
प्रागैतिहासिक/हड़प्पा संबंधी बड़े दावे वर्तमान नूँह जिले के लिए पर्याप्त प्राथमिक प्रमाण के बिना नहीं जोड़े गए हैं।
नल्हड़-पांडव संबंध को स्थानीय/पौराणिक मान्यता के रूप में रखा गया है।
चुईमल तालाब को ASI संरक्षित स्मारक नहीं बताया गया है।
वर्तमान प्रशासनिक संरचना में पुराने और नवीन रिकॉर्ड के अंतर को अलग से चिह्नित किया गया है।
2011 Census को वर्तमान 2026 आबादी नहीं माना गया है।
अधिकारियों के नाम को Static GK नहीं बल्कि Current GK माना गया है।
Static GK: प्रशासनिक गठन, ऐतिहासिक घटनाएँ, भौगोलिक पहचान और ऐतिहासिक स्मारक।
Census: 10,89,406 जनसंख्या, 56.10% साक्षरता और 906 लिंगानुपात 2011 Census के तथ्य हैं।
Current GK: वर्तमान अधिकारी, प्रशासनिक पदाधिकारी तथा समय के साथ बदलने वाले पद/दायित्व अलग से अपडेट किए जाने चाहिए।
Historical Caution: नल्हड़-पांडव संबंध को ऐतिहासिक प्रमाण के रूप में नहीं, बल्कि स्थानीय/पौराणिक मान्यता के रूप में पढ़ें।
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